Train Cancel: दिल्ली-NCR में कैंसिल की गईं कई सारी ट्रेनें, अप-डाउन करने वाले लोग भी हो जाएं अलर्ट
Train Cancel: दिल्ली-NCR में रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है. 11 से 13 सितंबर के बीच कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है. उत्तर रेलवे ने इस अवधि के लिए ट्रेनों के कैंसिलेशन, डायवर्जन और री-शेड्यूलिंग का प्लान जारी किया है, जिस वजह से दिल्ली-गाजियाबाद और पलवल रूट पर चलने वाली कई लोकल ट्रेनें प्रभावित हो रहीं हैं. यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति और निर्धारित वक्त की जानकारी लेने के बाद ही स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है.
इस अवधि में कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूटों में बदलाव किया गया है, जिसमें संपूर्ण क्रांति, गोमती एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें शामिल हैं. इसके अलावा, नई दिल्ली से चलने वाली कई राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों को दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद के रास्ते से चलाया जाएगा. रूट में बदलाव की वजह से कुछ ट्रेनों के समय में भी बदलाव हो सकता है.
11 सितंबर को कई बड़ी ट्रेनें होंगी लेट
11 सितंबर को नई दिल्ली से रवाना होने वाली कई प्रमुख ट्रेनों के प्रस्थान समय में भी बदलाव किया गया है. हैदाराबाद एक्सप्रेस और चेन्नई ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस 120 मिनट की देरी से रवाना होगी. इसके अलावा, तेजस राजधानी मुंबई और तेजस राजधानी राजेंद्र नगर को 50 मिनट के लिए री-शेड्यूल किया गया है. वहीं, पूर्वा एक्सप्रेस 35 मिनट और आगरा इंटरसिटी 20 मिनट की देरी से चलेगी. यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले ट्रेन के नए वक्त की जानकारी जरूर लेनी होगी.
12 सितंबर को भी कई ट्रेनें प्रभावित
रेल परिचालन पर 12 सितंबर को भी असर पड़ेगा. अमृतसर से चलने वाली कुछ ट्रेनों को 60 से 70 मिनट के लिए री-शेड्यूल किया गया है. वहीं, तेजस राजधानी मुंबई 25 मिनट, तेजस राजधानी भुवनेश्वर 20 मिनट और चेन्नई एक्सप्रेस 50 मिनट की देरी से चलेगी. लखनऊ मेल के समय में भी 10 मिनट का बदलाव हुआ है.
13 सितंबर को भी ट्रेनों के समय में बदलाव
13 सितंबर को भी कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। मुंबई से नई दिल्ली आने वाली तेजस राजधानी को 90 मिनट के लिए री-शेड्यूल किया गया है. इसी प्रकार से अमृतसर-विशाखापत्तनम हिराकुंड एक्सप्रेस और खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस को भी 90 मिनट के लिए री-शेड्यूल किया गया है.
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेल परिचालन में बदलाव की वजह से कई लोकल ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है. कुछ ट्रेनों को उनके नियमित गंतव्य के बजाए बीच के किसी स्टेशन से शुरू होगा या फिर वहीं समाप्त किया जा सकता है. वहीं, डायवर्ट किए गए रूट की वजह से कई ट्रेनों के समय में बढ़ोतरी हो सकती है.
वहीं, 11 से 13 सितंबर के बीच यात्रा करने वाले लोगों से रेलवे ने अपील की है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का नया समय, रूट और संचालन स्थिति की जांच जरूर करनी चाहिए. वहीं, दिल्ली, पलवल, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में दैनिक यात्रियों को लोकल ट्रेनों के रद्द होने या फिर बदलाव की जानकारी पहले से रखना होगा, जिससे स्टेशन पर उनको अनावश्यक इंतजार और यात्रा के वक्त होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है.
हैदराबाद में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना
हैदराबाद में आयोजित गुरूवार को इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ में उत्तराखंड की झलक दिखाई दी. कॉन्क्लेव में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति से दक्षिण के फिल्म निर्माता काफी प्रभावित दिखाई दिए. चेन्नई के बाद हैदराबाद के आयोजनों में भी उत्तराखंड फिल्म नीति की व्यापक सराहना हुई है.
हैदराबाद के कॉन्क्लेव में विभिन्न राज्यों के साथ ही ट्यूनीशिया, इटली, थाईलैंड, रोमानिया, हंगरी, सर्बिया और अजरबैजान के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया. एग्जिबिटर्स में प्रसार भारती वेव्स ओटीटी, उत्तराखण्ड एफडीसी, महाराष्ट्र सीडीसी शामिल थे. नेटवर्किंग एवं वीडियो प्रेजेंटेशन के बाद फिल्म निर्माताओं और प्रतिनिधियों के बीच आपसी विचार-विमर्श भी हुआ. इस इवेंट में हैदराबाद स्थित ज़्यादातर टॉप प्रोडक्शन हाउस के प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स शामिल हुए. इसमें ग्लोबल ट्रैवल नैरेटिव को आकार देने और भारतीय व अंतरराष्ट्रीय फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशंस को बढ़ावा देने में सिनेमा की अहम भूमिका पर भी आपसी विचार-विमर्श किया गया. इवेंट की शुरुआत नेटवर्किंग सेशन से हुई, जिसके बाद सभी एग्जिबिटर्स ने वीडियो प्रेजेंटेशन दिए.
रामोजी फिल्म सिटी हैदराबाद के प्रतिनिधी
कॉन्क्लेव के दौरान एग्जिबिटर्स और प्रतिभागियों के मध्य अलग-अलग बैठकें भी आयोजित हुईं, जिसमें तमिल फिल्म इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स को अलग-अलग डेस्टिनेशंस की पॉलिसीज़ के बारे में गहराई से जानने का मौका मिला. उत्तराखंड में शूटिंग करने में दिलचस्पी दिखाने वाले कुछ प्रोडक्शन हाउस में वेथायोग पिक्चर्स, फ्रैम्स क्राफ्ट, पीपल मीडिया फैक्ट्री, बरकत स्टूडियो, पिक्सेल्स एंड स्ट्रिंग, पीएलआईएल प्रोडक्शंस, दिल राजू प्रोडक्शंस, टीसीए, प्राइमशो एंटरटेनमेंट, जीआरके एंटरटेनमेंट, वार्फ स्ट्रीट स्टूडियो, मैत्री मूवी मेकर्स, ओमेगा क्रिएशन्स, स्टार ऑर्बिट स्टूडियोज़ शामिल थे. इस अवसर पर उपस्थित रहे रामोजी फिल्म सिटी हैदराबाद के प्रतिनिधियों के द्वारा भी उत्तराखण्ड में फिल्मांकन के प्रति रूचि दिखायी गई.
उत्तराखण्ड की फिल्म नीति
उत्तराखण्ड से इस कॉन्क्लेव में राज्य का प्रतिनिधित्व उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद् के नोडल अधिकारी श्री के.एस. चौहान द्वारा किया गया. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की फिल्म नीति, प्राकृतिक लोकेशन और फिल्म शूटिंग के लिए उपलब्ध सुविधाओं को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने उत्तराखण्ड की फिल्म नीति की प्रमुख विशेषताओं, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, राज्य में फिल्मांकन की संभावनाओं एवं राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं सहायता के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी.
फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी
चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए फिल्म नीति लागू की गई है. फिल्म नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को हर सम्भव सहायता प्रदान की जा रही है. उत्तराखंड में फिल्माई गई हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है. वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को फिल्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में प्रभावी योजनाओं एवं नीतियों पर कार्य किया जा रहा है. चौहान ने बताया कि उत्तराखंड की खूबसूरत प्राकृतिक लोकेशन, अनुकूल फिल्म नीति और सुविधाओं को दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के समक्ष प्रस्तुत करने से राज्य में फिल्म शूटिंग और फिल्म पर्यटन की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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