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Beauty Tips: त्वचा से बालों तक पाएं नेचुरल निखार, इन आसान उपायों को बनाएं डेली रूटीन का हिस्सा

Beauty Tips: खूबसूरत त्वचा और मजबूत बालों के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। सही स्किन और हेयर केयर रूटीन के साथ कुछ आसान प्राकृतिक उपाय भी आपकी खूबसूरती निखारने में मदद कर सकते हैं।

फेस मास्क, एलोवेरा और मॉयश्चराइजर से त्वचा की देखभाल की जा सकती है, वहीं ऑयलिंग और हेयर मास्क बालों को पोषण देने में मददगार हो सकते हैं। इसके साथ पर्याप्त नींद, पानी और पौष्टिक खान-पान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना भी जरूरी है।

ऐसे निखारें त्वचा-बालों की सुंदरता
अपनी त्वचा और बालों की सुंदरता को बढ़ाने के लिए आप कुछ आसान प्राकृतिक उपाय आजमा सकती हैं।

1.फेस मास्क: त्वचा को चमकदार बनाने के लिए शहद और पके केले का मास्क चेहरे पर लगाएं। सूख जाने के बाद चेहरा धो लें। इसे आप हफ्ते में दो बार अप्लाई कर सकती हैं।

2.क्लींजिंग: दिन में दो बार हल्के हाथ से क्लींजर करें फिर चेहरा साफ कर लें। यह आपकी स्किन को ब्राइट करेगा।

3.एलोवेरा जैल: एलोवेरा जैल स्किन के दाग-धब्बे दूर करने और स्किन को हाइड्रेट रखने में उपयोगी साबित होता है। इसे आप रोज यूज कर सकती हैं।

4.मॉयश्चराइजिंग: रात में मॉयश्चराइजर लगाकर सोने से त्वचा मुलायम बनी रहती है।

5.सनस्क्रीन: सूर्य की तेज किरणों से त्वचा की रक्षा के लिए धूप में बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

6.लिप बाम: होंठों को मुलायम रखने के लिए हाइड्रेटिंग लिप बाम लगाएं।

7.हेयर ऑयलिंग: बालों को घना और मजबूत बनाने के लिए ऑयलिंग और मसाज करें। नारियल या आंवला के तेल को हल्का गुनगुना करके उपयोग करें।

8.हेयर मास्क: बालों को पोषण देने के लिए दही या अंडे का मास्क लगा सकती हैं।

9.कंडीशनर: शैंपू करने के बाद बालों में कंडीशनर लगाने से बाल सॉफ्ट रहते हैं।

इन उपायों के अलावा नियमित रूप से सात-आठ घंटे की नींद जरूरी है। दिन भर में लगभग दो लीटर पानी पीने से त्वचा हाइड्रेट रहती है। पौष्टिक ताजा भोजन करें। ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। फास्ट फूड और तली हुई चीजों का सेवन नियंत्रित रखें।

स्नेहा सिंह 

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Ricky Ponting: T20 लीग्स के बढ़ते दबदबे से घटेगा ODI का खेल? रिकी पोंटिंग ने बताया कौन सा फॉर्मेट रहेगा मजबूत

Ricky Ponting ODI Cricket: दुनियाभर में लगातार बढ़ती T20 लीग्स के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना है कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर का क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में कम हो सकता है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि यह फॉर्मेट अपनी मजबूत जगह बनाए रखेगा।

पोंटिंग ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया में नई T20 लीग्स और फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे वनडे क्रिकेट के लिए जगह कम होती जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें पसंद नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद 50 ओवर का फॉर्मेट काफी पसंद है। लेकिन क्रिकेट के बढ़ते व्यस्त कैलेंडर में किसी न किसी फॉर्मेट को नुकसान उठाना ही पड़ेगा और उनके मुताबिक इसका सबसे बड़ा असर वनडे पर पड़ सकता है।

टेस्ट क्रिकेट को लेकर पोंटिंग ने कहा कि जब तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और संभवतः दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े क्रिकेटिंग देश टेस्ट को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तब तक यह फॉर्मेट चलता रहेगा। ऐसे में वनडे क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती T20 का बढ़ता प्रभाव है।

हालांकि, पोंटिंग ने दुनिया भर में हो रही T20 लीग्स के फायदे भी गिनाए। उनका कहना है कि इन टूर्नामेंट्स से खिलाड़ियों को कमाई के साथ करियर के आखिरी दौर में भी क्रिकेट से जुड़े रहने का मौका मिल रहा है। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) का उदाहरण देते हुए कहा कि डेविड वॉर्नर जैसे खिलाड़ियों के लिए ऐसी लीग्स काफी उपयोगी हैं।

इसी बीच ICC CEO संजोग गुप्ता ने भी कहा है कि बेतरतीब तरीके से आयोजित होने वाली द्विपक्षीय सीरीज का दौर खत्म होना चाहिए। हालांकि उन्होंने माना कि वनडे क्रिकेट विश्वकप से जुड़ी अपनी अहमियत के कारण आगे भी मजबूती से बना रह सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने क्रिकेट के लिए इंग्लिश प्रीमियर लीग जैसा मॉडल अपनाने की संभावना जताई। उनका मानना है कि भविष्य में क्रिकेट क्लब फुटबॉल की तर्ज पर आगे बढ़ सकता है, लेकिन अलग-अलग देशों में मौजूद फ्रेंचाइजी लीग्स और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या को लेकर कई नियम बदलने पड़ेंगे।

वॉर्नर ने यह भी कहा कि T20 लीग्स की बढ़ती संख्या खिलाड़ियों के लिए चुनौती और मौका दोनों है। अगर कोई खिलाड़ी हर टूर्नामेंट खेलना चाहेगा तो उसे आराम का समय नहीं मिलेगा। वहीं, इससे एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।

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  Sports

BCCI और राज्य संघ Sports Governance Act के तहत क्यों नहीं? Supreme Court का बड़ा सवाल

उच्चतम न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) और प्रदेश क्रिकेट संघों से पूछा है कि वे राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के दायरे में क्यो नहीं आ सकते। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी मोहना ने मंगलवार को बीसीसीआई के मामले में कुछ क्रिकेट ईकाइयों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। पीठ ने बीसीसीआई और प्रदेश संघों के वकीलों से यह भी कहा कि वे इस बारे में निर्देश लें कि उनके पदाधिकारियों की सेवा की शर्ते 2025 के उस अधिनियम के तहत क्यो नहीं आनी चाहिये जो अब लागू हो चुका है।

न्यायालय 2014 में दायर बीसीसीआई से जुड़ीएक याचिका पर सुनवाई कर रहा है और समय समय पर इस मामले में कई आवेदन दाखिल हो चुके हैं। इससे पहले न्यायालय ने सुधार के उपाय सुझाने के लिए पूर्व सीजेआई जस्टिस आर एम लोढ़ा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। समिति को दी गई जिम्मेदारियों में बीसीसीआई के लिए संविधान तैयार करना भी शामिल था।

न्यायालय ने बीसीसीआई के ढांचे, संगठन और कामकाज में सुधार से जुड़ी समिति की अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया था। न्यायालय ने सितंबर 2022 में बीसीसीआई के संविधान में बदलाव की मंजूरी दी थी और कहा था कि कोई पदाधिकारी लगातार 12 साल तक पद पर रह सकता है। इसमें तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड (अनिवार्य ब्रेक) से पहले राज्य संघ में छह साल और बीसीसीआई में छह साल का कार्यकाल शामिल है।

इसमें कहा गया था कि कोई पदाधिकारी किसी पद पर लगातार दो कार्यकाल पूरे कर सकता है जिसमें बीसीसीआई और प्रदेश संघ स्तर पर कार्यकाल शामिल है। इसके बाद उसे तीन साल का अनिवार्य ब्रेक लेना होगा।

Wed, 09 Sep 2026 14:26:00 +0530

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