Responsive Scrollable Menu

फोन की Battery खत्म होने की टेंशन होगी दूर, ₹1,500 से कम में खरीदें ये Power Banks

Amazon पर Power Banks पर शानदार छूट मिल रही है. इस लिस्ट में 70% तक डिस्काउंट वाले 5 Power Banks शामिल हैं, जिनकी Sale Price सिर्फ ₹849 से शुरू हो रही है. 10,000mAh से लेकर 20,000mAh Capacity और 22.5W से 35W Fast Charging तक के विकल्प यहां मौजूद हैं.

Continue reading on the app

US H-1B Visa Fee Hike: 1 करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है फीस, भारतीयों पर क्या होगा असर?

US H-1B Visa Fee Hike: ट्रंप प्रशासन ने नए H-1B वीजा के लिए 1 लाख अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की फीस प्रस्तावित की है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में सीधे विदेश से भारतीय प्रोफेशनल्स को हायर करना कंपनियों के लिए काफी महंगा हो जाएगा। जानिए इस फैसले का भारतीय IT प्रोफेशनल्स और अमेरिका में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं पर क्या असर पड़ेगा।

US H-1B Visa Fee Hike: कितनी होगी नई फीस?
अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने नए H-1B वीजा के लिए 103,265 अमेरिकी डॉलर की फीस प्रस्तावित की है। भारतीय रुपये में यह रकम करीब 95.71 लाख रुपये बैठती है।

यह प्रस्ताव 2025 में लागू की गई 1 लाख डॉलर की फीस से जुड़े विवाद के बीच आया है। पहले लगाई गई फीस को एक संघीय जज ने रोक दिया था और इस मामले में कानूनी लड़ाई अभी जारी है। नई प्रस्तावित फीस पर अब 30 दिनों तक पब्लिक कमेंट लिए जाएंगे। इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।

H-1B Visa क्या है?
H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, शिक्षा, रिसर्च और अन्य स्पेशलाइज्ड क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। अमेरिका हर साल 65,000 रेगुलर H-1B वीजा जारी करता है। इसके अलावा एडवांस्ड डिग्री रखने वाले विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा उपलब्ध होते हैं।

भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर क्यों?
H-1B वीजा कार्यक्रम में भारतीय प्रोफेशनल्स की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, H-1B वर्कर्स में करीब 70 फीसदी भारतीय नागरिक थे। चीन के नागरिक करीब 12 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहे। ऐसे में नई फीस लागू होने पर भारतीय प्रोफेशनल्स को अप्रत्यक्ष रूप से बड़ा असर झेलना पड़ सकता है।

हालांकि, प्रस्तावित फीस अमेरिका में पहले से स्टूडेंट वीजा पर मौजूद विदेशी नागरिकों को दिए जाने वाले H-1B वीजा पर लागू नहीं होगी। मौजूदा H-1B वीजा के रिन्यूअल पर भी यह फीस लागू नहीं होगी।

लेकिन अमेरिका के बाहर से किसी भारतीय प्रोफेशनल को पहली बार H-1B पर बुलाने वाली कंपनियों की लागत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

कंपनियों के लिए कितना बड़ा झटका?
पहले H-1B से जुड़ी फीस आमतौर पर करीब 2,000 से 5,000 अमेरिकी डॉलर के बीच होती थी। इसके मुकाबले 103,265 डॉलर की प्रस्तावित फीस कई गुना अधिक है। इससे अमेरिकी कंपनियां विदेशों से कर्मचारियों को नियुक्त करने से पहले लागत पर दोबारा विचार कर सकती हैं। इसका असर खास तौर पर उन भारतीय IT और टेक प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है, जो अमेरिका में नौकरी पाने के लिए H-1B वीजा पर निर्भर रहते हैं।

ट्रंप प्रशासन क्यों कर रहा है फीस बढ़ाने की बात?
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि H-1B कार्यक्रम का कुछ कंपनियां गलत इस्तेमाल कर रही हैं और अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम लागत वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि ज्यादा फीस होने से कंपनियां तब ही H-1B कर्मचारियों को हायर करेंगी, जब उनके पास योग्य अमेरिकी उम्मीदवार उपलब्ध न हों।

वहीं, कारोबारी संगठनों का कहना है कि H-1B कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को कुशल कर्मचारियों की कमी दूर करने और दुनिया भर से टैलेंट हासिल करने में मदद करता है।

प्रस्ताव को फिर मिल सकती है कानूनी चुनौती
103,265 डॉलर की प्रस्तावित फीस को भी कानूनी चुनौती मिलने की संभावना है। ट्रंप प्रशासन की पिछली 1 लाख डॉलर की फीस को एक संघीय जज ने रोकते हुए कहा था कि प्रशासन ने अपनी कानूनी शक्तियों से आगे जाकर कार्रवाई की।

इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह फीस टैक्स नहीं है और विदेशी नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश को नियंत्रित करने के राष्ट्रपति के अधिकार के दायरे में आती है।

भारतीय IT Professionals के लिए क्या बदलेगा?
अगर नई H-1B फीस स्थायी रूप से लागू होती है, तो भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका में नई नौकरी पाना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है। अमेरिका के बाहर से भारतीय कर्मचारियों को सीधे H-1B पर नियुक्त करने वाली कंपनियों की लागत काफी बढ़ जाएगी, जिसके चलते वे नई H-1B स्पॉन्सरशिप देने से बच सकती हैं या अमेरिका में पहले से मौजूद कर्मचारियों को प्राथमिकता दे सकती हैं।

हालांकि, इस प्रस्तावित फीस का असर अमेरिका में पहले से मौजूद H-1B कर्मचारियों के रिन्यूअल पर नहीं होगा। ऐसे में सबसे ज्यादा असर उन भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ने की संभावना है, जो भारत से अमेरिका जाकर पहली बार H-1B वीजा के जरिए नौकरी शुरू करना चाहते हैं।

Continue reading on the app

  Sports

Video: 13 साल बाद ईस्ट जोन ने ईशान किशन की अगुआई में जीता दलीप ट्रॉफी

: 13 साल बाद ईस्ट जोन ने ईशान किशन की अगुआई में जीता दलीप ट्रॉफी. कप्तान ने 65 साल के इतिहास में बनाए सबसे ज्यादा 350 रन बने मैन आफ द मैच Thu, 10 Sep 2026 18:43:19 +0530

  Videos
See all

IRCTC Scam Case: कोर्ट से लालू परिवार को झटका, Tejashwi Yadav क्या बोले?| Hindi News | Bihar News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-10T13:16:09+00:00

Garjana I Vidyanath Jha: बीजेपी पर कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या बोल दिया?! #garjana #vidyanathjha #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-10T13:16:55+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers