SSC Exam City Slip 2026: Stenographer और JHT परीक्षा का सिटी स्लिप जारी, ऐसे करें डाउनलोड
SSC Stenographer और Combined Hindi Translators (JHT) परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग ने दोनों परीक्षाओं की Exam City Slip 2026 जारी कर दी है। सिटी स्लिप के जरिए उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए आवंटित शहर की जानकारी मिल जाएगी।
जिन अभ्यर्थियों ने इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है, वे SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन डिटेल दर्ज करके अपनी एग्जाम सिटी स्लिप देख सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे परीक्षा शहर की जानकारी समय रहते चेक कर लें और आगे की यात्रा की तैयारी उसी के अनुसार करें।
ऐसे डाउनलोड करें SSC Exam City Slip
एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
- सबसे पहले SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर Exam City Slip या संबंधित परीक्षा के लिंक पर क्लिक करें।
- अब मांगी गई लॉगिन डिटेल जैसे Registration Number, Password और Captcha Code दर्ज करें।
- लॉगिन करते ही आपकी Exam City Slip स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- इसमें अपने परीक्षा शहर की जानकारी चेक करें।
- भविष्य के संदर्भ के लिए सिटी स्लिप डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
कब होगी SSC Stenographer और JHT परीक्षा?
SSC की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक Stenographer परीक्षा 9 सितंबर से 12 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। वहीं Combined Hindi Translator (JHT) परीक्षा 8 सितंबर 2026 को होगी।
उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपना एडमिट कार्ड भी डाउनलोड करना होगा। ध्यान रखें कि Exam City Slip और Admit Card अलग-अलग दस्तावेज हैं। सिटी स्लिप में परीक्षा शहर की जानकारी मिलती है, जबकि परीक्षा केंद्र का विस्तृत पता और अन्य जरूरी निर्देश एडमिट कार्ड में दिए जाएंगे।
1,359 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1,359 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें SSC Stenographer के 1,275 पद और Combined Hindi Translator के 84 पद शामिल हैं।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि एडमिट कार्ड जारी होने की जानकारी के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से चेक करते रहें। परीक्षा से जुड़े किसी भी अपडेट के लिए आयोग की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानें।
Teachers Day 2026: पढ़ाई सिर्फ डिग्री के लिए नहीं, जिंदगी समझने के लिए भी है, पढ़ें राधाकृष्णन के 5 अनमोल विचार
Teachers Day 2026: शिक्षक हमारे जीवन में सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि सही दिशा और बेहतर सोच भी देते हैं। हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर स्कूलों में इस खास रिश्ते को सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन बच्चे शिक्षकों की भूमिका निभाते हैं, क्लास संभालते हैं और स्पीच, गेम्स, क्विज व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए टीचर्स को खास महसूस कराते हैं।
यह दिन सिर्फ मस्ती और सेलिब्रेशन का नहीं, बल्कि शिक्षक और शिक्षा की अहमियत को समझने का भी मौका है। इसी मौके पर आइए जानें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा और जीवन से जुड़े 5 ऐसे विचार, जो आज भी पढ़ाई और जिंदगी को देखने का नजरिया बदल सकते हैं।
कौन थे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन?
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के महान दार्शनिक, शिक्षाविद और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। शिक्षक के तौर पर उनके योगदान को सम्मान देने के लिए भारत में इसी दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
डॉ. राधाकृष्णन के 5 प्रेरणादायक विचार
1. शिक्षा का मकसद क्या है?
“शिक्षा का अंतिम लक्ष्य एक स्वतंत्र और रचनात्मक इंसान बनाना होना चाहिए।”
उनकी सोच में शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने और अपनी सोच के साथ आगे बढ़ने की ताकत दे।
2. सीखना कभी बंद न करें
“जब हमें लगता है कि हम जान चुके हैं, तभी सीखना बंद हो जाता है।”
यह विचार बताता है कि ज्ञान की कोई आखिरी सीमा नहीं होती। इंसान को हर उम्र में नई चीजें सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए।
3. शिक्षा से बनता है बेहतर समाज
“शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो समाज के निर्माण की जरूरतों को ध्यान में रखे।”
उनके मुताबिक शिक्षा सिर्फ व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरे समाज और देश पर पड़ता है।
4. युवा मन को मजबूत बनाना जरूरी
“देश का निर्माण सिर्फ ईंटों से नहीं, युवाओं के मन को मजबूत करके होता है।”
यह विचार शिक्षक की जिम्मेदारी को समझाता है। बच्चों की सोच और चरित्र को सही दिशा देना देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
5. शिक्षा में ज्ञान के साथ सोच भी जरूरी
“शिक्षा सिर्फ जानकारी और कौशल हासिल करना नहीं है।”
राधाकृष्णन शिक्षा को ऐसी प्रक्रिया मानते थे, जो इंसान में तर्क, विवेक और जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता विकसित करे।
आज भी क्यों खास हैं राधाकृष्णन के विचार?
आज पढ़ाई का तरीका बदल चुका है और इंटरनेट से जानकारी हासिल करना पहले से आसान है। लेकिन सही और गलत में फर्क करना, सवाल पूछना, नई चीजें सीखना और जिम्मेदारी से आगे बढ़ना आज भी उतना ही जरूरी है। यही वजह है कि राधाकृष्णन के विचार शिक्षक दिवस पर आज भी प्रासंगिक लगते हैं।
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