Tarun Chugh का आरोप, Punjab Police ने जबरन कराया दलित व्यक्ति का अंतिम संस्कार
भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पंजाब पुलिस ने संगरूर के एक दलित व्यक्ति का अंतिम संस्कार उसके परिवार की इच्छा के विरूद्ध कराया। संगरूर निवासी गुलजार सिंह (47) ने आत्महत्या कर ली थी। चुग ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर इस समुदाय के प्रति ‘‘अन्याय की सारी हदें’’ पार करने का आरोप भी लगाया।
संगरूर जिले के दिरबा निवासी सिंह की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई। उनके परिवार का कहना है कि छह सितंबर को दिरबा में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने (सिंह ने) वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में मादक पदार्थ की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछा था। चुग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरदस्ती सिंह का अंतिम संस्कार कराया।
उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी पार्टी का शर्मनाक, धोखेबाज और घिनौना चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है।’’ सांसद ने सिंह के परिवार का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘भगवंत मान के अयोग्य अधिकारियों ने दावा किया कि दलित मजदूर गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार परिवार की सहमति से किया गया था, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती अंतिम संस्कार कराया।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंह के परिवार को सरकार से उचित मदद या मुआवजा नहीं मिला है। चुग ने कहा कि पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि चीमा को अभी तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और गुरु द्रोही भगवंत मान सरकार ने पंजाब में दलितों के साथ अन्याय की सारी हदें पार कर दी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पंजाब पूछ रहा है कि मंत्री हरपाल चीमा को अब तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चीमा के खिलाफ कोई मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया है।’’ सिंह के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थ की उपलब्धता के बारे में सवाल पूछते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह भी स्वीकार किया कि उनका बेटा भी मादक पदार्थ का सेवन करता था। सिंह का वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार से मामले की जांच तथा चीमा के इस्तीफे की मांग की।
सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर, पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
BIS Action: Chennai में बिना हॉलमार्क वाले 804 ग्राम Gold Jewellery जब्त
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने बृहस्पितावर को चेन्नई में 804 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं, क्योंकि उन पर हॉलमार्क नहीं था और उन्हें व्यावसायिक बिक्री के लिए प्रदर्शित किया गया था। सोने के आभूषणों और कलाकृतियों पर अनिवार्य हॉलमार्क की शुरुआत जून 2021 में की गई थी। हॉलमार्क कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता या गुणवत्ता का आधिकारिक प्रमाण होता है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय ने एक सितंबर, 2026 को चेन्नई के अंबत्तूर स्थित एक ज्वेलरी दुकान पर प्रवर्तन जांच और जब्ती अभियान के दौरान 803.99 ग्राम बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त किए। यह कार्रवाई भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई, क्योंकि जांच के दौरान व्यावसायिक बिक्री के लिए बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण प्रदर्शित पाए गए थे। बयान में कहा गया, जब्त किए गए आभूषणों में 175 मंगलसूत्र शामिल हैं, जिनका वजन 671.50 ग्राम है।
इसके अलावा 25.02 ग्राम वजन की बच्चों की 12 चूड़ियां, 86.14 ग्राम वजन के 40 कानों के झुमके और 21.33 ग्राम वजन के 10 पेंडेंट भी शामिल हैं। बीआईएस अधिकारियों ने पाया कि अलग-अलग डिजाइन और श्रेणियों के आभूषणों को बिना अनिवार्य हॉलमार्क के बिक्री के लिए रखा गया था। इन आभूषणों को विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया गया है।
बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय के प्रमुख एस. डी. दयानंद ने कहा, बीआईएस नियमित रूप से बाजार की निगरानी और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियां करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन और हॉलमार्क के दायरे में आने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों का पालन करते हों। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री को रोकती है और बीआईएस मानक चिह्न तथा हॉलमार्क के दुरुपयोग पर भी रोक लगाती है। बीआईएस ने बताया कि हॉलमार्क कीमती धातुओं से बने आभूषणों की शुद्धता या गुणवत्ता की आधिकारिक गारंटी प्रदान करती है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर बीआईएस का लोगो, शुद्धता/गुणवत्ता का स्तर और छह अंकों वाला हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर अंकित होता है। उपभोक्ता बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से हॉलमार्क वाले आभूषणों के एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) की जांच कर सकते हैं।
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