'हमें खिलाड़ियों को घंटों तक...' पाकिस्तान की इंग्लैंड में बद से बदतर हालत पर कोच का बयान वायरल, जानिए मसूद और अजान को क्या कहा?
Pakistan vs England : पाकिस्तान क्रिकेट टीम की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है. पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो मैच पाकिस्तान गंवा चुकी है. पाकिस्तान क्रिकेट टीम का इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अब तक 5 पारियों में एक बार भी 200 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है. पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम में तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस मुकाबले का आज तीसरा दिन है, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आज ही इंग्लैंड के हाथों बड़े अंतर से हार मिलने की संभावना है.
पाकिस्तान को तीसरे दिन मिल सकती है हार
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने पहली पारी में पहले बैटिंग करते हुए 33.5 ओवर में 133 रन बनाए. इंग्लैंड ने पहली पारी में पाकिस्तान के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और पहली पारी में 89 ओवर्स में 453 रन बनाए. इंग्लैंड ने पहली पारी के आधार पर पाकिस्तान पर 320 रनों की बढ़त हासिल की. इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम दूसरे दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में 12.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 52 रन बना चुकी है. इंग्लैंड की अभी भी 268 रन आए है.
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माइकल स्मिथ ने खिलाड़ियों पर दिया बड़ा बयान
आज मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड के गेंदबाज 8 और विकेट लेकर पाकिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप करना चाहेंगे. उससे पहले दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद पाकिस्तान के बल्लेबाजी कोच माइकल स्मिथ ने बड़ा बयान दिया है. पाक टीम के बल्लेबाजी कोच भी खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन नाराज है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने प्लेयर्स का समर्थन किया है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इसके बारे में जानते हैं.
माइकल स्मिथ ने कहा कि, 'दूसरे टेस्ट के बाद चल रही जांच के बारे में मुझे कुछ नहीं पता. मैं इस तरह की किसी भी चीज पर टिप्पणी नहीं कर सकता. खिलाड़ियों की बात करें, तो पाकिस्तान में बहुत क्वालिटी है. हमने इसे कई सालों से देखा है और कई देशों में थोड़े-बहुत बदलाव होते हैं. यह एक ऐसा देश है जहां हमारे पास कुछ युवा खिलाड़ी के साथ कुछ अनुभवी खिलाड़ी भी हैं. यह सीखने की बात है और हम उन्हें कितनी जल्दी सीखा सकते हैं और टेस्ट के माहौल में सहज बना सकते हैं. इससे उन्हें लंबे समय में सच में मदद मिलेगी'.
खिलाड़ियों को घंटो तक खेलने की जरूरत है - माइकल
माइकल स्मिथ ने आगे कहा कि, 'हमने कुछ बहुत अच्छे संकेत दिखाए हैं. मुझे लगता है कि शायद सबसे बड़ा सबक यह है कि हमें अपने कुछ खिलाड़ियों को कभी-कभी कुछ खास गेम प्लान के तहत घंटों तक खेलने की जरूरत है. सऊद शकील ने हमें कई बार दिखाया है. अजान अवैस और शान मसूद ने भी दिखाया है. हमें इसकी जरूरत घंटों तक है, न कि सिर्फ आधे सेशन के लिए'.
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उन्होंने ने कहा कि, 'कुछ खिलाड़ियों का यह इंग्लैंड का पहला टूर है. उन्हें टेस्ट का ज्यादा अनुभव नहीं है. वे कुछ मुश्किल सबक सीख रहे हैं और उन्हें टेस्ट सर्किट पर सीखना होगा जो एक मुश्किल काम है. हमें यह पक्का करते रहना होगा कि हम कभी-कभी छोटे-छोटे अच्छे संकेत दिखा रहे हैं, लेकिन अब हमें उस कॉन्फिडेंस को फिर से पाने के लिए बड़ा खेल दिखाने की जरूरत है'.
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भारत में 80 लाख से ज्यादा एचपीवी टीकाकरण हुए पूरे : स्वास्थ्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने हेल्थ सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। देश में 80 लाख से ज्यादा एचपीवी टीकाकरण पूरे हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी एक्स पर पोस्ट के जरिए दी है।
मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, भारत ने 80 लाख एचपीवी टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है, जो प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को मजबूत करने और एचपीवी संक्रमण और इससे जुड़े कैंसर से सुरक्षा को आगे बढ़ाने में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हर टीकाकरण के साथ, भारत अपनी बेटियों के लिए एक स्वस्थ, कैंसर-मुक्त भविष्य की ओर एक और कदम बढ़ा रहा है।
एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन एक सुरक्षित और बेहद असरदार टीका है। यह उन संक्रमणों को रोकता है जो सर्वाइकल कैंसर, एनल और गले के कैंसर के साथ-साथ जननांग में मस्से का कारण बनते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह वैक्सीन हाई-रिस्क एचपीवी स्ट्रेन से बचाती है, जो 90 प्रतिशत तक सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह लंबे समय तक सुरक्षा देती है और कैंसर से पहले होने वाले सेल बदलावों को रोकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन सबसे ज्यादा असरदार 9 से 14 साल की उम्र के लिए यह सबसे अच्छी मानी जाती है। इस उम्र में आमतौर पर 2 डोज की जरूरत होती है। भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत सिंगल-डोज अप्रोच भी अपनाई जा रही है।
वहीं, 15 से 26 साल और कुछ वयस्कों के लिए 45 साल तक के लोगों को कैच-अप के तौर पर 3 डोज दी जाती है, जो छह महीने के अंदर पूरी की जाती है। बड़ी उम्र के टीनएजर्स और वयस्कों को भी इसका फायदा मिलता है, हालांकि सबसे अच्छा असर वायरस के संपर्क में आने से पहले होता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर व्यापक निगरानी से यह साबित हुआ है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे कोई लॉन्ग टर्म हेल्थ प्रॉब्लम नहीं होती। इसके कुछ सामान्य हल्के साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा या सूजन, हल्का बुखार, सिरदर्द या थकान। ये कुछ समय में खुद ठीक हो जाते हैं।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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