Teeth Gap Meaning: दांतों के बीच गैप सिर्फ बनावट नहीं, जानिए सामुद्रिक शास्त्र में क्या बताया गया है इसका खास मतलब
Front Teeth Gap Meaning: सामने के दांतों के बीच गैप होना काफी आम बात है और इसे लोग आमतौर पर दांतों की बनावट से जोड़कर देखते हैं. लेकिन ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में शरीर की बनावट के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव को लेकर भी कई दिलचस्प बातें कही गई हैं. ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के अनुसार, दांतों के बीच गैप वाले लोगों को खुले विचारों वाला, बेबाक और नई चीजों को लेकर उत्सुक माना जाता है. इतना ही नहीं, इनकी दोस्ती, खर्च करने की आदत और जिंदगी जीने के तरीके को लेकर भी कुछ खास मान्यताएं प्रचलित हैं. आखिर दांतों के बीच गैप वाले लोगों के स्वभाव को लेकर ज्योतिष में क्या-क्या कहा गया है. आइए जानते हैं.
BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बढ़ती महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तारूढ़ दल महिलाओं, पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देने के खिलाफ है। मुजफ्फरनगर दंगों की 11वीं बरसी मनाने और कुछ स्थानों पर हिंसा से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश में सांप्रदायिक माहौल बनाना चाहती है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ महंगाई उनके (भाजपा) लिए कोई मुद्दा नहीं है और न ही कोई अन्य मुद्दा। देखिए महंगाई किस तरह बढ़ रही है। ऐसी कौन सी चीज है जो महंगी नहीं हुई है?
वे न तो यह स्वीकार कर रहे हैं कि महंगाई है और न ही इस समस्या का समाधान कर रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने लोगों को मुनाफा कमाने और भ्रष्टाचार करने की अनुमति दे रही है, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। अखिलेश ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए झांसी की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी का शव अस्पताल से घर ले जाने और अंतिम संस्कार करने में कथित तौर पर सक्षम नहीं था तथा उसे शव नदी में फेंकना पड़ा। सपा प्रमुख ने सवाल किया, ‘‘जैसा कि हाल में एक अर्थशास्त्री ने सही कहा था, जीडीपी शून्य है क्योंकि जैसा कि दावा किया जा रहा है, अगर दावे के अनुसार जीडीपी 7.2, 7.8 या 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है तो फिर एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी को घर क्यों नहीं ले जा पाया या उसका अंतिम संस्कार क्यों नहीं कर पाया?’’ लखनऊ को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान मिलने पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि बारिश रुकने और मौसम सामान्य होने के बाद वायु गुणवत्ता की फिर से जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 2027 में सपा के सत्ता में लौटने पर वायु और जल गुणवत्ता तथा पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर काम किया जाएगा। उन्होंने वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहकर शहरों में जलभराव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि जो लोग अपने शहरों से बारिश का पानी नहीं निकाल पा रहे हैं, वे दूसरे स्थानों पर बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं कर सकते।
सपा प्रमुख अक्सर व्यंग्य के तौर पर वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान बनाए गए राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में अनियमितताओं का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ दल पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकालने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक फैसला है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी पार्टी का फैसला है। दूसरी पार्टियों के लोग इस पर कुछ नहीं कह सकते।’’ जब उनसे पूछा गया कि अगर आकाश आनंद सपा में शामिल होना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा, तो अखिलेश ने कहा, ‘‘आप उन्हें लेकर आइए, हम उन्हें पार्टी में शामिल कर लेंगे।’’ सोशल मीडिया पर भाजपा द्वारा अन्य दलों के नेताओं के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो पोस्ट किए जाने के सवाल पर अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा किसी की सगी नहीं है।’’ अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा अपने राज्यव्यापी घोषणापत्र के साथ-साथ हर जिले के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से अक्सर स्थानीय मुद्दे नजरअंदाज हो जाते हैं।
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