आज का पंचांग 11 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जो सुबह 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: शुक्रवार
- नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी, दोपहर 1:17 बजे तक
- योग: साध्य योग, शाम 5:02 बजे तक
- करण: अमावस्या तिथि के अनुसार करण
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:54 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:17 बजे से 6:09 बजे तक
- अमृत मुहूर्त: नहीं
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:22 बजे से 3:06 बजे तक
राहुकाल
- दिल्ली: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
- मुंबई: सुबह 11:03 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
- भोपाल: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक
- लखनऊ: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक
- कोलकाता: सुबह 10:00 बजे से 11:33 बजे तक
- चेन्नई: सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:03 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:31 बजे
आज के व्रत
- भाद्रपद अमावस्या व्रत
- कुशोत्पाटिनी अमावस्या / कुशाग्रहणी अमावस्या
आज का धार्मिक महत्व
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर स्नान-दान और पितरों के निमित्त तर्पण करना शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों की प्रसन्नता के लिए पीपल के पेड़ की पूजा और उसके नीचे दीपक जलाने की भी परंपरा है। मान्यता है कि अमावस्या पर किए गए स्नान-दान से व्यक्ति को पुण्य फल प्राप्त होता है। कुशा का ग्रहण भी इस दिन का विशेष धार्मिक कर्म है, जिसका उपयोग वर्षभर होने वाले पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है।
आज राहुकाल कब है?: राहुकाल स्थान के अनुसार अलग-अलग रहेगा। दिल्ली में सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक और भोपाल में सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक राहुकाल रहेगा।
दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम पर हुआ भव्य स्वागत; PM मोदी से होगी अहम द्विपक्षीय वार्ता
BRICS Summit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उनका औपचारिक स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया. हवाई अड्डे से पुतिन का काफिला आईटीसी मौर्या होटल के लिए रवाना हुआ, जहां उनके प्रवास की पूरी व्यवस्था की गई है. बीते नौ महीनों के भीतर पुतिन की यह दूसरी भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक रिश्तों और ब्रिक्स सम्मेलन की अहमियत को दर्शाती है.
राजधानी में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
रूसी राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. हवाई अड्डे से लेकर उनके होटल और सम्मेलन स्थल भारत मंडपम तक के पूरे मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. रूसी सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने पहले ही भारत पहुंचकर स्थानीय सुरक्षा टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया था. राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा के लिए चार स्तरीय घेरा तैयार किया गया है. सबसे भीतरी और मुख्य सुरक्षा का जिम्मा क्लोज प्रोटेक्शन टीम के पास है, जो हर पल राष्ट्रपति के निकट तैनात रहेगी. इसके बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का घेरा रहेगा, जबकि तीसरे स्तर पर विशेष कमांडो और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. सबसे बाहरी परत स्थानीय पुलिस की है. होटल के स्टाफ का पूर्ण सत्यापन किया गया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग पारियों में सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
#WATCH | Russian President Vladimir Putin’s convoy leaves from Delhi Airport.
— ANI (@ANI) September 10, 2026
President Putin arrived in the national capital tonight for the BRICS Summit 2026. During his visit, he will also hold talks with PM Narendra Modi and have a series of bilateral meetings. pic.twitter.com/JwDd7Ebq3q
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द्विपक्षीय वार्ता और वैश्विक एजेंडा
शिखर सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रमों से इतर राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता होगी. शुक्रवार को आयोजित होने वाली इस बैठक में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग जैसे प्राथमिक विषयों पर गहन चर्चा होने की संभावना है. दोनों देश अपने पारंपरिक संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण समझौतों पर बातचीत आगे बढ़ाएंगे. भारत इस वर्ष ब्रिक्स संगठन की अध्यक्षता कर रहा है और 12 एवं 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित रहेगा. दुनिया भर के प्रमुख नेताओं का इस बैठक में जुटना भारत की वैश्विक साख को मजबूती प्रदान करता है, वहीं पुतिन की समय पर उपस्थिति इस बहुपक्षीय मंच की प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है.
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