दोनों हाथ नहीं, पैरों से लिख रही तकदीर! कटिहार की लक्ष्मी का जज्बा देख भावुक हुए सोनू सूद, बोले-जल्द मिलते हैं
Katihar Divyang Lakshmi Success Story: किस्मत की लकीरें हाथों में नहीं, हौसलों में होती हैं. बिहार के कटिहार की 8 वर्षीय मासूम लक्ष्मी जन्म से ही दिव्यांग है और उसके दोनों हाथ नहीं हैं. लेकिन लक्ष्मी ने अपनी लाचारी के आगे घुटने टेकने के बजाय अपने पैरों से अपनी तकदीर लिखना शुरू कर दिया है. अनपढ़ माता-पिता के त्याग और लक्ष्मी के शिक्षिका बनने के अटूट सपने की यह मार्मिक कहानी हर किसी का दिल छू रही है.
चौथी कक्षा में पढ़ता है अरशद, किताबों के बाद बेचता है पिता के बनाए टीन के सामान, रोज कमाता है 400 रुपये
बहराइच में चौथी कक्षा में पढ़ने वाला अरशद पढ़ाई के साथ अपने परिवार की मदद भी कर रहा है. उसके पिता पुराने टीन के डिब्बों से कूड़ेदान, गुल्लक और छोटी बक्सियां बनाते हैं. अरशद इन सामानों को लेकर बाजार और सड़कों पर बेचने निकलता है. उसके मुताबिक, दिनभर में 4 से 5 सामान बिक जाते हैं, जिससे करीब 300 से 400 रुपये की कमाई होती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18



