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8 साल तक सुपरहिट, 1833 एपिसोड्स का रिकॉर्ड, 26 साल पुराना वो आइकॉनिक शो जिसके टाइटल ट्रैक ने जीता दर्शकों का दिल

एकता कपूर का 26 साल पुराना सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' 8 साल तक टीवी पर सुपरहिट रहा . 1833 एपिसोड्स वाले इस शो ने तुलसी-मिहिर की केमिस्ट्री और अपने आइकोनिक टाइटल सॉन्ग से घर-घर में इतिहास रच दिया था . जानिए प्रिया भट्टाचार्य की आवाज में बने इस कल्ट गाने से जुड़े खास किस्से .

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Delhi Mosquito Surge: मानसून में बढ़ रहा Dengue और Malaria का Threat, जानें कब हों Hospitalized

बरसात के मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है। हर साल डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के कारण बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं। मानसून का समय डेंगू-मलेरिया की बीमारी चरम पर होती है। कई बार तो इन बीमारियों के लक्षण भी समझ नहीं आते हैं, जब हालात ज्यादा बिगड़ जाती हैं, तो लोग अस्पताल में भर्ती होते, तब पता चलता है कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के शिकार हो गए हैं।
राजधानी दिल्ली-एनसीआर के आंकड़े बता रहे हैं कि मच्छर जनित बीमारियों का जोखिम फिर से बढ़ने लगा है। अगस्त के महीने में दिल्ली में डेंगू के 272, मलेरिया के 95 और चिकनगुनिया के 21 मामले सामने आए थे। वहीं, अगस्त में डेंगू के 11 मामले आए। हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि इन दिनों बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगने या फिर सांस से संबंधित किसी भी तरह की दिक्कत को जरा भी इग्नोर न करें। 

मलेरिया के खतरे को लेकर अलर्ट
अचानक से तेज बुखार, ठंड लगना और कंपकंपी के साथ पसीने आने जैसे लक्षण को लोग जनरल वायरल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए आपको इनके लक्षण बताते हैं-

 - मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है।

 - डॉक्टरों के अनुसार इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और ठंड लगने की समस्या हो सकती हैं।

 - मलेरिया में सबसे जरुरी है समय पर जांच और सही इलाज होना।

 - यदि समय पर बीमारी का पता लग जाए और इलाज हो जाए तो मलेरिया की जटिलताओं को काफी कम किया जा सकता है।

मलेरिया का शक है तो क्या करें?
 - अगर आपको मलेरिया के लक्षण हैं या फिर बीमारी का शक है तो डॉक्टर की सलाह पर तुरंत जांच कराएं। बिना जांच के खुद से एंटी-मलेरियल दवा शुरु नहीं करनी है। सही समय पर जांच कराएं और सही इलाज की मदद से आप गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी कम कर सकते हैं।

 -  दवाई शुरु होने के बाद बुखार या अन्य लक्षण कम होने लगे तो इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद कर दें। दरअसल, एंटी-मलेरियल उपचार बीमारी के प्रकार और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए दवा की मात्रा, अवधि या कॉम्बिनेशन में बदलाव खुद से नहीं करना चाहिए।

 - गंभीर मलेरिया में चेतना व व्यवहार में काफी बदलाव आता है, जैसे कि दौरे पड़ने, अधिक कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, गंभीर एनीमिया और कई अंगों के काम पर असर दिखता है।

 - रोगी को बार-बार उल्टी होगी और पेशाब बिल्कुल कम आना, रक्तस्राव, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या बेहोशी जैसे संकेत नजर आएंगे। इन लक्षणों में बिन समय गंवाए बजाय तुरंत डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए। बच्चों, पाच साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कुछ अन्य उच्च खतरा वाले लोगों में गंभीर मलेरिया का खतरा देखने को मिलता है।

 - मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल, मच्छर के संपर्क से बचने के उपाय करते रहना जरुरी है। 

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  Sports

 Women’s Asia Cup 2026: 8वीं बार चैंपियन बना भारत, मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार, टीम ने सेरेमनी से बनाई दूरी 

महिला एशिया कप 2026: दुबई में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शामिल नहीं हुई। फाइनल के बाद मंच पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी मौजूद थे। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी मेडल और ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंचीं।

फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 रन बनाए। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीतकर महिला एशिया कप के इतिहास में अपना आठवां खिताब दर्ज किया।

हालांकि, खिताबी जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी का दृश्य चर्चा का विषय बन गया। मंच पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों को उपविजेता पदक और पुरस्कार दिए गए, जबकि भारतीय टीम सेरेमनी में नजर नहीं आई। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

भारतीय टीम के इस फैसले को 2025 पुरुष एशिया कप फाइनल की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। उस दौरान भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। मौजूदा मामले में भी नकवी की मौजूदगी और टीम के सेरेमनी से दूर रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी का यह दृश्य चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि, भारतीय टीम के सेरेमनी में शामिल नहीं होने की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मोहसिन नकवी की मौजूदगी को इस फैसले का कारण मानने के बजाय इसे फिलहाल सामने आए घटनाक्रम और संदर्भ के तौर पर देखना उचित होगा।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बीच ट्रॉफी सेरेमनी का यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।

Mon, 14 Sep 2026 01:33:47 +0530

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