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ब्रिक्स प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए एनडीएमसी ने कसी कमर, ग्रीन थीम और रोशनी से सजेगी दिल्ली

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Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व, जानें सावन पूर्णिमा पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व रक्षा बंधन भाई बहन के प्रेम के प्रतीक का त्योहार है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर उसके माथे पर तिलक लगाकर सदैव उसकी विजय की कामना करती है। भाई प्रतिज्ञा करता है कि यथाशक्ति मैं अपनी बहन की रक्षा करूंगा। रक्षाबंधन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्व है। राखी कच्चे सूत जैसी सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चांदी जैसी महंगी वस्तु तक की हो सकती है।

इस दिन प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर लड़कियां और महिलाएं पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी के अलावा चावल, दीपक और मिठाई भी होती है। लड़के और पुरुष तैयार होकर टीका करवाने के लिए पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। पहले अभीष्ट देवता की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीक करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, उसकी आरती उतारी जाती है, दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। इसके बाद भाई बहन को उपहार या धन देता है। इस प्रकार रक्षाबंधन के अनुष्ठान के पूरा होने पर भोजन किया जाता है।

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रक्षा बंधन का इतिहास हिंदू पुराण कथाओं में है। हिंदू पुराण कथाओं के अनुसार, महाभारत में पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण की कलाई से बहते खून (श्रीकृष्ण ने भूल से खुद को जख्मी कर दिया था) को रोकने के लिए अपनी साड़ी का किनारा फाड़ कर बांधा था। इस प्रकार उन दोनों के बीच भाई और बहन का बंधन विकसित हुआ था, तथा श्रीकृष्ण ने उसकी रक्षा करने का वचन दिया था। इसी बंधन से ऋणी श्रीकृष्ण ने दुशासन द्वारा चीर हरण के समय द्रौपदी की लाज बचाई थी। मध्य कालीन इतिहास में एक ऐसी घटना दिल्ली में मिलती है जिसमें चित्तौड़ की रानी कर्मवती ने दिल्ली के मुगल बादशाह हुमायूं के पास राखी भेजकर अपना भाई बनाया था। हुमायूं ने राखी की इज्जत की और उसके सम्मान की रक्षा के लिए गुजरात के बादशाह से युद्ध किया।

रक्षा बंधन व्रत कथा

प्राचीन समय में एक बाद देवताओं और दानवों में बाहर वर्ष तक घोर संग्राम चला। इस संग्राम में राक्षसों की जीत हुई और देवता हार गए। दैत्य राज ने तीनों लोकों को अपने वश में कर लिया तथा अपने को भगवान घोषित कर दिया। दैत्यों के अत्याचारों से देवताओं के राजा इंद्र ने देवताओं के गुरु बृहस्पति से विचार−विमर्श किया और रक्षा विधान करने को कहा। श्रावण पूर्णिमा को प्रातरूकाल रक्षा का विधान संपन्न किया गया। सह धर्मिणी इन्द्राणी के साथ वृत्र संहारक इंद्र ने बृहस्पति की वाणी का अक्षरशः पालन किया। इन्द्राणि ने ब्राह्मण पुरोहितों द्वारा स्वस्तिवाचन कराकर इंद्र के दायें हाथ में रक्षा सूत्र को बांध दिया। इसी सूत्र के बल पर इंद्र ने दानवों पर विजय प्राप्त की।

रक्षाबंधन जीवन को प्रगति और मैत्री की ओर ले जाने वाला एकता का एक बड़ा पवित्र त्योहार है। रक्षा का अर्थ है बचाव। मध्यकालीन भारत में जहां कुछ स्थानों पर, महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं, वे पुरूषों को अपना भाई मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधती थीं। इस प्रकार राखी भाई और बहन के बीच प्यार के बंधन को मजबूत बनाती है, तथा इस भावनात्मक बंधन को पुनर्जीवित करती है। इस दिन ब्राह्मण अपने पवित्र जनेऊ बदलते हैं और एक बार पुनः धर्मग्रन्थों के अध्ययन के प्रति स्वयं को समर्पित करते हैं।

- शुभा दुबे

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  Sports

कोच गौतम गंभीर Asian Games की तैयारी के लिए संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी दोनों को देंगे मौका

अफगानिस्तान के खिलाफ रविवार को यहां तीन मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मैच में भारत के सामने दुविधा होगी कि ‘वंडर ब्वॉय’ वैभव सूर्यवंशी को उतारा जाये या संजू सैमसन के अनुभव पर भरोसा किया जाये। सूर्यवंशी को इंग्लैंड में सैमसन की जगह अंतिम एकादश में जगह दी गई थी लेकिन श्रृंखला के आखिरी मैच में 15 वर्ष के सूर्यवंशी की जगह सैमसन को उतारा गया। टी20 प्रारूप में सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी कामयाब रही है। उम्मीद है कि कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर जापान में होने वाले एशियाई खेलों की अंतिम एकादश तय करने से पहले सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को बराबर मौके देंगे। 

शुक्रवार की शम को अभ्यास सत्र के दौरान सूर्यवंशी की तुलना में सैमसन अधिक संतुलित नजर आये। सूर्यवंशी को जसप्रीत बुमराह की गेंदों पर सहज होकर खेलने में समय लगा क्योंकि पिच से भी बुमराह की गेंदों को मदद मिल रही थी। यह भी हो सकता है कि लगातार लाल गेंद के तीन मैच खेलने के बाद सूर्यवंशी को सामंजस्य बिठाने में समय लग रहा हो। वैसे अफगानिस्तान के पास बुमराह जैसा कोई गेंदबाज नहीं है। अफगानिस्तान के गेंदबाजों के सामने सूर्यवंशी को फुटवर्क का इस्तेमाल नहीं करने पर भी दिक्कत नहीं आयेगी। सैमसन की बात करें तो तीन पारियों में नाकामी के बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे से बाहर करना ज्यादती था। 

लेकिन सूर्यवंशी को लेकर हाइप इतनी बढ गई थी कि टीम प्रबंधन ने जनता की मांग पर फैसला लिया भले ही बार बार वे कहते हों कि बाहरी आवाज का असर नहीं होता। अगर ईशान किशन नहीं खेल पाते हैं तो सूर्यवंशी और सैमसन दोनों को मौका मिल सकता है। ईशान को शुक्रवार को नेट अभ्यास के दौरान कमर में चोट लगी थी। दलीप ट्रॉफी फाइनल में 270 और 80 रन बनने वाले ईशान हालांकि खेलने को बेताब होंगे क्योंकि भारत के लिये अब वह इसी प्रारूप में नियमित खेलते हैं। एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम के पास तैयारी का यह सुनहरा मौका है क्योंकि अफगानिस्तान के बेहतरीन स्पिनरों राशिद खान, नूर अहमद और मुजीबुर रहमान का सामना करना होगा। तेज गेंदबाजों में उनके पास फजलहक फारूकी, नवीनुल हक, हरफनमौला गुलबदिन नायब और अजमतुल्लाह उमरजइ शामिल हैं। 

शीर्षक्रम में चयन की दुविधा के अलावा भारत को स्पिनरों में से भी चुनना होगा। गंभीर का भरोसा हरफनमौलाओं पर अधिक रहता है जिससे अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की संभावना अधिक है। यह देखना होगा कि भारत वरूण चक्रवर्ती के रूप में तीसरे स्पिनर को उतारता है या तेज गेंदबाज यश ठाकुर को मौका मिलता है। बुमराह और अर्शदीप सिंह के साथ हरफनमौला नीतिश कुमार रेड्डी तेज गेंदबाजी का मोर्चा संभालेंगे। ऐसे में जबकि द्विपक्षीय श्रृंखलाओं की प्रासंगिकता खत्म हो रही है , बीसीसीआई ने अपने पड़ोसी दोस्त के लिये उसकी घरेलू श्रृंखला का आयोजन यहां किया है। 

इससे होने वाली कमाई से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। टीमें : भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर, वरूण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई अफगानिस्तान : इब्राहिम जदरान (कप्तान), दारविश रसूली, नूर उल रहमान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजइ, राशिद खान, मोहम्मद नबी, गुलबदिन नायब, नांगेलिया खरोटे, अब्दुल्लाह अहमदजइ, फजलहक फारूकी, नवीनुल हक, मुजीबुर रहमान, नूर अहमद। मैच का समय : शाम 7 . 30 से।

Sat, 12 Sep 2026 14:09:00 +0530

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