Malnutrition in India: भारत का हर तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार! राजस्थान में 30 लाख बच्चों की हालत चिंताजनक
Malnutrition in India: कुपोषण के खिलाफ जंग पूरी दुनिया में लड़ी जा रही है. कई देश इसकी चपेट में है, जिसमें भारत भी शामिल है. मैलन्यूट्रिशन के खिलाफ जंग के बीच देश में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. देश में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर पोषण ट्रैकर के जुलाई 2026 तक के आंकड़ों में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. देशभर में 0 से 5 साल तक के 6,69,92,507 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. इनमें 11% बच्चे अंडरवेट, 5% ओवरवेट, 28% बच्चों का शारीरिक विकास आयु अनुसार, गंभीर रूप से अवरुद्ध और 3% बच्चे गंभीर या मध्यम कुपोषण की श्रेणी में थे.
देश के बच्चों के सामने सिर्फ कम वजन की समस्या नहीं है बल्कि उनके शारीरिक विकास और पोषण से जुड़ी कई चुनौतियां भी है. खास बात यह है कि अलग-अलग राज्यों में स्थिति एक सी नहीं है. राजस्थान में, मध्यप्रदेश में, छत्तीसगढ़ के आंकड़ों की तुलना करें तो MP में बच्चों का वेट कम के आंकड़े सबसे अधिक पाए गए हैं.
मध्यप्रदेश में अंडरवेट बच्चों का आंकड़ा
मध्यप्रदेश में कुल 51,05,885 बच्चों का हेल्थ चेकअप किय गया. इनमें 22% बच्चे अंडरवेट थे. यानी जांच किए गए करीब हर 5 बच्चों में से एक बच्चा अपनी उम्र और शरीर के हिसाब से कम वजन का है. मध्यप्रदेश में 4 फीसदी बच्चे over weight पाए गए, जबकि 39% बच्चों में स्टंटिंग की समस्या पाई गई. वहीं, 7 फीसदी बच्चे वेस्टिंग की श्रेणी रहे. तीनों राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में अंडरवेट बच्चों का आंकड़ा सबसे ज्यादा है. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 12-12 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश में 22% है. ऐसे में मध्यप्रदेश का आंकड़ा इन दोनों राज्यों के मुकाबले 10 प्रतिशत ज्यादा है. स्टंटिंग के मामले में भी मध्यप्रदेश 39 फीसदी के साथ सबसे ज्यादा है. इससे पता लगता है कि यहां बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनकी उम्र के अनुसार, शारीरिक विकास को लेकर भी चुनौती बनी चुकी है.
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राजस्थान में 30 लाख बच्चों की हुई जांच
राजस्थान में जुलाई 2026 तक करीब 30, 29,160 बच्चों का हेल्थ चेकअप करवाया गया था. इनमें से 12% बच्चे अंडरवेट पाए गए थे. वहीं, 7 फीसदी बच्चे ओवरवेट थे. राजस्थान में 27 फीसदी बच्चों का शारीरिक विकास उम्र के हिसाब से कम पाया गया, जबकि 4 फीसदी बच्चे वेस्टिंग की कैटेगरी में रहे हैं. जिलों के आंकड़ों को देखें तो बच्चों के कम वेट की समस्या कुछ जिलों में बहुत अधिक पाई गई थी. झालावाड़ में 25% अंडरवेट बच्चों के साथ सबसे ऊपर है. इसके बाद सलूम्बर में 24%, डूंगरपुर में 23 फीसदी, प्रतापगढ़ में 21% और टोंक-बूंदी में 20 प्रतिशत बच्चे अंडरवेट मिले हैं. इसका अर्थ स्पष्ट रूप यही है कि हर पांचवा बच्चा कुपोषित है.
वहीं, ओवरवेट बच्चों का आंकड़ा देखे तो कुछ जिलों की स्थिति चिंताजनक थी. जालोर में 19% बच्चे ओवरवेट थे, जो राज्य का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके बाद बाड़मेर में 13%, बांसवाड़ा में 12 फीसदी और डीग और डीडवाना-कुचामन में 11-11 प्रतिशत बच्चे ओवरवेट मिले हैं.
राजस्थान में 40 लाख से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण
न्यूट्रिशन से जुड़ी योजना-परियोजनाओं के अंतर्गत राजस्थान में जुलाई 2026 तक 40,68,765 पात्र लाभार्थी हैं. पंजीकृत लाभार्थियों में 0 से 6 साल तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और किशोरियां शामिल हैं. इनमें 6 महीने से 3 साल तक के 17,57,943 बच्चे हैं और 3 से 6 साल तक के 13,40,599 बच्चे हैं.
छत्तीसगढ़ में 12% अंडरवेट
इस राज्य में जुलाई 2026 तक 17,29,273 बच्चों का हेल्थ चेकअप हुआ है. इनमें से 12% बच्चे अंडरवेट हैं जबकि सिर्फ 1 बच्चा ही ओवरवेट मिला है. राज्य में करीब 22 प्रतिशत बच्चों में स्टंटिंग और 6 फीसदी बच्चे वेस्टिंग की श्रेणी में पाए गए हैं. छत्तीसगढ़ में ओवरवेट बच्चों का आंकड़ा अन्य दो राज्यों की तुलना में बहुत कम है. मगर वेस्टिंग के मामले में यहां के हालात स्थिति से बाहर है. यहां 6 प्रतिशत बच्चे वेस्टिंग कैटेगरी मे हैं.
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ब्रिक्स समिट के लिए दुल्हन की तरह सजने लगी नई दिल्ली, इंटरनेशनल मेहमानों के स्वागत तैयार राजधानी, NDMC ने शेयर कीं तस्वीरें
BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार किया जा रहा है. 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन को देखते हुए नई NDMC ने सड़कों, बाजारों, होटल इलाकों और वीआईपी रूट पर तैयारियां तेज कर दी हैं. इन इलाकों में सफाई, सड़क सुधार, रोशनी और सौंदर्यीकरण के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तैयारियों की तस्वीरें और ब्रिक्स इंडिया 2026 का लोगो साझा किया. उन्होंने बताया कि राजधानी के अलग-अलग स्थानों पर ब्रिक्स सम्मेलन के स्वागत और इसे यादगार बनाने के लिए विशेष सजावट की जा रही है. गोलचक्करों पर रोशनी और सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू हो चुका है.
New Delhi, Ready to Welcome the World.
— New Delhi Municipal Council Official (@tweetndmc) September 6, 2026
Ahead of the BRICS Summit, NDMC is giving major areas across New Delhi a refreshed and vibrant look through comprehensive beautification and streetscape improvement works.
From pothole-free roads, refreshed kerbs and well-marked zebra… pic.twitter.com/YTu5GQXSAo
सड़कों से लेकर फुटपाथ तक सुधार
एनडीएमसी ने बताया कि सम्मेलन से पहले नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों को नया रूप दिया जा रहा है. सड़कों को गड्ढामुक्त करने, फुटपाथों को बेहतर बनाने और ज़ेबरा क्रॉसिंग को साफ और स्पष्ट करने का काम किया जा रहा है. इसके साथ ही थीम आधारित पेंटिंग, रोशन फव्वारे और फुटपाथों के सुधार जैसे काम भी किए जा रहे हैं.
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एनडीएमसी का कहना है कि इन तैयारियों का मकसद राजधानी को साफ, सुरक्षित और मेहमानों के लिए बेहतर बनाना है. सार्वजनिक जगहों को भी सजाया जा रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने दिल्ली की बेहतर तस्वीर पेश की जा सके.
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल सेंटर
सम्मेलन के दौरान किसी भी समस्या से तुरंत निपटने के लिए पालिका केंद्र स्थित एनडीएमसी का एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर 5 से 14 सितंबर तक 24 घंटे काम करेगा. यातायात पर नजर रखने और आने वाली शिकायतों को तुरंत लेने के लिए अलग कंट्रोल रूम भी रहेगा.
Lighting and beautification of our roundabouts has begun. Yesterday evening captured a few… pic.twitter.com/ee3jAKif6u
— Manoj Dwivedi (@dwivedimk_ias) September 6, 2026
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि तीन शिफ्टों में निदेशक या संयुक्त निदेशक स्तर के दो अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके अलावा एनडीएमसी की 11 विंगों को रात की ड्यूटी दी गई है, ताकि सम्मेलन के दौरान किसी भी समस्या का जल्द समाधान किया जा सके. संबंधित विभागों के प्रभारी अधिकारियों को भी जरूरत पड़ने पर कॉल अटेंड करने के लिए उपलब्ध रहने को कहा गया है. वहीं, मुख्य सुरक्षा अधिकारी दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ लगातार समन्वय करेंगे.
प्रदूषण और धूल पर भी नजर
सम्मेलन के दौरान राजधानी की प्रमुख सड़कों पर धूल और प्रदूषण को कम रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. इसके तहत लोधी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शांतिपथ और जाकिर हुसैन रोड समेत पांच स्थानों पर धुंध का विशेष छिड़काव किया जाएगा.
इसके अलावा नई दिल्ली के 17 प्रमुख गोलचक्करों, 11 होटलों और 10 एनडीएमसी भवनों को सजावटी रोशनी से सजाया जाएगा. 15 स्थानों पर फूलों के बोर्ड और नौ जगहों पर फूलों के फव्वारे लगाए जाएंगे. प्रमुख सड़कों और महत्वपूर्ण चौराहों के किनारे 15 हजार से ज्यादा फूलों के गमले भी लगाए जा रहे हैं. इस तरह ब्रिक्स सम्मेलन से पहले नई दिल्ली में एक तरफ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर को सजाकर विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार किया जा रहा है.
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