जब भी आपके घर में कोई खास मेहमान आने वाला हो, कोई इवेंट हो या फिर फेस्टिवल के समय इस तरह की मिठाई जरुर बनाएं। खासतौर पर त्योहारों के समय बाजारों में मिलावटी मिठाईयां मिलती है, इसलिए बाहर को छोड़कर, घर पर ही स्वादिष्ट मिठाई बनाएं। इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए लौंग लता बनाने की रेसिपी। इसको बनाना काफी आसान है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि लौंग लता 15 मिनट में कैसे बनाएं। जानें स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी।
सामग्री
-मेवे-1/2 कटोरी कटे हुए
-मैदा- 50 ग्राम
-खोया-25 ग्राम
-नारियल पाउडर-1/2 छोटा चम्मच
-खसखस-1/2 छोटा चम्मच
-लौंग-5-6 साबुत
-इलायची-1-2
-गुलाब जल-1 छोटा चम्मच
-घी-200 ग्राम
-चीनी-100 ग्राम
लौंग लता बनाने की विधि
- इस बनाने के लिए सबसे पहले आप मैदा को बारीक छन्नी से छानकर एक बड़ी थाली में निकाल लें। अब इसको बड़ी थाली या फिर कटोरे में निकालें। फिर छोटा चम्मच घी डालकर दोनों हथेली में रगड़कर अच्छे से मिला लें।
- अब आप थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर आटा गूंथ लें। दूसरी तरफ एक पैन में खोया डालकर धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। इसमें नारियल, इलायची पाउडर, खसखस और मेवे डालकर कलछी से मिला दें।
- दूसरी तरफ गैस ऑन करें और पैन में चीनी और एक कप पानी डालकर चाशनी बनाने के रख दें। जब आपकी चाशनी तैयार हो जाए, तो इसमें गुलाब जल मिलाकर फ्लेम बद कर दें।
- अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और रोटी की तरह बेलें। इसके बाद 1 बड़ा चम्मच में स्टाफिंग लेकर रोटी पर डालकर चारों तरफ से बंद करके ऊपर से लौंग लगा दें।
- इसके बाद एक कड़ाही में घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रख दें। जब घी गर्म होने के बाद इसमें लौंग लता डाला और सुनहरा होने तक तल लें। फिर इन्हें 15 से 20 मिनट के लिए चाशनी में डाल दें।
- तैयार है आपकी लौंग लता। अब आप इन्हें कटोरी में निकालकर सर्व करें। इसको आप चाहे तो फ्रिज में स्टोर करके रख सकती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- जब मैदा में घी मिल जाए तो आटा न ज्यादा सख्त और न ज्यादा नरम गूंथें।
- स्टाफिंग भरने के बाद किनारों को पानी या मैदे के घोल से अच्छी तरह चिपकाएं।
- ऊपर से साबुत लौंग लगाते समय ध्यान रहे कि वह स्टाफिंग के अंदर तक नहीं जानी चाहिए।
- लौंग लता को धीमी या मध्यम आंच पर फ्राई करें।
- चाशनी एक तार वाली होनी चाहिए और हल्की गर्म हो।
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डिजिटल इंडिया के दौर में ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ई-चालान व्यवस्था काफी प्रभावी साबित हुई है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आजकल हजारों वाहन चालकों के मोबाइल पर फर्जी ई-चालान के संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें जुर्माना भरने का दबाव बनाकर लोगों को नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है। ऐसे में बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी लिंक पर क्लिक करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
कैसे काम करता है यह नया साइबर फ्रॉड?
साइबर ठग सबसे पहले वाहन मालिकों को ट्रैफिक चालान का एसएमएस भेजते हैं। संदेश में लिखा होता है कि आपके वाहन पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का जुर्माना लगाया गया है और निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जो देखने में सरकारी पोर्टल जैसी लगती है।
इसके बाद वहां बैंक अकाउंट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में हानिकारक सॉफ्टवेयर डाउनलोड हो जाता है, जिससे साइबर अपराधियों को फोन और बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच मिल सकती है।
असली और नकली ई-चालान मैसेज की पहचान कैसे करें?
फर्जी संदेशों से बचने का सबसे आसान तरीका वेबसाइट के लिंक की जांच करना है। सरकारी ई-चालान से जुड़े सभी आधिकारिक लिंक .gov.in डोमेन पर होते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि लिंक echallan.parivahan.gov.in जैसे सरकारी डोमेन का है, तो उसकी विश्वसनीयता अधिक होती है।
वहीं यदि एसएमएस में .com, .net, .xyz, .apk, bit.ly या किसी अन्य शॉर्ट लिंक का उपयोग किया गया है, तो सतर्क हो जाएं। ऐसे लिंक साइबर ठगी का हिस्सा हो सकते हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें।
गलती से लिंक खुल जाए तो तुरंत उठाएं ये कदम
यदि आपने अनजाने में फर्जी लिंक खोल दिया है या बैंकिंग से जुड़ी कोई जानकारी साझा कर दी है, तो समय गंवाए बिना अपने बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई सेवाओं को अस्थायी रूप से ब्लॉक कराएं। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें और ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर भी पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, धन वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।
ई-चालान चेक करने का सही तरीका
यदि आपको अपने वाहन के चालान की जानकारी चाहिए, तो हमेशा केवल आधिकारिक परिवहन विभाग के ई-चालान पोर्टल पर जाकर ही स्टेटस जांचें। किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सऐप मैसेज या अनजान एसएमएस में दिए गए लिंक के जरिए भुगतान करने से बचें। सरकारी पोर्टल पर वाहन नंबर या चालान नंबर डालकर पूरी जानकारी सुरक्षित तरीके से प्राप्त की जा सकती है।
इन आसान सावधानियों से रहें सुरक्षित
साइबर अपराधियों से बचाव के लिए कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बेहद कारगर साबित होती हैं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अपने मोबाइल में नियमित रूप से सिक्योरिटी अपडेट और एंटीवायरस सक्रिय रखें। यदि कोई संदिग्ध संदेश मिले, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करें। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे मजबूत हथियार है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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