Success Story: पिता की मौत ने बदली इंजीनियर मनीष की जिंदगी, केमिकल-फ्री खेती अपनाई; आज लाखों में टर्नओवर
Business Success Story: इंजीनियर मनीष कुमार ने पिता की बीमारी से मौत के बाद केमिकल-फ्री खेती अपनाई. उन्होंने खजूर-ताड़ गुड़, देसी खांड जैसे पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बनाए. उनका स्टार्टअप नेशनल लेवल पर डिमांड में है और लाखों का टर्नओवर है. जिससे समाज व किसानों को लाभ हो रहा है.
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए खुशखबरी, YouTube ने लॉन्च किया AI ऑटो-डबिंग फीचर, अब हिंदी समेत 27 भाषाओं में वीडियो बनाना हुआ आसान
नई दिल्ली: गूगल के वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने अपने लाखों कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक नया ‘ऑटो-डब’ फीचर लॉन्च किया है, जो भाषा की दीवार को तोड़ते हुए क्रिएटर्स को अपने वीडियो दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेगा। इस नए टूल की मदद से अब कोई भी क्रिएटर अपने वीडियो को 27 से ज्यादा भाषाओं में आसानी से डब कर सकता है।
यह फीचर उन क्रिएटर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है जो अपनी पहुंच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन भाषाई सीमाओं के कारण ऐसा नहीं कर पाते थे। अब एक ही वीडियो को अलग-अलग भाषाओं में अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
कैसे काम करेगा यह AI फीचर?
गूगल ने अपने एक आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में इस फीचर की जानकारी साझा की है। इसके मुताबिक, जब कोई क्रिएटर अपना वीडियो अपलोड करेगा, तो यूट्यूब का एआई सिस्टम उसे एनालाइज कर ऑटोमेटिक डबिंग का विकल्प देगा। यह फीचर न केवल वीडियो को ट्रांसलेट करेगा, बल्कि उसे डब भी करेगा, जिससे वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा।
कंपनी ने बताया कि इस फीचर की टेस्टिंग दिसंबर में शुरू की गई थी और इसके शुरुआती नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में रोजाना 60 लाख से ज्यादा दर्शक ऑटो-डब्ड कंटेंट को कम से कम 10 मिनट तक देखते हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
भारतीय भाषाओं समेत 27 भाषाओं का सपोर्ट
यूट्यूब का यह ऑटो-डबिंग फीचर भारतीय क्रिएटर्स के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि इसमें कई प्रमुख भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया है। क्रिएटर्स अब अपने कंटेंट को हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, मलयालम, पंजाबी, और उर्दू जैसी भाषाओं में डब कर सकते हैं।
इनके अलावा, अंतरराष्ट्रीय भाषाओं जैसे अरबी, चीनी, फ्रेंच, जर्मन, जापानी, कोरियाई, स्पेनिश, रूसी और पुर्तगाली का भी सपोर्ट दिया गया है। साथ ही, ‘एक्सप्रेसिव स्पीच’ नाम का एक और फीचर भी रोलआउट किया गया है, जो 8 भाषाओं में अधिक नेचुरल डबिंग की सुविधा देता है, जिसमें हिंदी भी शामिल है।
दर्शकों का अनुभव होगा बेहतर
इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि यह दर्शकों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा। यूट्यूब यूजर की वॉच हिस्ट्री और पसंदीदा भाषा के आधार पर वीडियो की ऑडियो लैंग्वेज को ऑटोमेटिकली सेट कर देगा। इसका मतलब है कि अगर कोई हिंदी भाषी दर्शक किसी अंग्रेजी वीडियो को देखता है, तो यह फीचर उसे अपने आप हिंदी में डब करके दिखाएगा, अगर वह विकल्प उपलब्ध है।
गूगल इस तकनीक को और बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। भविष्य में लिप-सिंकिंग को और सुधारा जाएगा, ताकि डब किया गया वीडियो बिल्कुल ओरिजिनल और नेचुरल लगे।
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