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मट्ठे में तड़का लगाते ही फट जाता है? फ्राई करने से पहले जान लें 3 स्मार्ट ट्रिक, बदल जाएगा स्वाद और टेक्सचर

Buttermilk Fry Tips: मट्ठा फ्राई करते समय उसके फटने की मुख्य वजह अचानक तेज गर्मी और तापमान का अंतर हो सकता है. धीमी आंच, अच्छी तरह फेंटा हुआ मट्ठा और जरूरत पड़ने पर थोड़ा बेसन इस्तेमाल करने से इसकी बनावट बेहतर रह सकती है. तड़के और मसालों से स्वाद भी बढ़ाया जा सकता है.

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माल्या बोले- ब्रिटेन छोड़ने पर रोक, भारत कैसे लौटूं:बैंकों को 14000 करोड़ लौटाए, फिर भी भगोड़ा कहते हैं; सोचता हूं कॉकरोच बन जाऊं

लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं। माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में उनसे 14,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली की बात मानी है। यह रकम उन बैंकों को दी गई, जिनका पैसा उन पर बकाया था। माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के CJP के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है। विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए, मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं।” विजय माल्या पर, अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से लिए गए ₹9,000 करोड़ के लोन डिफॉल्ट का आरोप है। माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए माल्या ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों का जिक्र करते हुए कहा- “मैं फिर कहना चाहता हूं कि सबसे खतरनाक मानी जाने वाली आपराधिक एजेंसी ED ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में पुष्टि की है कि उसने 2021 में बैंकों को 14,000 करोड़ रुपए से ज्यादा दिए। अगर आप मेरी बात पर भरोसा नहीं करते, तो उसे भूल जाइए। ED ने जो कहा है, उस पर ध्यान दीजिए।” माल्या ने मंगलवार की अपनी पोस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा था कि वह भगोड़े नहीं हैं और ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने उन्हें भारत लौटने से रोक रखा है। उन्होंने कहा कि बैंकों को पैसा लौटाना उनकी भारत में शारीरिक मौजूदगी पर निर्भर नहीं है। माल्या ने लिखा, “मेरी पोस्ट पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद। प्यार और नफरत साथ-साथ चलते हैं। मैं आपकी राय को सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग स्थायी निवास और नागरिकता का अंतर नहीं समझते, और जो मानते हैं कि पैसा लौटाना शारीरिक मौजूदगी पर निर्भर है, उन्हें फिर से सोचना चाहिए।” ब्रिटेन से बाहर जाने पर रोक का दावा माल्या ने मंगलवार को कहा था कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें कानूनी तौर पर ब्रिटेन छोड़ने की अनुमति नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “जो लोग मुझे भारत आने से इनकार करने वाला भगोड़ा कहते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि मैं 1992 से यूनाइटेड किंगडम का स्थायी निवासी हूं। फिलहाल मुझे कानूनी तौर पर यह देश छोड़ने से रोका गया है।” माल्या ने कहा था कि उनके मामले में भारत सरकार की ‘पोस्टर बॉय’ कार्रवाई से यह सब शुरू हुआ। उन्होंने सरकार पर उनके खिलाफ बेहद अन्यायपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। ED के हलफनामे में 14,131.60 करोड़ रुपए का दावा माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है। उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।” माल्या ने कहा कि पांच साल बाद भी उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की। माल्या ने दावा किया कि उन्हें गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है। उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा?” मार्च 2016 में देश छोड़कर भागा, 2019 में भगोड़ा घोषित विजय माल्या मार्च 2016 में यूके भाग गया था। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था। कानून के तहत प्राधिकारियों को उसकी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA)? FEOA कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं। इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या की याचिका भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- माल्या-SBI विवाद खत्म करें: इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा बॉम्बे हाई कोर्ट ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या और बैंकों के बीच चल रहे कॉमर्शियल विवाद को अब खत्म करने की बात कही है। कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से जांच की मौजूदा स्थिति और अटैच की गई संपत्तियों का ब्योरा भी मांगा है।पढ़ें पूरी खबर…

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  Sports

Opinion: मेडल जीतने से पहले डोप टेस्ट में हार रहे भारत के पहलवान! आखिर जिम्मेदार कौन?

एशियन गेम्स से ठीक पहले तीन-तीन पहलवानों के डोप टेस्ट में फेल होना कई सवाल खड़े करते हैं. कौन से सप्लीमेंट खिलाड़ियों को दिए जा रहे हैं? उनकी जांच कौन करता है? कैंप में एंटी डोपिंग नियम बताए जाते हैं या नहीं? और सबसे अहम सवाल अगर कोई खिलाड़ी डोप टेस्ट में पॉजिटिव आता है तो ये सिर्फ उसकी जिम्मेदारी है या उस पूरे सिस्टम की. Fri, 11 Sep 2026 00:25:40 +0530

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