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सीएम पटेल ने गुजरात विधानसभा में 'भीष्म क्यूब-आर300' के प्रदर्शन का उद्घाटन किया

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नेटवर्क नहीं होने पर पहाड़ चढ़कर पढ़ाई की:दो बहनों ने बिना कोचिंग क्रैक किया NEET, जहां नेटवर्क मिलता वहीं बैठकर घंटों पढ़तीं

ओडिशा के मयूरभंज जिले के कपतिपदा ब्लॉक स्थित महुलापंखा गांव में रहने वाली दो बहनों यज्ञसेनी और दिव्यसेनी खतुआ ने बिना किसी कोचिंग के NEET परीक्षा पास की है। दिव्यसेनी ने पहले अटेम्प्ट में NEET क्लियर किया वहीं बड़ी बहन ने यज्ञसेनी तीसरे अटेम्प्ट में सफल हुईं। नेटवर्क नहीं मिला तो पहाड़ चढ़कर नेटवर्क ढूंढा परिवार के मुताबिक, गांव में मोबाइल नेटवर्क की भारी दिक्कत है, जिससे ऑनलाइन क्लास अटेंड करना या स्टडी मटीरियल डाउनलोड करना दोनों बहनों के लिए मुश्किल हो जाता था। दोनों बहनें जब भी पढ़ने बैठती नेटवर्क नहीं मिलने की वजह से उनकी पढ़ाई में मुश्किल आती थी। तब दोनों बहनें रोजाना पास की पहाड़ियों पर नेटवर्क खोजने जाती थीं और जहां नेटवर्क मिल जाता था वहीं बैठकर घटों पढ़ाई करती थीं। पढ़ने के लिए दोनों बहनें किताबें और मोबाइल फोन लेकर गांव के पास की पहाड़ियों पर जाकर पढ़ती थीं। चाहे कोई भी मौसम हो दोनों बहने पढ़ने के लिए पहाड़ पर जाती थीं। पिता किसान, मां आंगनबाड़ी सहायिका दोनों के पिता गौरांग खतुआ खेती करते हैं और मां सुनीता आंगनबाड़ी सहायिका हैं। परिवार की सीमित आमदनी के चलते NEET की महंगी कोचिंग फीस चुकाना संभव नहीं था, इसलिए दोनों बहनों ने ऑनलाइन क्लास और सेल्फ-स्टडी का सहारा लिया। आर्थिक तंगी से दोनों बहनों का कोचिंग नहीं जा सकती थीं। उसके बाद दोनों ने सेल्फ स्टडी और इंटरनेट का सहारा लिया। लेकिन चुनौती अब भी थी। मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं आता था। ऑनलाइन क्लास अटेंड करना या स्टडी मटेरियल डाउनलोड करना मुश्किल होता था। ग्रामीण डिजिटल डिवाइड की झलक दूरसंचार विभाग (DoT) के आंकड़े बताते हैं कि देश में आज भी सैकड़ों गांव ऐसे हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क या तो बेहद कमजोर है या पहुंचा ही नहीं है। खासकर पहाड़ी, आदिवासी और घने जंगलों वाले इलाकों में। शायद इसीलिए झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी ‘नेटवर्क के लिए पहाड़ी चढ़ने’ जैसी खबरें समय-समय पर आती रही हैं यानी ये सिर्फ मयूरभंज की कहानी नहीं है। योजना और असली तस्वीर में फासला केंद्र सरकार ने नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए भारतनेट परियोजना 2011 में शुरू की थी।ये योजना से ग्रामीण भारत को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ने की दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण दूरसंचार पहल है। इसका मकसद हर ग्राम पंचायत तक ब्रॉडबैंड पहुंचाना है। पर जमीन पर स्थिति अभी भी अलग है। योजना कागज पर जितनी आगे बढ़ी है, गांवों तक उसका असर उतनी तेजी से नहीं पहुंचा है। इन दो बहनों को पढ़ाई के लिए घर छोड़कर पहाड़ी की चोटी तक जाना पड़ा इसी फासले की एक तस्वीर है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने "रामधुन" गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें

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  Sports

Duleep Trophy: East Zone की खिताबी जीत तय! Ishan Kishan के तूफान से South Zone पर 584 रन की बढ़त

दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन ने खिताब पर अपनी पकड़ लगभग मजबूत कर ली है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने साउथ जोन के सामने 584 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। कप्तान ईशान किशन और शिखर मोहन के अर्धशतकों ने टीम की स्थिति को और मजबूत किया। किशन 80 रन बनाकर आउट हुए, जबकि मोहन ने 52 रन की पारी खेली।

ईशान किशन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत तौर पर भी खास रहा है। उन्होंने पूरे मैच में कुल 350 रन बनाए हैं। हालांकि, दूसरी पारी में वह शतक से केवल 20 रन दूर रह गए। इससे पहले दिन की शुरुआत में तिलक वर्मा भी अपने शतक से महज एक रन से चूक गए और 99 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

चौथे दिन साउथ जोन के गेंदबाजों के सामने ईस्ट जोन की पहली पारी के बचे हुए चार विकेट जल्दी गिराने की चुनौती थी। ईस्ट जोन ने सुबह 94 रन और जोड़े। तिलक वर्मा ने अपनी शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और नए गेंद से मोहम्मद शमी के पहले ही ओवर में लगातार दो चौके जड़ दिए। दूसरी ओर सीवी मिलिंद ने भी मुकेश कुमार की गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए।

नई गेंद से बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजों को खास सफलता नहीं मिली तो स्पिन गेंदबाजों को मोर्चे पर लगाया गया। आखिरकार यह रणनीति काम आई और मिलिंद की पारी का अंत हुआ। इसके बाद त्रिपुराना विजय रन आउट हो गए। तिलक ने स्ट्राइक अपने पास रखने की कोशिश की, लेकिन इस फैसले का फायदा नहीं मिला।

इसके बाद मोहम्मद सिराज को मुकेश कुमार के सामने बल्लेबाजी करनी पड़ी और मुकेश ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। तिलक के पास शतक पूरा करने का शानदार मौका था, लेकिन अगले ही ओवर में वह गेंद को ठीक से टाइम नहीं कर सके और गेंद सीधे गेंदबाज के हाथों में चली गई। इस तरह वह 99 रन पर आउट होकर शतक से चूक गए।

ईस्ट जोन ने पहली पारी में 372 रन की बढ़त हासिल करने के बावजूद फॉलोऑन नहीं देने का फैसला किया। इससे दर्शकों को एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने का मौका मिला। हालांकि, उनका यह इंतजार ज्यादा लंबा नहीं चला। त्रिपुराना विजय की गेंद पर आगे निकलकर खेलने की कोशिश में सूर्यवंशी स्टंप हो गए और केवल आठ रन बना सके। इससे पहले अभिमन्यु ईश्वरन मोहम्मद सिराज की गेंद पर पहली स्लिप में कैच दे बैठे थे।

शुरुआती झटकों के बाद ईशान किशन और शिखर मोहन ने पारी संभाली। दोनों ने स्थिति को देखते हुए संयम के साथ बल्लेबाजी की, लेकिन रन बनाने के मौके भी नहीं छोड़े। बढ़त 400 रन के पार पहुंचने के बाद किशन ने त्रिपुराना विजय की गेंद पर छक्का लगाया, जबकि मोहन ने श्रेयस गोपाल की गेंद को सीधे सीमा रेखा के पार भेजा।

चाय के बाद किशन ने अपना आक्रामक अंदाज और तेज कर दिया। अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने त्रिपुराना विजय के एक ओवर में चौका, छक्का, छक्का और चौका लगाकर 22 रन बटोरे। ऐसा लग रहा था कि वह एक और शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन श्रेयस गोपाल और एमडी निधीश ने रन बनाने पर अंकुश लगा दिया। दबाव में किशन बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में गेंद को सही तरीके से नहीं खेल सके और आउट हो गए।

किशन के जाने के बाद शिखर मोहन को शेख रशीद ने पगबाधा आउट किया, जबकि सुदीप घरामी रन आउट होकर लौटे। दिन का खेल खत्म होने तक कुमार कुशाग्र और एमडी कौनेन कुरैशी ने मोर्चा संभाले रखा और दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी भी हुई।

मौजूद जानकारी के अनुसार, ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे, जबकि साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमटी थी। दूसरी पारी में ईस्ट जोन का स्कोर 212 रन पर पांच विकेट है और कुल बढ़त 584 रन हो चुकी है। बता दें कि इतनी बड़ी बढ़त के बाद ईस्ट जोन की खिताबी जीत की संभावना बेहद मजबूत हो गई है और अंतिम दिन साउथ जोन के सामने मैच बचाने की बड़ी चुनौती है।
Thu, 10 Sep 2026 22:35:00 +0530

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