Surya Gochar 2026: 17 सितंबर को ग्रहों के राजा सूर्य का गोचर, ये 5 राशियां होंगी धनवान
Surya Gochar 2026: सूर्य ग्रह को ग्रहों का राजा माना जाता है. जब भी इस ग्रह का गोचर होता है, तो उसे ज्योतिष में विशेष खगोलीय घटना माना जाता है. इस बार कन्या संक्रांति पर सूर्य का गोचर कन्या राशि में होने वाला है. ऐसे में इससे बेहद खास बदलाव माना जा रहा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को सूर्य अपनी स्वयं की राशि सिंह से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. यह उनकी मित्र राशि है इसलिए कुछ राशियों को इससे लाभ होगा तो वहीं कुछ राशियों को इसका नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.
कन्या राशि में सूर्य का गोचर लगभग 1 महीने तक रहेगा. 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या से निकलकर तुला राशि में जाएंगे. कन्या राशि में गोचर के दौरान बुध के सूर्य की युति होगी, इससे बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा. सूर्य के गोचर से इन राशियों को ज्यादा फायदा होने वाला है.
सूर्य गोचर से कौन-कौन सी राशियों को लाभ होगा?
1.मेष राशि
मेष राशि के जातकों को सूर्य के गोचर का लाभ मिलेगा. ये लोग इस समय अपने शत्रुओं को परास्त करेंगे. छठे भाव में सूर्य का गोचर होगा. इस वजह से प्रतिस्पर्धा में आपका बल अधिक रहेगा. कोर्ट-कचहरी के मामलों में कानूनी राहत मिलेगी. लंबे समय से अटका कोई फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. लंबे समय से चल रही किसी बीमारी से अब आपको राहत मिलने वाली है. ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है.
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2.सिंह राशि
फिलहाल, सूर्य सिंह राशि में ही है. इस राशि से निकलकर ही उनका कन्या राशि में गोचर होगा. ऐसे में इन्हें भी फायदा पहुंचने वाला है. इस राशि के स्वामी सूर्य का दूसरे भाव में गोचर होगा. ये घर धन का होता है. ऐसे में आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, रुका हुआ धन वापस मिलेगा. आप अपनी वाणी पर नियंत्रण पाएंगे. इससे आपकी बातों का गहरा प्रभाव भी लोगों पर होगा, खासतौर पर कार्यक्षेत्र में. इससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा. धन संचय करने का पूर्ण अवसर मिलेगा.
3.वृश्चिक राशि
सूर्य के गोचर से वृश्चिक राशि के जातकों को आय में लाभ होता दिखेगा. इस राशि के 11वें भाव में सूर्य का गोचर हो रहा है. ऐसे में इन लोगों की आमदनी में वृद्धि होगी और लंबे समय से अटकी हुई योजनाएं भी पूरी होंगी. निवेश से बड़ा लाभ प्राप्त होगा. कार्यस्थल पर सीनियर अधिकारियों तथा वरिष्ठों का पूरा समर्थन प्राप्त होगा.
4.धनु राशि
धनु राशि के लोगों को भी सूर्य के गोचर से करियर में सफलता मिलेगी. आपके दशम भाव में गोचर हो रहा है, जो कर्म भाव माना जाता है. इन लोगों को कार्यक्षेत्र में शुभ समाचार मिलेगा. पदोन्नति हो सकती है और नौकरी में प्रमोशन, सैलरी इंक्रीमेंट होगा. कुछ जातकों को मनचाहा ट्रांसफर मिलेगा. सरकारी क्षेत्रों या उच्च अधिकारियों से लाभ मिलने के प्रबल संयोग मिल रहे हैं.
5.मकर राशि
मकर राशि के लोगों को नवम भाव में सूर्य का गोचर हो रहा है. इन लोगों का सोया भाग्य अब जागने वाला है. इस दौरान आपकी धार्मिक रुची में वृद्धि होगी. यात्रा से भरपूर लाभ होगा. नौकरी और व्यापार के चलते किसी यात्रा पर जाने का अवसर मिल सकता है. इन लोगों केो लिए ऐसी यात्राएं लाभकारी साबित होगी. इस राशि के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा में भी मनचाही सफलता हासिल होगी.
सूर्य गोचर के लाभ को दोगुना करने के लिए करें सरल उपाय
सूर्य गोचर होने के बाद सभी राशियों को कुछ उपाय करने चाहिए:-
- प्रतिदिन सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें. जल में लाल फूल तथा सिंदूर मिला सकते हैं.
- जल चढ़ाते समय ऊं सूर्याय नम: और ऊं घृणि सूर्याय नम:, इन मंत्रों का जाप करना चाहिए.
- रविवार के दौरान गेहूं, गुड़ या तांबे से बनी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में भारत की अहम भूमिका, ब्रिक्स के केंद्र में नई दिल्ली
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। चार उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक आर्थिक शब्द के रूप में शुरू हुआ ब्रिक्स आज चार महाद्वीपों में फैला एक प्रभावशाली भू-राजनीतिक समूह बन चुका है। समय के साथ इसमें नए सदस्य देशों के शामिल होने से इसकी आर्थिक और रणनीतिक ताकत लगातार बढ़ी है। इस विस्तारित समूह की कमान वर्ष 2026 में भारत के हाथों में है और देश अपनी चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान संगठन को अधिक समावेशी, प्रभावी और समाधान-केंद्रित मंच बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
ब्रिक्स आज प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक नीतियों के समन्वय का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। यह ऐसा मंच है जहां सदस्य देश वैश्विक शासन, विकास, व्यापार और आर्थिक सुधारों जैसे मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करते हैं। लगातार संवाद और सहयोग के माध्यम से ब्रिक्स ने वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की आवाज को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत की 2026 की अध्यक्षता बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर आधारित है। इसी थीम के तहत भारत 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
भारत का लक्ष्य संगठन की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना, विकास और नवाचार को प्राथमिकता देना तथा वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाना है।
आज ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित कुल 11 सदस्य देश शामिल हैं। ये देश मिलकर दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ब्रिक्स की बढ़ती आर्थिक और जनसांख्यिकीय शक्ति को दर्शाता है।
ब्रिक्स के विस्तार का एक महत्वपूर्ण चरण जनवरी 2024 में शुरू हुआ था, जब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया संगठन का 11वां पूर्ण सदस्य बना। इन नए सदस्यों के शामिल होने से ब्रिक्स का प्रभाव एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका तक और व्यापक हो गया है।
विस्तार के साथ ही पार्टनर कंट्री श्रेणी भी बनाई गई। वर्ष 2025 के दौरान बेलारूस, बोलिविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम इस ढांचे से जुड़े, जिससे ब्रिक्स की पहुंच और वैश्विक प्रभाव क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वर्षों के दौरान ब्रिक्स का एजेंडा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहा है। अब यह आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, कृषि, श्रम एवं रोजगार, दूरसंचार, वैश्विक वित्तीय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल करता है। ब्रिक्स विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और वैश्विक वित्तीय संस्थानों में अधिक प्रतिनिधित्व और संतुलित भागीदारी की वकालत करता है।
इन प्रयासों का उद्देश्य वैश्विक शासन को अधिक समावेशी, प्रभावी और समकालीन चुनौतियों के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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