तंबाकू की लत पड़ रही भारी! कैंसर के 40% मरीज युवा, विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनी
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू का सेवन अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। पहले जहां तंबाकू से जुड़ी गंभीर बीमारियां अधिक उम्र में दिखाई देती थीं, वहीं अब कम उम्र के युवा भी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल हजारों नए कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्होंने लंबे समय तक तंबाकू या उससे जुड़े उत्पादों का सेवन किया है। यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
तंबाकू और ई-सिगरेट की बढ़ती लत बना रही युवाओं को शिकार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू के पारंपरिक रूपों के साथ-साथ ई-सिगरेट का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है। हालांकि भारत में ई-सिगरेट की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद कई माध्यमों से यह युवाओं तक पहुंच रही है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं में इसका चलन बढ़ने की बात भी सामने आ रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआत में इसे फैशन या शौक के रूप में अपनाया जाता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। इसके बाद व्यक्ति तंबाकू के अन्य उत्पादों की ओर बढ़ता है। चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र की युवतियां भी तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के साथ अस्पताल पहुंच रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ परिवार और स्कूल स्तर पर भी बच्चों को इसके खतरों के बारे में लगातार जानकारी देना जरूरी है।
तंबाकू से बढ़ रहे कैंसर और अन्य गंभीर रोग
चिकित्सकों के अनुसार तंबाकू का सबसे बड़ा असर कैंसर के रूप में सामने आता है। ओरल कैंसर यानी मुंह का कैंसर भारत में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। इसके अलावा फेफड़ों का कैंसर, गले का कैंसर, खाने की नली का कैंसर, पेट का कैंसर और रक्त से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां भी तंबाकू सेवन से जुड़ी हुई हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि हृदय रोग, सांस की बीमारी, दमा और आंखों से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ाता है। वैश्विक स्तर पर हर साल लाखों लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है। भारत में गुटखा, खैनी, जर्दा और अन्य धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों का उपयोग भी बड़ी समस्या बना हुआ है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि तंबाकू से दूरी बनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जितनी जल्दी इस आदत को छोड़ा जाए, स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को उतना ही कम किया जा सकता है।
Towels Smell Causes: तौलिया धोने के बाद भी आती है बदबू? बारिश में इन 5 बातों का रखें खास ध्यान
Towels Smell Causes: बारिश के मौसम में कपड़ों को सुखाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। खासकर तौलिया इस्तेमाल करने के बाद अगर उसे ठीक से सुखाया न जाए तो उसमें कुछ ही समय में अजीब सी सीलन और बदबू आने लगती है। कई बार तौलिया देखने में साफ होता है, लेकिन उसमें से आने वाली गंध परेशान करने लगती है। इसकी वजह सिर्फ नमी नहीं, बल्कि तौलिया इस्तेमाल करने का तरीका, उसे रखने की जगह और धोने की प्रक्रिया भी हो सकती है।
अगर आपका तौलिया भी बारिश के दिनों में बार-बार बदबू करने लगता है तो इसे नजरअंदाज न करें। तौलिया शरीर के सीधे संपर्क में आता है और लंबे समय तक नम रहने पर उसमें बैक्टीरिया और फफूंद के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन सकता है। कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके तौलिया को साफ, सूखा और फ्रेश रखा जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
तौलिया देर तक गीला पड़ा रहना
बारिश में धूप कम निकलने के कारण तौलिया लंबे समय तक गीला रह सकता है। नमी के कारण उसमें बैक्टीरिया और फफूंद तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे बदबू आने लगती है। नहाने के बाद तौलिया को बिस्तर, कुर्सी या बाथरूम के फर्श पर रखने के बजाय तुरंत फैलाकर सुखाएं। घर में पर्याप्त हवा वाली जगह हो तो वहां तौलिया फैलाकर रखना बेहतर विकल्प है।
तौलिया को बिना सुखाए तह करना
कई लोग जल्दी में इस्तेमाल किया हुआ तौलिया मोड़कर रख देते हैं। बारिश के दिनों में ऐसा करना बदबू की बड़ी वजह बन सकता है। तौलिया अंदर से नम रहता है और मोड़ने के बाद हवा का संचार भी कम हो जाता है। इसलिए इसे हमेशा पूरी तरह फैलाकर सुखाएं। अगर बाहर धूप नहीं है तो पंखे या अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह का इस्तेमाल किया जा सकता है।
वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालना
ऐसा माना जाता है कि ज्यादा डिटर्जेंट से तौलिया ज्यादा साफ होगा, लेकिन जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट कपड़े के रेशों में जमा हो सकता है। इससे तौलिया पानी को ठीक से सोख नहीं पाता और उसमें गंध टिक सकती है। तौलिया धोते समय डिटर्जेंट की उचित मात्रा इस्तेमाल करें और मशीन में कपड़ों को जरूरत से ज्यादा भरने से बचें।
तौलिया को बहुत कम अंतराल पर धोना
तौलिया शरीर से पसीना, तेल और त्वचा की मृत कोशिकाओं को सोखता है। इसलिए इसे लंबे समय तक बिना धोए इस्तेमाल करने से भी उसमें गंध पैदा हो सकती है। इस्तेमाल के हिसाब से तौलिया नियमित रूप से धोना जरूरी है। घर में अलग-अलग सदस्यों के तौलिये अलग रखें और उन्हें साझा करने से बचें।
बाथरूम में तौलिया लटकाकर छोड़ देना
बाथरूम में नमी पहले से अधिक होती है। अगर तौलिया वहीं लटका हुआ है और उसे पर्याप्त हवा नहीं मिल रही तो वह जल्दी सूख नहीं पाएगा। लगातार नम वातावरण तौलिये में सीलन की गंध पैदा कर सकता है। इसलिए नहाने के बाद तौलिया को अच्छी तरह फैलाकर ऐसी जगह रखें जहां हवा का प्रवाह बेहतर हो।
ऐसे रखें तौलिया एकदम फ्रेश
तौलिये को फ्रेश रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उसे इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह सुखाया जाए। धोने के बाद भी तौलिया को मशीन में घंटों पड़ा न रहने दें। तुरंत निकालकर सुखाएं। समय-समय पर तौलिये को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाना भी जरूरी है। अगर तौलिये में पुरानी बदबू बनी हुई है तो उसे दोबारा धोकर पर्याप्त हवा में सुखाएं।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
Haribhoomi





