The Traitors India 2: मल्लिका के ‘जेल कमबैक’ कमेंट पर भड़के Karan Johar, बोले- किसी के मुश्किल वक्त का मजाक...
Karan Johar: The Traitors India Season 2 का रीयूनियन एपिसोड सामने आ चुका है। इसमें होस्ट करण जौहर ने मल्लिका शेरावत से रिया चक्रवर्ती को लेकर किए गए उनके ‘जेल कमबैक’ वाले कमेंट पर सवाल किया। मल्लिका की इस बात की सोशल मीडिया पर भी काफी आलोचना हुई थी।
करण ने मल्लिका से पूछा सवाल
रीयूनियन के दौरान मल्लिका शो में कमबैक को लेकर बात कर रही थीं। उन्होंने मुनव्वर फारुकी से कहा कि यह गेम कमबैक के बारे में नहीं है और यही इस गेम की असली भावना है। इस पर करण जौहर ने उन्हें याद दिलाया कि रिया के कमबैक को लेकर उनका पुराना बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
मल्लिका ने जवाब दिया, “मैं अब इंटरनेट से क्यों बहस करूं? मैंने इसे वायरल नहीं किया, इंटरनेट ने किया।” इसके बाद करण ने मल्लिका से पूछा कि क्या उन्हें नहीं लगता कि रिया को लेकर किया गया वह कमेंट ‘कुछ ज्यादा’ था।
रिया ने जो झेला, वो अलग था
मल्लिका ने करण से पूछा कि उन्हें उनका कमेंट गलत क्यों लगा। इस पर करण ने अपनी बात समझाते हुए कहा कि रिया ने जेल में जिस मुश्किल दौर का सामना किया था, वह बाकी लोगों के संघर्ष से बिल्कुल अलग था। करण ने कहा कि रिया ने अपनी जिंदगी में जिस मुश्किल समय का सामना किया, उस पर किसी को इस तरह बात नहीं करनी चाहिए।
मल्लिका ने रिया से मांगी थी माफी
इसके बाद मल्लिका ने सफाई देते हुए बताया कि उन्होंने उस कमेंट के बाद रिया से माफी मांग ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि माफी मांगने के बाद दोनों के बीच सब ठीक हो गया और उनकी अच्छी दोस्ती भी हो गई।
क्या कहा था मल्लिका ने?
दरअसल, शो के दौरान रिया ने मल्लिका के कमेंट पर कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि इसमें कोई बहुत बड़ी बात थी। इसके जवाब में मल्लिका ने कहा था, “ओह, ये तुम्हारा कमबैक है? रिया, इस पर कमेंट करने वाला कौन है? क्या ये गेम कमबैक के बारे में है? मैं भी कह सकती हूं कि रिया, तुम जेल में थीं, तो क्या ये तुम्हारा बड़ा कमबैक है?” मल्लिका के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
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Mayawati ने भतीजे Akash Anand को BSP की सभी जिम्मेदारियों से किया पूरी तरह आजाद
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ के बृहस्पतिवार को राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने के ऐलान के बाद पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे और सिद्धार्थ के दामाद आकाश आनन्द को पार्टी से पूरे तौर से मुक्त कर दिया। सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह अभी इसी वक्त राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास ले रहे हैं और संन्यास तो बहुत छोटी चीज है अगर उन्हें कभी मायावती के लिए अपनी जान भी देनी पड़े तो वह उनके लिए फख्र की बात होगी। हालांकि सिद्धार्थ द्वारा देरी के लिये क्षमा प्रार्थी नोट के साथ की गई इस पोस्ट के कुछ ही देर बाद मायावती ने भी एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अगर सिद्धार्थ को अपने दामाद आकाश आनन्द के उज्ज्वल भविष्य के साथ ही बसपा तथा बहुजन आंदोलन की जरा सी भी चिंता होती तो वह बिना देर किए बुधवार को ही राजनीति से संन्यास की घोषणा कर देते लेकिन ऐसा नहीं होना यह साबित करता है कि सिद्धार्थ की नियत में खोट है और उनकी महत्वाकांक्षा कम नहीं हुई है।
दरअसल मायावती ने बुधवार को एक्स पर एक संदेश में सिद्धार्थ पर लगातार अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वह राजनीति से संन्यास ले लें तभी उनके दामाद आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारियां देने पर विचार किया जा सकता है। सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह भगवान गौतमबुद्ध और अपने राजनीतिक आदर्श कांशीराम की कसम खाते हैं कि उन्होंने कभी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के ही कुछ साथी उन्हें मायावती से मिलने वाले सम्मान की वजह से ही आरोप लगाते हैं कि वह पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं और आकाश आनंद को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसमें लेशमात्र भी सच्चाई नहीं है।
बसपा की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को अपने भतीजे आकाश आनंद के सियासी भविष्य को उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास से जोड़ते हुए कहा था कि सिद्धार्थ के सियासत छोड़ने पर ही पार्टी आकाश को उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर विचार करेगी। मायावती का यह बयान गत तीन सितंबर को लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाने के कुछ दिनों बाद आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि आनंद को अभी और राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है और वह फिलहाल उन्हें संगठन की बड़ी जिम्मेदारियां नहीं सौंपेंगी। आनंद के ससुर और बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ को गत दो अगस्त को पार्टी से निकाल दिया गया था।
उन पर बार-बार अनुशासनहीनता, पार्टी-विरोधी रुख अपनाने और अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से न निभाने के आरोप थे। सिद्धार्थ की पोस्ट के कुछ ही देर बाद मायावती ने सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को देर आयद, दुरुस्त आयद वाला कदम बताया और आकाश को पार्टी से पूरे तौर से मुक्त करने का भी ऐलान कर दिया। बसपा प्रमुख ने, उनकी बुधवार की पोस्ट को आकाश की तरफ से ‘रीपोस्ट’ नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसा नहीं करने से यह लगता है कि सिद्धार्थ और आकाश दोनों को पार्टी और उसके आंदोलन में कम और अपने निजी तथा पारिवारिक स्वार्थ का मोह ज्यादा है।
मायावती ने कहा कि ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकाश डबल माइंड होकर बसपा और बहुजन आंदोलन का भला कैसे कर सकते हैं, लिहाजा पार्टी के लोगों को यही बेहतर लगता है कि आकाश को जिस तरह से पिछली तीन सितंबर को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के पद सहित पार्टी की सभी अहम जिम्मेदारियां से मुक्त कर दिया गया था उसी तरह से उन्हें पार्टी में भी आज से पूरी तरह आजाद कर दिया जाए। उन्होंने कहा, अगर आकाश आनन्द पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। अर्थात ऐसे में अब इनको पार्टी से पूरे तौर से मुक्त कर दिया गया है।
हालांकि मायावती ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आकाश को निष्कासित किया गया है या नहीं।
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