Duleep Trophy: वाइल्ड Child से लीडर बने ईशान किशन, कप्तानी ने बदला पूरा अंदाज; खुद बयां किया अनुभव
Ishan Kishan Duleep Trophy: ईशान किशन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के साथ-साथ अपने बदले हुए अंदाज की भी कहानी सुनाई है। दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के लिए 270 रन की बड़ी पारी खेलने वाले ईशान ने बताया कि झारखंड की कप्तानी ने उन्हें क्रिकेटर के साथ-साथ एक बेहतर इंसान बनने में भी मदद की।
ईशान ने 2024 में झारखंड की कप्तानी संभाली थी। इससे पहले 2023 के आखिर में उनका BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी चला गया था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और झारखंड की कमान संभाली। जब भी वह उपलब्ध रहे, टीम की कप्तानी करते रहे।
सोच में आया बदलाव, शांत और समझदार बने
ईशान का मानना है कि कप्तानी मिलने के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया। जिम्मेदारी ने उन्हें ज्यादा शांत और समझदार बनाया। उन्होंने कहा- अब वह अपने वाइल्ड चाइल्ड वाले दिनों से काफी दूर आ गए हैं। उन्होंने कहा- अब उन्हें टीम के लिए मुख्य भूमिका निभानी होगी। आगे कहा- जब खिलाड़ी युवा होता है तो वह सीनियर खिलाड़ियों पर भरोसा करता है और सोचता है कि उसका काम उनका साथ देना है। लेकिन अब वह टीम में स्थापित हो चुके हैं, इसलिए रन बनाने और टीम का स्कोर ऊपर ले जाने की जिम्मेदारी उन्हें खुद उठानी होगी।
That moment when Ishan Kishan reached 2️⃣5️⃣0️⃣ ????????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
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कप्तानी ने ईशान को सिर्फ अपनी बल्लेबाजी तक सीमित रहने के बजाय पूरे मैदान को समझना सिखाया। उन्होंने कहा कि कप्तान को पूरे दिन परिस्थितियों पर नजर रखनी होती है। उसे यह देखना होता है कि क्या हो रहा है और क्या नहीं, साथ ही अपने सभी खिलाड़ियों का ध्यान भी रखना पड़ता है।
खिलाड़ी की बेहतरी से टीम को फायदा
ईशान ने यह भी माना कि कप्तान बनने के बाद उन्हें खिलाड़ियों की छोटी-छोटी जरूरतों पर ध्यान देना सीखना पड़ा। नेट्स में बल्लेबाजी करके चले जाना काफी नहीं है। कप्तान की जिम्मेदारी है कि वह अपने साथियों को बेहतर बनाने में मदद करे। क्योंकि जब खिलाड़ी बेहतर होते हैं, तभी टीम अपने लक्ष्य तक पहुंचती है। दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनकी 270 रन की पारी भी इसी बदली सोच की मिसाल रही। ईशान ने कहा कि वह कई मौकों पर आक्रामक शॉट खेल सकते थे, लेकिन उन्होंने टीम के लक्ष्य को प्राथमिकता दी।
ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और लक्ष्य बड़ा स्कोर खड़ा करना था। ऐसे में ईशान ने धैर्य रखा, शॉट सेलेक्शन पर ध्यान दिया और लंबी पारी खेली। उन्होंने कहा कि वह इस पारी से बेहद खुश हैं, क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम के लक्ष्य को महत्व दिया। ईशान की यह पारी बताती है कि उनकी बल्लेबाजी में सिर्फ रन ही नहीं, बल्कि सोच में भी बदलाव आया है। 2024 की कप्तानी से शुरू हुआ यह सफर अब उन्हें एक ज्यादा जिम्मेदार और परिपक्व खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
Pak match fixing allegations: पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग का साया? लॉर्ड्स टेस्ट के बाद PCB ने शुरू की जांच
pakistan cricket match fixing allegations: इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम में मचा घमासान अब जांच तक पहुंच गया है। लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रन की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने खिलाड़ियों के अनुशासन और आचरण को लेकर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। PCB के प्रवक्ता आमिर मीर ने सोमवार, 7 सितंबर को इसकी पुष्टि की। हालांकि, बोर्ड ने यह नहीं बताया कि जांच किस खिलाड़ी या किस घटना को लेकर है।
आमिर मीर ने कहा कि PCB ने मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। उन्होंने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया बोर्ड के नियमों के तहत होगी और संबंधित सभी लोगों का पक्ष ध्यान में रखा जाएगा।
The Pakistan Cricket Board has initiated an internal disciplinary inquiry following media reports concerning discipline and conduct, which are currently being reviewed internally. The PCB handles such matters in accordance with its standard procedures. The process is being…
— Amir Mir (@AmirMirpcb) September 7, 2026
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान टीम में पहले ही बड़ा फेरबदल हो चुका है। इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हराया था। इसके बाद लॉर्ड्स में पाकिस्तान को 194 रन से हार मिली और इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।
एक साथ बड़ी कार्रवाई से भी शक
दूसरे टेस्ट के बाद PCB ने मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, आमिर जमाल और मोहम्मद आवैस जफर को टीम से बाहर कर दिया। वहीं हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल की भी छुट्टी कर दी गई। इनकी जगह सात खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। इनमें सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं। पांच खिलाड़ी अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर पाए हैं।
डायरेक्टर ने ही उठाए सवाल
मामला तब और गरमा गया जब PCB के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने इमाम-उल-हक की चोट पर सवाल उठाए। लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम को मामूली कैल्फ इंजरी हुई थी और वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर सके। आकिब ने कहा कि मांसपेशियों की ऐसी चोट बल्लेबाजी से पूरी तरह रोक दे, यह सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इमाम के खिलाफ जांच की बात भी कही।
इसी बीच पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि टीम में हुए बदलावों के पीछे सिर्फ खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि क्रिकेट से ज्यादा कुछ कारण हो सकते हैं। एक अन्य रिपोर्ट में कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB के पास जमा होने की बात कही गई। हालांकि बोर्ड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इन खबरों के बीच 2010 के लॉर्ड्स स्पॉट-फिक्सिंग कांड की यादें भी ताजा हो गई हैं। उस समय सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को जानबूझकर नो-बॉल कराने के मामले में सजा मिली थी।
हालांकि, मौजूदा जांच को PCB ने मैच फिक्सिंग से नहीं जोड़ा है। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट दावों पर भरोसा न करने की अपील की है। फिलहाल जांच जारी है और यह साफ नहीं है कि इसका अंत किस कार्रवाई के साथ होगा।
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