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वो सुपरस्टार जिसने 1 ही फिल्म में निभाये 9 रोल, हेमा मालिनी संग दी थी ब्लॉकबस्टर, सच्चे प्यार को ताउम्र रहा मोहताज

वो सुपरस्टार जिसने थोड़े समय में कई सुपरहिट फिल्में दीं. उन्होंने मुमताज, हेमा मालिनी के साथ भी काम किया था. ये कलाकार कम उम्र में उम्रदराज किरदार अदा करने के लिए जाने जाते थे. अबतक अपको अंदाजा लग गया होगा कि यहां किसकी बात हो रही है. आज बात कर रहे हैं संजीव कुमार की.

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हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा शहर पर कब्जा किया:यह बाब अल-मंदेब से सिर्फ 75km दूर, इससे आगे बढ़े तो तेल सप्लाई पर संकट

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। यह बाब-अल मंदेब स्ट्रेट से सिर्फ 75 किमी दूर है। बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में इसकी गिनती होती है। यहां से एशिया, यूरोप और खाड़ी क्षेत्र के बीच बड़ी मात्रा में सामान और ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही होती है। यमन फोर्स और हूती विद्रोहियों के बीच 9 दिन से लड़ाई चल रही है। मोखा शहर पर कब्जे के बाद पिछले 4 साल में हूतियों की यह सबसे बड़ी क्षेत्रीय कामयाबी मानी जा रही है। मोखा पर कब्जे से हूतियों की पकड़ मजबूत मोखा लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में था। पिछले करीब 10 दिनों से हूती लड़ाके ताइज की पश्चिमी दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले अल-शकीरा इलाके पर भी कब्जा कर लिया। यह इलाका ताइज शहर को पश्चिमी तट से जोड़ने वाले अहम रास्ते पर है। इस पर कब्जे से हूतियों की इस इलाके में पकड़ और मजबूत हो गई। हूती पहले से ही यमन की राजधानी सना और लाल सागर के बड़े बंदरगाह होदेइदा पर नियंत्रण रखते हैं। मोखा पर कब्जे से उनके कब्जे वाले उत्तरी और पश्चिमी इलाकों के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है। यही वजह है कि मोखा की लड़ाई को सिर्फ एक बंदरगाह शहर पर कब्जे के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इससे यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की सैन्य और रणनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। बाब अल-मंदेब के करीब पहुंचे हूती, जहाजों पर बढ़ा खतरा मोखा पर कब्जे के बाद हूती बाब अल-मंदेब के और करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने लाल सागर में मौजूद हनीश द्वीपों की ओर भी बढ़त बनाई है। धुबाब और उसके सामने मौजूद ये द्वीप बाब अल-मंदेब के बहुत करीब हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हूती इस इलाके में अपनी पकड़ और मजबूत करते हैं, तो लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखना और उन पर दबाव बनाना उनके लिए आसान हो सकता है। बाब अल-मंदेब समुद्र का एक संकरा रास्ता है। यहां से गुजरने वाले जहाजों को खतरा पैदा करने के लिए किसी बहुत बड़े इलाके पर कब्जा करना जरूरी नहीं है। यानी आसपास के कुछ रणनीतिक इलाकों पर पकड़ बनाकर भी हूती जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। खबर अपडेट हो रही है…

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  Sports

Edgbaston Test में फिर बिखरी Pakistan Team, Debutant Razaullah की रफ्तार ने खींचा ध्यान

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड का मौजूदा दौरा लगातार मुश्किल होता जा रहा है। पहले दो टेस्ट गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा बदलाव किया, लेकिन तीसरे टेस्ट के पहले दिन भी हालात कुछ खास नहीं बदले। एजबेस्टन में बुधवार को पाकिस्तान की नई टीम पहली पारी में सिर्फ 133 रन पर ढेर हो गई। हालांकि, इसी बीच पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने अपनी रफ्तार से सभी का ध्यान खींच लिया है।

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया था। पाकिस्तान के बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। जोश टंग ने 42 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि ओली रॉबिन्सन और जोफ्रा आर्चर ने मिलकर छह विकेट हासिल किए। लगातार विकेट गिरने के कारण पाकिस्तान की नई बल्लेबाजी पंक्ति भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकी और पूरी टीम 133 रन पर पवेलियन लौट गई।

इसके बाद इंग्लैंड ने दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट पर 156 रन बना लिए। एमिलियो गे और हैरी ब्रूक ने अर्धशतक लगाकर इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी हुई। दिन का खेल खत्म होने पर इंग्लैंड पाकिस्तान से 23 रन आगे था।

हालांकि, पाकिस्तान के लिए दिन की सबसे बड़ी सकारात्मक खबर 21 वर्षीय रजाउल्लाह रहे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे इस तेज गेंदबाज ने नौ ओवर में 42 रन देकर दो विकेट लिए। आंकड़े भले ही बहुत प्रभावशाली न हों, लेकिन उनकी गेंदों की गति और अंदाज ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। उन्होंने कई बार करीब 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की।

रजाउल्लाह की गेंदबाजी शैली की तुलना पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वकार यूनिस से भी की जा रही है। उनकी गेंदबाजी में कच्ची तेजी के साथ गेंद को तेजी से बल्लेबाज तक पहुंचाने की क्षमता दिखाई दी। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान जो रूट और अच्छी बल्लेबाजी कर रहे एमिलियो गे को आउट करके अपने पदार्पण को यादगार बना दिया।

रजाउल्लाह ने अपने पहले ही ओवर में जो रूट को पगबाधा आउट किया। गेंद तेजी से पैड पर आकर लगी और रूट को पवेलियन लौटना पड़ा। यह टेस्ट क्रिकेट में रूट का 13 पारियों में 10वां पगबाधा आउट था। इसके बाद रजाउल्लाह ने गे को भी अपना शिकार बनाया। पहले एक गेंद गे के घुटने के किनारे पर लगी और बाद में करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद ने उनकी गिल्लियां बिखेर दीं।

गौरतलब है कि रजाउल्लाह के प्रदर्शन की इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भी तारीफ की। हुसैन ने कहा कि उन्हें युवा तेज गेंदबाज का स्पैल पसंद आया और उनकी गेंदबाजी ने पाकिस्तान को कुछ अलग दिया। रजाउल्लाह के लिए यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपने पहले ही टेस्ट में मजबूत इंग्लिश बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ गेंदबाजी कर रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तान तीसरे टेस्ट में भारी बदलाव के साथ उतरा है। पहले दो मैचों में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया और मुख्य कोच सरफराज अहमद तथा गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पद से हटा दिया। इसके बाद टीम में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है।

पाकिस्तान ने श्रृंखला में 0-2 से पिछड़ने के बाद तीसरे टेस्ट में चार बदलाव किए और कई खिलाड़ियों को पदार्पण का मौका दिया। उम्मीद थी कि नई टीम इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करेगी, लेकिन बल्लेबाजी फिर कमजोर साबित हुई। अब पाकिस्तान की उम्मीदें रजाउल्लाह जैसे युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो मुश्किल हालात में टीम के लिए नई ऊर्जा लेकर आए हैं।
Thu, 10 Sep 2026 21:54:00 +0530

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