Gujarat Assembly में वंदे मातरम् पर विवाद, BJP ने Imran Khedawala पर कार्रवाई की मांग की
गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में वंदे मातरम् गायन के दौरान पूरे समय खड़े नहीं होने के लिए कांग्रेस विधायक इमरान खेडावाला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और विधानसभा अध्यक्ष से मामले को विशेषाधिकार समिति या आचार समिति के पास भेजने का आग्रह किया। कांग्रेस ने खेडावाला के कृत्य से खुद को अलग करते हुए कहा कि यह पार्टी के रुख को नहीं दर्शाता है। हालांकि, पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से किसी भी निर्णय से पहले विधायक को अपना पक्ष रखने का अवसर देने का अनुरोध किया।
विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खेडावाला के कृत्य को सदन की गरिमा और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन बताया। संघवी ने विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जानबूझकर बैठे रहकर कांग्रेस विधायक ने विधानसभा सत्र की शुरुआत में ही वंदे मातरम् का विरोध करने का कृत्य किया है।’’ यह विवाद बुधवार को तीन दिवसीय सत्र के पहले दिन उस समय शुरू हुआ, जब अहमदाबाद की जमालपुर-खड़िया सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले और गुजरात विधानसभा के एकमात्र मुस्लिम विधायक खेडावाला वंदे मातरम् के शुरुआती अंतरे के गायन के दौरान खड़े हुए, लेकिन बाद के गायन के दौरान बैठ गए। भाजपा ने बुधवार को खेडावाला से माफी मांगने की मांग की थी।
मंत्री प्रवीण माली ने आरोप लगाया था कि उन्होंने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। विधायी कार्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने भी कार्रवाई की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इस घटना से सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् प्रेरणा का स्रोत रहा है और उन्होंने राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशों का भी उल्लेख किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि खेडावाला के कृत्य को कांग्रेस के रुख के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अन्य विधायक शुरू से अंत तक सम्मानपूर्वक खड़े रहे, जबकि खेडावाला ने पहले दो अंतरों के दौरान खड़े रहने की पुरानी परंपरा का पालन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शैलेश परमार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह खेडावाला का व्यक्तिगत निर्णय था, पार्टी का नहीं।
उन्होंने सदन से इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि खेडावाला को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष तलब किया जा सकता है, उन्हें फटकार लगाई जा सकती है या उनसे लिखित माफी मांगी जा सकती है बजाय कड़ी कार्रवाई करने के। कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने भी घटना पर खेद जताया और कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।
विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने कहा कि यह मामला गंभीर है और राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह सदन के भीतर विधायकों के विशेषाधिकारों से जुड़ा मामला है और इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है। चौधरी ने कहा, “इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मुझे इस घटना का विस्तृत अध्ययन करना होगा।
गहन समीक्षा के बाद मैं अपना फैसला सुनाऊंगा।
सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav बोले- UP की सभी 80 सीटें जीतने पर भी EVM का विरोध जारी रहेगा
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खिलाफ है और उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने के बाद भी उसका रुख नहीं बदलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार सपा नेता मोहम्मद आजम खान के साथ जानबूझकर अन्याय कर रही है, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय को संदेश दिया जा सके। लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने कहा, समाजवादी पार्टी ईवीएम के खिलाफ है।
मैंने पहले भी कहा है कि भले ही समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीत जाए, तब भी वह ईवीएम के खिलाफ है। आजम खान से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सपा के वरिष्ठ नेता के साथ लगातार अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बना रही है, ताकि एक संदेश दिया जा सके।
उन्होंने कहा, इस सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। अखिलेश ने सहारनपुर में एक मस्जिद के ध्वस्तीकरण का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसे 12 घंटे के भीतर गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि एक अन्य स्थान पर भी मस्जिद की जांच की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, भाजपा सरकार संदेश देने के लिए अन्याय और अत्याचार कर रही है। कथित अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि दिल्ली में एक इमारत गिरने से छात्रों की मौत हो गई थी और पूछा कि क्या वह अवैध निर्माण नहीं था। उन्होंने भाजपा पर बढ़ती महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि सत्तारूढ़ दल महिलाओं, पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देने के खिलाफ है।
मुजफ्फरनगर दंगों की 11वीं बरसी मनाने और कुछ स्थानों पर हिंसा से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के सवाल पर यादव ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश में सांप्रदायिक माहौल बनाना चाहती है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, महंगाई उनके लिए कोई मुद्दा नहीं है और न ही कोई अन्य मुद्दा।
देखिए महंगाई किस तरह बढ़ रही है। ऐसी कौन सी चीज है जो महंगी नहीं हुई है? वे न तो यह स्वीकार कर रहे हैं कि महंगाई है और न ही इस समस्या का समाधान कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने लोगों को मुनाफा कमाने और भ्रष्टाचार करने की अनुमति दे रही है, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। अखिलेश ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए झांसी की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी का शव अस्पताल से घर नहीं ले जा सका और अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाया तथा उसे शव नदी में फेंकना पड़ा। उन्होंने कहा, जैसा कि हाल में एक अर्थशास्त्री ने सही कहा था, जीडीपी शून्य है।
अगर दावे के अनुसार जीडीपी 7.2, 7.8 या 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है तो फिर एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी को घर क्यों नहीं ले जा पाया या उसका अंतिम संस्कार क्यों नहीं कर पाया? लखनऊ को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान मिलने पर तंज कसते हुए यादव ने कहा कि बारिश रुकने और मौसम सामान्य होने के बाद वायु गुणवत्ता की फिर से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 में सपा के सत्ता में लौटने पर वायु और जल गुणवत्ता तथा पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर काम किया जाएगा।
उन्होंने वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहकर शहरों में जलभराव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि जो लोग अपने शहरों से बारिश का पानी नहीं निकाल पा रहे हैं, वे दूसरे स्थानों पर बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं कर सकते। उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान बनाए गए राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में अनियमितताओं का आरोप लगाया तथा सत्तारूढ़ दल पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किए जाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है। अखिलेश ने कहा, यह उनकी पार्टी का फैसला है। दूसरी पार्टियों के लोग इस पर कुछ नहीं कह सकते।
जब उनसे पूछा गया कि यदि आकाश आनंद सपा में शामिल होना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा, तो अखिलेश ने कहा, आप उन्हें लेकर आइए, हम उन्हें पार्टी में शामिल कर लेंगे। भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर अन्य दलों के नेताओं के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो पोस्ट किए जाने के सवाल पर यादव ने कहा, भाजपा किसी की सगी नहीं है। अखिलेश यादव ने घोषणा की कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा अपने राज्यव्यापी घोषणापत्र के साथ-साथ प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य पर ध्यान केंद्रित करने के कारण अक्सर स्थानीय मुद्दे नजरअंदाज हो जाते हैं। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष, विशेष रूप से सपा की छवि खराब करने के लिए राज्य की शक्ति का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय से इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने की अपील की।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों की छवि खराब करने और नकारात्मक प्रचार के लिए सरकारी बजट से हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने महिला आयोग से सूचना विभाग के एक सूचना निदेशक से जुड़ी महिला के कथित शोषण के आरोपों का स्वत: संज्ञान लेने और जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। अखिलेश ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सूचना निदेशक और सूचना विभाग की ओर से विपक्ष के खिलाफ नकारात्मक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ऐसा नकारात्मक प्रचार कभी नहीं हुआ और आरोप लगाया कि इसके लिए सरकारी संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है।
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