Baba Ramdev Health Tips: कमर दर्द से राहत पाने के लिए करें ये 3 आसान योगासन, रीढ़ की हड्डी भी होगी मजबूत
Baba Ramdev Health Tips: आजकल घंटों तक ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर काम करने से, गलत पोश्चर में मोबाइल या लैपटॉप चलाने से और कम शारीरिक गतिविधियों के चलते कमर दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है. शुरुआत में सामान्य लगने वाला दर्द अगर लंबे समय तक बना रहता है तो यह हमारे रोजमर्रा के कामों को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में लोगों को नियमित योग और शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद साबित होगा. पतंजलि के संस्थापक और योग गुरु बाबा रामदेव भी शरीर को लचीला और एक्टिव बनाए रखने के लिए नियमित योगाभ्यास करने की सलाह देते हैं. उन्होंने हाल ही में कमर और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानियों के लिए कुछ योगासन करने की सलाह दी है.
कमर और पीठ से जुड़ी परेशानी में कुछ आसान योगासन करने से हमारी मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होगी, शरीर की जकड़न कम होगी और रिलैक्सेशन में मदद मिलेगी. हालांकि, किसी भी योगासन को करते समय अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना भी जरूरी होता है. आइए जानते हैं कमर के लिए उपयोगी माने जाने वाले 3 आसान योगाभ्यास.
इन 3 योगाभ्यासों से मिलेगी कमर दर्द से राहत
1.भुजंगासन से कमर की होगी स्ट्रेचिंग
भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहते हैं. इस आसन में पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है. इससे पीठ और कमर की मांसपेशियों में हल्का स्ट्रेच महसूस होता है. नियमित और सही तरीके से इसका अभ्यास करने पर यह हमारी बैक मसल्स को मजबूत करता है और रीढ़ की गतिशीलता को बनाए रखने में मदद करता है. लंबे समय तक बैठने के कारण होने वाली जकड़न में भी यह उपयोगी साबित हो सकता है.
सावधानी- कमर में तेज दर्द, हाल की चोट या पैर में दर्द, झनझनाहट अथवा कमजोरी होने पर इसे बिना विशेषज्ञ की सलाह के न करें.
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2.बालासन से कम करें पीठ की थकान
बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा होती है, जिसे चाइल्ड पोज भी कहते हैं. इसमें शरीर को आगे की ओर झुकाकर आराम की स्थिति में रखा जाता है. इस दौरान पीठ, कमर और कंधों के आसपास हल्का स्ट्रेच मिलता है. दिनभर कुर्सी पर बैठने या गलत पोश्चर की वजह से होने वाली मांसपेशियों की जकड़न में बालासन शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है. धीमी और गहरी सांसों के साथ इसका अभ्यास करने से मन को भी शांति मिल सकती है.
ध्यान रखें- अगर इस मुद्रा में कमर का दर्द बढ़े तो तुरंत अभ्यास रोक दें. गंभीर या लगातार दर्द होने पर पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें.
3.मकरासन से शरीर को दें आराम
मकरासन को कमर और पीठ के लिए आराम देने वाली मुद्रा माना जाता है. इसमें पेट के बल लेटकर शरीर को रिलैक्स किया जाता है. इससे पीठ और कमर की मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है. लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने के बाद होने वाली थकान और स्टिफनेस में यह मुद्रा हमारे शरीर को आराम देने में सहायक होती है. इस दौरान गहरी और धीमी सांस लेने से शरीर को रिलैक्स करने में मदद मिलती है.
योग करते समय इन बातों का रखें ख्याल
कमर दर्द के लिए योग को किसी भी इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए. अगर दर्द बहुत ज्यादा है, पैर तक फैल रहा है, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही है, चोट लगी हो या समस्या लगातार बनी हुई है, तो योग शुरू करने से पहले किसी डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह जरूर लें. योगाभ्यास हमेशा धीरे-धीरे और सही तकनीक के साथ ही करना चाहिए. साथ ही, लगातार कई घंटों तक बैठने से बचना चाहिए और बीच-बीच में उठकर थोड़ी देर चलना-फिरना भी अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं.
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ईशान किशन का ऐतिहासिक धमाका! दलीप ट्रॉफी के फाइनल में रचा नया इतिहास, इस मामले में टॉप पर पहुंचे
Ishan Kishan: भारतीय टीम के स्टार विकेटीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में इतिहास रच दिया है. ईशान ने ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ एक ऐसा कीर्तिमान बना दिया है, जिसे तोड़ पाना भविष्य के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगा. ईशान ने मैच की दोनों पारियों में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर 350 रन बनाए और दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
ईशान किशन ने ध्वस्त किया रमन लांबा का 39 साल पुराना रिकॉर्ड
ईशान किशन दलीप ट्रॉफी के फाइनल इतिहास में एक मैच (दोनों पारियों को मिलाकर) में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. इसी के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा के 39 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. लांबा ने साल 1987-88 के फाइनल में कुल 320 रन बनाए थे. जबकि ईशान अब 350 रनों बनाकर टॉप पर पहुंच गए हैं.
ईशान किशन ने पहली पारी में जड़ा दोहरा शतक
दलीप ट्रॉफी का फाइनल मैच ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच 6 सितंबर से खेला जा रहा है. ईशान किशन ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे हैं. इस फाइनल मैच की पहली पारी में ईशान ने बल्ले से धमाल मचाते हुए दोहरा शतक जड़ दिया था. उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 270 रनों की मैराथन पारी खेली, जो दलीप ट्रॉफी फाइनल के इतिहास के सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. वहीं दूसरी पारी में भी ईशान ने तहलका मचाते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा है. ईशान ने 98 गेंदों पर 80 रनों की पारी खेली.
यशस्वी जायसवाल को भी छोड़ा पीछे
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान ईशान किशन ने स्टार बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. जायसवाल ने साल 2022-23 के दलीप ट्रॉफी फाइनल में वेस्ट जोन के लिए खेलते हुए दोनों पारियों में कुल 266 रन बनाए थे. उन्होंने दूसरी पारी में 265 रनों की पारी खेली थी. जबकि पहले पारी में सिर्फ एक रन बनाए थे. अब ईशान ने एक पारी में 270 रन बनाकर जायसवाल से आगे निकल गए हैं.
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