Responsive Scrollable Menu

दिल्ली सत्य निकेतन हादसे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हाईकोर्ट ही करेगा सुनवाई

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट से अपने पास ट्रांसफर नहीं करेगा, क्योंकि मामले में पहले ही कार्रवाई शुरू हो चुकी है.

The post दिल्ली सत्य निकेतन हादसे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हाईकोर्ट ही करेगा सुनवाई appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

1,200 सीनियर एक्जीक्यूटिव के सर्वे में खुलासा:94% लीडर बदलाव के लिए तैयार, 63% ढूंढ रहे नई नौकरी; 41% बोले- 1 साल टिकना भी मुश्किल

देश में कॉरपोरेट जगत के 94% सीनियर एग्जीक्यूटिव्स नई नौकरी तलाशने और करिअर में बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दरअसल, भारत में सीनियर लीडरशिप का परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है। एग्जीक्यूटिव्स अब अपने करिअर में तेज प्रगति, बड़ी जिम्मेदारियां और अपनी छाप छोड़ने के अवसर चाहते हैं। दूसरी ओर, कंपनियों पर भी इन शीर्ष अधिकारियों को अपने साथ जोड़े रखने का भारी दबाव बना हुआ है। यह अहम खुलासा एग्जीक्यूटिव सर्च कंपनी पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया की ‘एग्जीक्यूटिव कम्पनसेशन एंड टैलेंट ट्रेंड्स रिपोर्ट’ में हुआ है। देश के 1,200 से अधिक सी-लेवल अधिकारियों और शीर्ष लीडर्स पर किए गए इस अध्ययन के मुताबिक, 63% अफसर तो पूरे जोर-शोर से नई भूमिका ढूंढ रहे हैं। वहीं 41% अफसरों का स्पष्ट मानना है कि वे एक साल से ज्यादा अपने मौजूदा पद पर नहीं टिकेंगे। पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया के मैनेजिंग पार्टनर जॉन गोल्डस्टीन बताते हैं कि भारतीय बाजार में योग्य टैलेंट की कोई कमी नहीं है। असली चुनौती यह है कि कंपनियां किस रफ्तार से इस टैलेंट को विकसित करती और संभालती हैं। आज के लीडर्स तेज प्रगति, बड़ा प्रभाव और अपने प्रदर्शन तथा पुरस्कार के बीच स्पष्ट तालमेल देखना चाहते हैं। दूसरी तरफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी अब बड़े पदों के कामकाज का जरूरी हिस्सा बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, 72% अफसरों का मानना है कि एआई के इस्तेमाल से उनके काम का स्तर काफी सुधरा है। माइकल पेज इंडिया और सिंगापुर के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर निलय खंडेलवाल के अनुसार, एआई पर चर्चा अब इसे अपनाने से आगे बढ़कर जवाबदेही पर आ चुकी है। जैसे-जैसे जिम्मेदारियां विकसित हो रही हैं, सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसे टैलेंट को खोजने, विकसित करने और रोके रखने की होगी जो एआई के साथ प्रभावी ढंग से काम कर सके। हालांकि, अच्छी सैलरी देकर सीनियर लीडरशिप को रोकना अब कंपनियों के लिए आसान नहीं है, क्योंकि अफसर पदोन्नति और आगे बढ़ने के अवसरों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। इसके साथ ही, देश में अब स्किल्स के आधार पर होने वाली भर्तियों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सैलरी - 87% अधिकारियों के लिए वेतन ही संतुष्टि का प्रमुख आधार - सैलरी के मामले में 65% एग्जीक्यूटिव्स अपने मौजूदा पैकेज से संतुष्ट हैं। वहीं 87% अधिकारियों का मानना है कि जॉब सैटिस्फेक्शन के लिए पैसा ही सबसे बड़ा पैमाना है। हालांकि केवल बेहतर सैलरी देकर अफसरों को लंबे समय तक रोकना अब किसी कंपनी के लिए मुमकिन नहीं रह गया है। - 75% एग्जीक्यूटिव्स अपने रोजमर्रा के कामकाज में एआई का नियमित इस्तेमाल कर रहे हैं। इतने ही अधिकारियों ने इससे अपनी काम करने की क्षमता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि एआई के इस्तेमाल से उनके काम का स्तर काफी सुधरा है।

Continue reading on the app

  Sports

10 साल में एक भी बल्लेबाज नहीं मिला, वसीम अकरम ने पीएसएल की खोली पोल, बोले- हमें भी चाहिए वैभव सूर्यवंशी

Wasim Akram Vaibhav Sooryavanshi: वसीम अकरम ने पाकिस्तान सुपर लीग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 साल में यह एक भी विश्वस्तरीय बल्लेबाज नहीं दे सकी. उन्होंने भारत के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की मिसाल देते हुए कहा कि जब तक ऐसा टैलेंट नहीं निकलेगा, पाकिस्तान की क्रिकेट में सुधार असंभव है. Fri, 11 Sep 2026 23:33:24 +0530

  Videos
See all

नाराज़ 'फूफा' जी आज क्यों नाराज़ हैं? । Arnab Goswami । Poochta Hai Bharat #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-11T18:10:37+00:00

Top Headlines Of The Day: BRICS Summit 2026 | PM Modi | Putin | Aaditya Thackeray | Disha Salian #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-11T18:12:34+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers