Explainer: 6 साल की सोच के बाद बनी ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’, जानिए कहानी, स्टारकास्ट से लेकर सबकुछ
Shrimad Bhagavatam: Part 1 Vishnurata: मनोरंजन जगत में इन दिनों भारतीय पौराणिक कहानियों पर लगातार फिल्में बन रही हैं. अब इसी कड़ी में रामानंद सागर के परिवार की ओर से एक बड़ा प्रोजेक्ट सामने आया है. सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ‘श्रीमद्भागवतम्’ लेकर आ रही है. इसका पहला पार्ट ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ है, जिसका पोस्टर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है. तो चलिए जानते हैं, फिल्म के पहले पार्ट में कौन-सी कहानी दिखाई जाएगी और इसकी स्टारकास्ट से लेकर सबकुछ.
सात फिल्मों में दिखाई जाएगी कहानी
‘श्रीमद्भागवतम्’ सिर्फ एक फिल्म नहीं होगी, बल्कि इसकी पूरी कहानी सात पार्ट्स में दिखाई जाएगी. ये सीरीज भागवत महापुराण पर आधारित है और इसमें भगवान कृष्ण की कहानी के साथ भगवान विष्णु के अलग-अलग अवतारों, उनके भक्तों और कई पौराणिक कहानियों का भी जिक्र होगा. मेकर्स इन पुरानी कहानियों को आज की फिल्म तकनीक और बड़े पर्दे के हिसाब से नए अंदाज में दर्शकों के सामने पेश करेंगे.
फिल्म का पोस्टर है खास
फिल्म ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1 विष्णुरत’ भारत के सबसे पूजनीय धर्मग्रंथों में से एक भागवत महापुराण पर आधारित है. इसे दुनियाभर में करोड़ों लोग पढ़ते हैं और भगवान की भक्ति से जोड़कर देखते हैं. फिल्म के पहले पार्ट का नाम ‘विष्णुरत’ है, जिसका मतलब है- ‘विष्णु द्वारा संरक्षित’. यही भाव फिल्म की कहानी और इसकी आध्यात्मिक दुनिया का अहम हिस्सा है. फिल्म का पहला पोस्टर भी इसी भावना की झलक दिखाता है और दर्शकों को इसकी कहानी की दुनिया से पहली बार रूबरू कराता है.
‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ में क्या दिखेगा?
इस फ्रेंचाइजी में भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर उनके जीवन के अलग-अलग पड़ावों को दिखाया जाएगा. इसमें मथुरा में देवकी और वासुदेव के घर कृष्ण के जन्म, गोकुल में नंद और यशोदा के साथ उनका बचपन, वृंदावन की लीलाएं, गोवर्धन पर्वत उठाने और कंस के वध जैसे कहानियां शामिल हैं. इसके अलावा फिल्म में भगवान कृष्ण का द्वारका जाना, उनकी दोस्ती, प्रेम, जिम्मेदारियां और उनके आध्यात्मिक पक्ष को भी दिखाया जा सकता है. हालांकि इनमें से कौन-से हिस्से पहले पार्ट में होंगे, इसकी पूरी जानकारी फिलहाल मेकर्स की ओर से सामने नहीं आई है.
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कौन बना रहा है फिल्म
‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1 विष्णुरत’ सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाई जा रही है और इसका निर्देशन आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा ने किया है. ये दोनों रामानंद सागर के पोते हैं. दोनों ने इस फिल्म को लेकर कहा- 'फिल्म के सह-निर्देशक होने के साथ-साथ हम दोनों भाई हैं और भागवत की कहानियां सुनते हुए ही बड़े हुए हैं. हमारा मानना है कि करोड़ों भारतीयों के लिए ये कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं, बल्कि हमारी वर्षों पुरानी स्मृति का हिस्सा हैं.'
6 साल की सोच के बाद बनी फिल्म
आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने 6 साल की सोच के बाद इस फिल्म को बनाने के बारे में सोचा. उन्होंने कहा- 'पिछले 6 सालों से हम दोनों ने पहले भागवत को समझने की कोशिश की, उसके बाद ही खुद को इस बात के लिए तैयार किया कि इसे पर्दे के लिए लिखा जा सकता है. इस यात्रा में हमें महसूस हुआ कि पार्ट 1 ‘विष्णुरत’ को एक पारंपरिक फिल्म की तरह नहीं बनाया जा सकता. मूल ग्रंथ की विराटता और कल्पनाशीलता एक बहुत बड़े सिनेमाई कैनवास की मांग करती है.'
क्या है फिल्म बनाने के पीछे का उद्देश्य?
फिल्म की निर्देशकों का कहना है- 'हमारा उद्देश्य केवल नया दिखाने के लिए उन्हें नए रूप में गढ़ना नहीं है, बल्कि आज सिनेमा में उपलब्ध तकनीक और संभावनाओं की मदद से उन्हें यथार्थ, प्रामाणिकता और भव्यता के साथ जीवंत करना है. ‘विष्णुरत’ के जरिए हमारी कोशिश उसी परिचित और पवित्र दृश्य-स्मृति को जीवंत करने और दर्शकों को भागवत महापुराण का अनुभव अब तक के सबसे विशाल सिनेमाई कैनवास पर कराने की है.'
दादा के काम को लेकर कही ये बात
आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा ने आगे अपने दादी से तुलना पर कहा- 'हमारे दादाजी ने रामायण को पर्दे पर उतारा था. वो एक ऐसा धारावाहिक साबित हुआ, जिसके जरिए पूरी एक पीढ़ी ने इस महाकाव्य का आध्यात्मिक अनुभव किया. लेकिन उन्होंने जो किया, उसे हम दोबारा नहीं बना सकते और न ही ऐसा करने की हमारी कोशिश है. हर पीढ़ी को अपनी सिनेमाई भाषा खुद खोजनी होती है, जो उसके समय के माध्यम और संभावनाओं के अनुरूप हो.'
रामोजी फिल्म सिटी में हुई शूटिंग
बता दें, ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ की शूटिंग हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में की गई और अब लगभग ये पूरी हो चुकी है और आखिरी पड़ाव पर है. इसकी सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर ने की है, जबकि विजुअल इफेक्ट्स के काम के लिए इंटरनेशनल एक्सपर्ट क्लाइड एडवर्ड्स भी फिल्म से एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े हैं. वहीं, बता दें कि फिलहाल मेकर्स ने फिल्म से जुड़ी कास्ट अभी तक रिवील नहीं की है. ऐसे में फैंस ये जानने के लिए एक्साइटेड है कि कौन इस फिल्म में नजर आएगा. बता दें, ये फिल्म अगले साल 2027 में रिलीज होगी. हालांकि इसकी डेट अभी रिवील नहीं की गई है.
FAQ
1. ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ किस पर आधारित है?
ये फिल्म भागवत महापुराण पर आधारित है और इसकी कहानी सात पार्ट में दिखाई जाएगी.
2. ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ का नाम क्या है?
फिल्म के पहले पार्ट का नाम ‘विष्णुरत’ है, जिसका मतलब ‘विष्णु द्वारा संरक्षित’ है.
3. ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ को कौन डायरेक्ट कर रहा है?
फिल्म का निर्देशन आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा कर रहे हैं, जो रामानंद सागर के पोते हैं.
4. ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट-1’ कब रिलीज होगी?
फिल्म 2027 में रिलीज होगी, हालांकि इसकी रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है.
5. ‘विष्णुरत’ का क्या मतलब है?
‘विष्णुरत’ का मतलब ‘विष्णु द्वारा संरक्षित’ है. ये फिल्म के पहले पार्ट का नाम है.
6. ‘श्रीमद्भागवतम्’ में कितने पार्ट होंगे?
‘श्रीमद्भागवतम्’ की कहानी को सात पार्ट्स में दिखाया जाएगा.
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भारत और रूस ने यात्री विमानों के संयुक्त उत्पादन पर की चर्चा
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को रूस के उद्योग एवं व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव के साथ भारत की क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी की मांग को पूरा करने के लिए सिविल यात्री विमानों के संयुक्त निर्माण पर चर्चा की।
नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की अपार संभावनाओं को देखते हुए भारत और रूस के पास अपने संबंधों को खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे बढ़ाकर संयुक्त विनिर्माण और गहरे औद्योगिक सहयोग तक ले जाने का एक मजबूत अवसर है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत-रूस संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और विमानन रणनीतिक साझेदारी के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है।
सार्वजनिक क्षेत्र की एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (यूएसी) ने इससे पहले भारत में सुपरजेट (एसजे-100) सिविल कम्यूटर विमान के लाइसेंस के तहत संयुक्त उत्पादन और सहायता के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। बताया जा रहा है कि इसके स्थानीयकरण को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है।
प्रस्तावित समझौतों और चर्चाओं में भारतीय विमानन कंपनियों के लिए 105 क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमानों की संभावित डिलीवरी और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। इनमें पिनैकल एयर, एयर केरल और स्लीक एविएशन शामिल हैं।
रूस ने भारत में आयोजित इनोप्रोम कार्यक्रम में अपने क्षेत्रीय एसजे-100, एमसी-21 और आईआई-114-300 विमानों का प्रदर्शन किया, ताकि भारत की तेजी से बढ़ती क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा करने के अवसर तलाशे जा सकें।
विमानन क्षेत्र में बढ़ता सहयोग ऐसे समय में हो रहा है जब रूस मिग और सुखोई लड़ाकू विमानों जैसे पारंपरिक रक्षा प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर भारत के साथ औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना चाहता है। प्रस्तावित विमान सौदे भारत-रूस एयरोस्पेस संबंधों के सिविल एविएशन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विमान विनिर्माण तक विस्तार की संभावित दिशा का संकेत देते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले 9 से 11 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित हो रहे इनोप्रोम इंडिया में रूस और भारत की 120 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।
ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्राएर के वैश्विक सरकारी संबंध प्रमुख जोस सेराडोर नेटो ने भी नायडू से मुलाकात की और कंपनी की ‘मेक इन इंडिया’ योजनाओं तथा सहयोग के बढ़ते अवसरों पर चर्चा की।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, भारत के बढ़ते एयरोस्पेस इकोसिस्टम में वैश्विक ओईएम का भरोसा और वैश्विक विमानन सप्लाई चेन में प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं के रूप में भारतीय निर्माताओं पर बढ़ती निर्भरता उत्साहजनक है।
--आईएएनएस
एबीएस
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