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Bhadohi Court के आदेश पर जाली हलफनामा दाखिल करने वाले 31 आरोपियों पर FIR दर्ज

भदोही (उप्र), नौ सितंबर भदोही जिले में एक महिला से कई बार सामूहिक दुष्कर्म की कथित घटना के आरोपियों को बचाने के लिये अदालत में जाली शपथ पत्र दाखिल करने के आरोप में 31 नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि जिले के ऊंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने इसी साल छह जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद मिश्रा की अदालत में एक याचिका दायर की थी।

इस याचिका की सुनवाई के बाद महिला से सामूहिक दुष्कर्म और अदालत में झूठे शपथ पत्र देकर गुमराह करने के आरोप में राज पति बिंद नामक व्यक्ति सहित 31 नामजद लोगों और कुछ अज्ञात के विरुद्ध अदालत ने मंगलवार को ऊंज थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। उन्होंने बताया कि यह मुकदमा भारतीय दंड विधान की धाराओं 181, 186, 191, 192, 193, 195, 196 (सभी झूठे बयान/सबूत से संबंधित धाराएं), 120—बी (आपराधिक साजिश), 419, 420 (धोखाधड़ी) और 466, 467, 468, 471 (सभी जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित धाराएं) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्ष 2020 में ऊंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 45 वर्षीय और पेशे से श्रमिक महिला से उसके घर के अंदर कथित तौर पर कई बार दुष्कर्म किया गया था।

महिला ने आरोप लगाया था कि मनोज, अरविंद और पांच अन्य लोग उसके घर में घुसे, हथियारों के बल पर उसे धमकाया और फिर उससे दुष्कर्म किया। आरोप के मुताबिक बाद में कई अन्य लोग भी दुष्कर्म की इस घटना में कथित तौर शामिल हो गए। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर ऊंज थाने में सामूहिक दुष्कर्म और आपराधिक धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।

अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान शुरू में आरोपियों की ओर से दिए गए हलफनामों के साथ आरोपपत्र दाखिल किया गया था, मगर पीड़ित महिला का बयान दर्ज नहीं किया गया और न ही उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद पीड़िता की याचिका पर अदालत ने नए सिरे से जांच का आदेश दिया। अग्रवाल ने कहा कि दूसरी जांच के दौरान भी पुलिस ने कथित तौर पर झूठे और मनगढ़ंत हलफनामों पर भरोसा किया जिसमें बिना किसी वकील के हस्ताक्षर के दाखिल किए गए दस्तावेज भी शामिल थे और इसके बाद पुलिस ने 30 अक्टूबर 2021 को अदालत के समक्ष अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण महिला और उसके बच्चों को सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि महिला ने अंतिम रिपोर्ट का फिर से विरोध किया जिसके बाद अदालत ने भारतीय दंड विधान की धारा 200 के तहत उसका बयान दर्ज किया। अग्रवाल ने बताया कि इसके बाद अदालत ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों में प्रथम दृष्टया सत्यता पायी और अभियोजन पक्ष को कार्यवाही आगे बढ़ाने की अनुमति दी।

बाद में छह जून 2026 को महिला ने फिर से अदालत का रुख किया और आरोप लगाया कि अधिकारियों ने आरोपी की मदद की थी और अदालत को गुमराह करने और उसके बयान को दबाने के लिए झूठे हलफनामों का इस्तेमाल किया था। इस शिकायत के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को राजपति बिंद और 30 अन्य नामजद लोगों के साथ-साथ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले की अब विस्तृत जांच की जा रही है।

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Mayawati का BSP पर पूरा कंट्रोल: Akash Anand की वापसी के लिए रख दी बड़ी शर्त

मायावती ने आकाश आनंद के बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय और अहम भूमिका में लौटने के लिए एक साफ़ शर्त रखी है। BSP प्रमुख ने X पर एक पोस्ट में कहा कि उनके भतीजे के राजनीतिक भविष्य पर तभी दोबारा विचार किया जा सकता है, जब उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें। मायावती ने कहा कि सिद्धार्थ को अपने दामाद के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को छोड़ देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि उनके राजनीति से हटने के बाद ही पार्टी आकाश आनंद को फिर से ज़िम्मेदारियाँ सौंपने पर विचार करेगी। हाल ही में मायावती ने सिद्धार्थ को BSP से निकाल दिया था।
 

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मायावती ने अपनी पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव BSP और बहुजन आंदोलन के लिए बहुत अहम हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक राजनीतिक सत्ता हासिल करने और बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर से जुड़े आत्म-सम्मान के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियों और जातिवादी तत्वों से बहुजन समुदाय, BSP और आरक्षण को मिल रही चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए, मायावती ने समाज के सभी वर्गों से समर्थन की अपील की। ​​उन्होंने खास तौर पर दलित समुदाय के लोगों को सलाह दी कि वे निजी या पारिवारिक हितों के लिए ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे बड़े मिशन में रुकावट आए।

मायावती ने कहा कि पार्टी नेतृत्व उन लोगों को वापस ला रहा है जो भटक ​​गए थे, जबकि रुकावटें पैदा करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का उदाहरण दिया। मायावती के अनुसार, सिद्धार्थ ने BSP के मिशन से ज़्यादा अपने निजी और पारिवारिक हितों और महत्वाकांक्षाओं को अहमियत दी थी। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ़ उन्हें, बल्कि उनके दामाद आकाश आनंद को भी नुकसान हुआ।

उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ से त्याग और प्रतिबद्धता की उम्मीद थी, लेकिन इसके बजाय वह आकाश आनंद और BSP आंदोलन के हितों को सही ढंग से प्राथमिकता देने में नाकाम रहे। मायावती ने सिद्धार्थ को सलाह दी कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं छोड़ दें और राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से आकाश आनंद के लिए स्वतंत्र रूप से काम करना मुमकिन हो पाएगा और पार्टी उन्हें ज़िम्मेदारियां वापस सौंपने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकेगी।
 

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मायावती के उन्हें 'नासमझ' बताने और यह कहने से पहले कि वे अभी बड़ी ज़िम्मेदारी संभालने के लिए तैयार नहीं हैं, आकाश आनंद BSP के नेशनल कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहे थे। पार्टी की एक बैठक में उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे संगठन में किसी अहम भूमिका के लिए तैयार नहीं हैं। उसी दौरान, मायावती ने आकाश के भाई और अपने एक और भतीजे, ईशान आनंद को उत्तर भारत की ज़िम्मेदारी सौंपी और उन्हें 'चीफ़ सेक्टर इंचार्ज' नियुक्त किया। मायावती की नाराज़गी के बाद, आकाश आनंद ने अपने X बायो में बदलाव किया। पहले उन्होंने खुद को "BSP कार्यकर्ता" बताया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर "BSP समर्थक" कर लिया।
 
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वनडे में सबसे ज्यादा ओवर मेडन फेंकने वाले 7 स्पिन गेंदबाज, एक ने 198 ओवर में नहीं दिए 1 भी रन

7 spin bowlers most maiden over in ODI: वनडे क्रिकेट में रन रोकना और 'मेडन ओवर' फेंकना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. जहां छोटे मैदान और पावरप्ले के नियमों के बीच अमूमन तेज गेंदबाज ही कंजूस गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, वहीं दुनिया के सात महान स्पिनरों ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और फिरकी के जाल से बल्लेबाजों को तरसा कर रख दिया. मुथैया मुरलीधरन ने बतौर स्पिनर वनडे में सर्वाधिक मेडन ओवर डाले हैं. उनके बाद शेन वॉर्न, अनिल कुंबले, शाकिब अल हसन, डेनियल विटोरी, हरभजन सिंह और शाहिद अफरीदी का नंबर आता है. Wed, 9 Sep 2026 19:00:10 +0530

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