Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा को क्यों इतना पसंद है मोदक? जानें इससे जुड़ी दिलचस्प पौराणिक कहानी
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी के मौके पर घरों और पंडालों में बप्पा के लिए तरह-तरह के भोग तैयार किए जाते हैं। इनमें मोदक की खास जगह होती है। नारियल और गुड़ से बने पारंपरिक उकड़ीचे मोदक से लेकर अलग-अलग स्वाद वाले मोदक आज गणपति उत्सव का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
धार्मिक मान्यताओं में भगवान गणेश को ‘मोदकप्रिय’ भी कहा जाता है, यानी जिन्हें मोदक बेहद प्रिय हैं। लेकिन इसके पीछे सिर्फ स्वाद की बात नहीं, बल्कि ज्ञान और बुद्धिमानी से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी सुनाई जाती है।
भगवान गणेश को क्यों मिला था खास मोदक?
पौराणिक कथा के अनुसार, देवताओं ने एक विशेष दिव्य मोदक माता पार्वती को दिया था। इस मोदक को लेकर भगवान गणेश और उनके भाई कार्तिकेय के बीच बात हुई।
माता-पिता ने दोनों भाइयों के सामने एक शर्त रखी कि जो पूरी दुनिया का चक्कर लगाकर सबसे पहले वापस आएगा, वही इस विशेष मोदक को पाएगा।
कार्तिकेय निकल पड़े दुनिया की यात्रा पर
कथा के अनुसार, कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर सवार होकर दुनिया का चक्कर लगाने निकल गए। वहीं भगवान गणेश ने कुछ अलग सोचा। गणेश जी ने अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की परिक्रमा की और कहा कि उनके लिए माता-पिता ही पूरी दुनिया के समान हैं।
गणेश जी की इस बुद्धिमानी और माता-पिता के प्रति भक्ति से शिव-पार्वती प्रसन्न हुए और उन्हें वह दिव्य मोदक प्रदान किया। इसी कथा को गणेश जी की बुद्धि और भक्ति से भी जोड़ा जाता है।
इसलिए कहा जाता है ‘मोदकप्रिय’
पौराणिक मान्यताओं में मोदक भगवान गणेश से इतना जुड़ गया कि उन्हें ‘मोदकप्रिय’ नाम से भी पुकारा जाने लगा। गणेश चतुर्थी के दौरान मोदक का भोग इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
मोदक के अंदर छिपा है एक खास संदेश
मोदक को सिर्फ मिठाई नहीं माना जाता। इससे जुड़ी व्याख्याओं में इसके बाहरी आवरण को जीवन की चुनौतियों और अंदर की मीठी भरावन को ज्ञान, खुशी और संतोष का प्रतीक बताया जाता है।
यानी बाहर से जीवन कितना भी कठिन क्यों न लगे, उसके भीतर ज्ञान और खुशी पाने का रास्ता छिपा हो सकता है। इसी वजह से गणपति को मोदक चढ़ाने की परंपरा को एक खास आध्यात्मिक अर्थ से भी जोड़ा जाता है।
गणेश चतुर्थी पर कौन सा मोदक बनाएं?
गणेश उत्सव में उकड़ीचे मोदक सबसे लोकप्रिय पारंपरिक विकल्पों में से एक हैं। इन्हें चावल के आटे की बाहरी परत और नारियल-गुड़ की भरावन से बनाया जाता है और भाप में पकाया जाता है।
इसके अलावा आजकल ड्राई फ्रूट, चॉकलेट और मावा जैसे कई स्वादों में भी मोदक बनाए जाते हैं। घर पर मोदक बनाकर बप्पा को भोग लगाना और फिर परिवार के साथ इसे प्रसाद के रूप में बांटना गणेश उत्सव की खूबसूरत परंपराओं में से एक है।
(Disclaimer): यह खबर धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं में प्रचलित कथाओं पर आधारित है। अलग-अलग ग्रंथों और क्षेत्रों में इस कथा के अलग-अलग रूप मिलते हैं। इसे ऐतिहासिक या वैज्ञानिक तथ्य के रूप में न लें।
यह भी पढ़ें: गणेश चतुर्थी पर बप्पा को लगाएं मोदक का पसंदीदा भोग, मिनटों में तैयार होगी
पाकिस्तान छोड़ने वाले हैदर अली का वनडे में धमाका, 14 रन पर गिराए 6 विकेट, UAE को दिलाया फाइनल का टिकट
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi






