नाबार्ड के चेयरमैन शाजी कृष्णन वी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) काफी कम हुई हैं और फसल उत्पादकता बढ़ाने के साथ ऋण सुविधा में सुधार से इसमें और कमी लाई जा सकती है। यहां वैश्विक वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) सम्मेलन में उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में एनपीए एक समय दोहरे अंक में था, जो अब घटकर एकल अंक यानी 10 प्रतिशत से नीचे आ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उत्पादकता बढ़ने से इसमें और सुधार हो सकता है और ऐसा होना जरूरी है।
इससे किसानों की कर्ज चुकाने की क्षमता बढ़ेगी। इसके बाद हमें बीमा और ऋण सहायता की जरूरत होगी... हम इन्हीं क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं।’’
कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर करीब 3.5 प्रतिशत रहने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसमें तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत को बहुत तेजी से आगे बढ़ना है और सरकार का लक्ष्य विकसित भारत है, तो समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ना होगा।
अन्यथा किसी न किसी तरह का अंतर पैदा होगा।’’
एग्री स्टैक के बारे में उन्होंने कहा कि इसे तीन स्तर वाले बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने ऐसा ऋण वितरण तंत्र लागू किया है, जो एग्री स्टैक और इंडिया स्टैक दोनों को एकीकृत करता है। उन्होंने कहा कि इससे करीब 7.5 करोड़ किसानों को जरूरत के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की गिरफ्तारी की मांग की है और संगरूर जिले में दलित मजदूर गुलज़ार सिंह की आत्महत्या की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराने का अनुरोध किया है। गुरुवार को, चन्नी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताने के लिए गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साथ बैठक में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गैंगस्टरवाद को बढ़ावा देने और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार पर रोक लगाने का आरोप लगाया।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए चन्नी ने कहा कि हमने आज पंजाब के गवर्नर से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा 'गैंगस्टरवाद' को बढ़ावा दिए जाने के मुद्दे पर मुलाकात की। पंजाब सरकार हमसे विरोध करने का अधिकार छीन रही है। आज पंजाब में लोकतंत्र नहीं है। आप (पंजाब सरकार) कहते हैं कि राज्य में ड्रग्स नहीं हैं। गुलज़ार नाम के एक व्यक्ति ने ड्रग्स का मुद्दा उठाया, लेकिन आपने उसके घर पुलिस भेज दी। उसके बेटे को अपने पिता को श्रद्धांजलि देने का मौका तक नहीं मिला।
उन्होंने ड्रग तस्करी में AAP के कुछ विधायकों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया और वित्त मंत्री चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चन्नी ने कहा कि उनके (AAP के) विधायक खुद ड्रग्स के मामलों में शामिल हैं। हमारी मांग है कि चीमा जी इस्तीफा दें और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए चन्नी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक दलित परिवार का दर्द समझा है और यह भी समझा है कि कैसे पंजाब सरकार ड्रग्स को बढ़ावा दे रही है। केजरीवाल और भगवंत मान को अपने बयानों पर शर्म आनी चाहिए।
कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, वरिंदरमीत सिंह पाहड़ा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी चन्नी के साथ थे। ANI से बात करते हुए चन्नी ने फिर कहा कि हम गुलज़ार सिंह के मामले में CBI जांच चाहते हैं। हम चाहते हैं कि FIR में हरपाल चीमा का नाम शामिल हो। उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए और उन्हें गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने गुलज़ार सिंह के अंतिम संस्कार के तरीके की भी आलोचना करते हुए कहा, "परिवार ने कभी मंज़ूरी नहीं दी थी (अंतिम संस्कार के लिए)। मैं रात में अस्पताल पहुँचा था। वे ज़बरदस्ती उन्हें अस्पताल से ले गए, ज़बरदस्ती उनका अंतिम संस्कार किया और पुलिस और सरकार ने सब कुछ ज़बरदस्ती किया। वे गैंगस्टरों को बढ़ावा दे रहे हैं। AAP ने हज़ारों लोगों के सामने मंच पर एक ऐसे गैंगस्टर का स्वागत किया जिस पर 47 मामले दर्ज हैं, उसे पार्टी में शामिल किया और अब उसे टिकट देने जा रही है।
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