Duleep trophy final: ईस्ट और साउथ जोन की फाइनल टक्कर, सिराज-शमी की गेंदबाजी पर नजर; वैभव फिर चेपॉक में दिखाएंगे दम
चेन्नई। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा। फाइनल में केएल राहुल नहीं खेलेंगे, लेकिन मोहम्मद सिराज और देवदत्त पडिक्कल की एंट्री ने मुकाबले का रोमांच बढ़ा दिया है। तिलक वर्मा साउथ जोन की कप्तानी करेंगे, जबकि ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन के हाथों में होगी।
सिराज की गेंदबाजी पर नजर
श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट में दो शतक लगाने वाले पडिक्कल और तेज गेंदबाज सिराज के साउथ की प्लेइंग इलेवन में सीधे जगह बनाने की उम्मीद है। सिराज श्रीलंका दौरे पर 125-130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक ही गेंदबाजी कर पाए थे। अब वह अपनी पुरानी लय हासिल करने की कोशिश में हैं। चेपॉक की उछाल वाली लाल मिट्टी की पिच पर उनका पूरा रफ्तार से गेंदबाजी करना बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
वैभव ने इसी मैदान पर जड़ा था शतक
दूसरी ओर ईस्ट जोन भी सितारों से सजी है। ईशान किशन कप्तान और वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान होंगे। 18 वर्षीय वैभव ने फाइनल से एक दिन पहले सुबह 11 बजे ही नेट्स में बल्लेबाजी शुरू कर दी और तुरंत लय में नजर आए। उनका चेपॉक से खास कनेक्शन भी है। अक्टूबर 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ इसी मैदान पर सिर्फ 58 गेंदों में शतक जड़ा था। तब स्टेडियम में दर्शक नहीं थे, लेकिन इसी पारी ने उन्हें जूनियर चयनकर्ताओं की नजरों में ला दिया था।
Getting ready for the big final ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 5, 2026
East Zone and South Zone put in the hard yards at the MA Chidambaram Stadium ahead of the ultimate showdown ????️ ????#DuleepTrophy | #EZvSZ pic.twitter.com/BBrMIuMq2m
साउथ के श्रीयस गोपाल भी इस मुकाबले में खास उपलब्धि हासिल करेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स में पिछले दो सीजन बेंच पर रहने वाले गोपाल अपने आईपीएल होम ग्राउंड चेपॉक पर 100वां प्रथम श्रेणी मुकाबला खेलेंगे। 2024 में केरल से कर्नाटक लौटने के बाद वह टीम के अहम स्ट्राइक गेंदबाज रहे हैं और उनकी बल्लेबाजी भी टीम को संतुलन देती है।
साउथ को सेमीफाइनल में चोटिल हुए विद्वथ कावेरप्पा की कमी खलेगी। उनकी जगह सीवी मिलिंद को टीम में शामिल किया गया है। तिलक ने संकेत दिए हैं कि ईस्ट की बाएं हाथ के बल्लेबाजों वाली लाइनअप को देखते हुए विजय टी. को मौका मिल सकता है।
फाइनल के लिए चेपॉक की लाल मिट्टी वाली पिच से अच्छा बाउंस और कैरी मिलने की उम्मीद है। ईशान और तिलक दोनों का मानना है कि चौथे-पांचवें दिन पिच स्पिनरों की मदद कर सकती है। हालांकि चेन्नई में बारिश का खतरा भी है। मंगलवार और बुधवार को बारिश का पूर्वानुमान है।
फाइनल पहले बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होना था, लेकिन दर्शकों को मैदान में आने का मौका देने के लिए इसे चेपॉक शिफ्ट किया गया। तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने सी, डी और ई लोअर स्टैंड में दर्शकों के लिए मुफ्त प्रवेश की घोषणा की है। रविवार को फाइनल के पहले दिन बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।
हैरी पॉटर फैंस के लिए खुशखबरी! असली हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस जैसी ट्रेन में करें यादगार सफर
हैरी पॉटर की फिल्में देखने वाले लगभग हर फैन ने कभी न कभी खुद को प्लेटफॉर्म 9¾ से हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस में बैठकर जादुई स्कूल जाते हुए जरूर सोचा होगा। भले ही असल जिंदगी में हॉगवर्ट्स या प्लेटफॉर्म 9¾ मौजूद नहीं है, लेकिन एक ऐसी ट्रेन जरूर है जो आपको वही एहसास दिला सकती है। यही वजह है कि यह ट्रेन दुनियाभर के पर्यटकों और हैरी पॉटर फैंस की पसंदीदा बन चुकी है।
स्कॉटलैंड में चलने वाली जैकोबाइट स्टीम ट्रेन को दुनिया की सबसे खूबसूरत ट्रेन यात्राओं में गिना जाता है। यही ट्रेन है जिसे हैरी पॉटर फिल्मों में हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस के रूप में दिखाया गया था। इसकी पुरानी स्टीम इंजन वाली डिजाइन, पहाड़ों के बीच गुजरता रास्ता और मशहूर ग्लेनफिनन वायाडक्ट इसे खास बनाते हैं। यही पुल फिल्मों में भी कई बार दिखाई दिया था।
स्कॉटलैंड की जैकोबाइट स्टीम ट्रेन क्यों है इतनी खास?
हर साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच चलने वाली यह ट्रेन स्कॉटलैंड के फोर्ट विलियम से मेलैग तक करीब 84 मील (लगभग 135 किलोमीटर) का सफर तय करती है। रास्ते में बर्फ से ढके पहाड़, झीलें, जंगल और समुद्र का शानदार नजारा देखने को मिलता है। यही वजह है कि इसे सिर्फ हैरी पॉटर फैंस ही नहीं, बल्कि ट्रैवल लवर्स भी अपनी बकेट लिस्ट में रखते हैं।
इस सफर का सबसे यादगार हिस्सा ग्लेनफिनन वायाडक्ट है। जैसे ही ट्रेन इस ऐतिहासिक पुल से गुजरती है, यात्रियों को बिल्कुल वही नजारा दिखाई देता है जो फिल्मों में हैरी, रॉन और हर्माइनी के सफर के दौरान नजर आया था। ट्रेन के पुराने लकड़ी वाले डिब्बे और स्टीम इंजन पूरे सफर को और भी खास बना देते हैं।
अगर आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट पहले से बुक करना बेहतर रहेगा। गर्मियों और छुट्टियों के मौसम में इस ट्रेन की सीटें काफी पहले ही भर जाती हैं। ग्लासगो और एडिनबर्ग से फोर्ट विलियम तक सड़क और रेल दोनों रास्तों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
हैरी पॉटर जैसी फील देने वाली दूसरी ट्रेनें भी हैं मौजूद
सिर्फ जैकोबाइट स्टीम ट्रेन ही नहीं, बल्कि दुनिया में कुछ और जगहों पर भी हैरी पॉटर थीम से जुड़े खास अनुभव मिलते हैं। इंग्लैंड का नॉर्थ यॉर्कशायर मूर रेलवे भी काफी मशहूर है। इस रूट का गोथलैंड स्टेशन वही जगह है जिसे फिल्मों में हॉग्समीड स्टेशन के रूप में दिखाया गया था। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे आप सीधे हैरी पॉटर की दुनिया में आ गए हों।
इसके अलावा अमेरिका के फिलाडेल्फिया में समय-समय पर हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस थीम ट्रेन भी चलाई जाती है। इस ट्रेन में हैरी पॉटर थीम पर खास सजावट, कॉस्ट्यूम और कई मजेदार एक्टिविटी कराई जाती हैं। हालांकि यह नियमित ट्रेन नहीं है और खास आयोजनों के दौरान ही चलती है।
अगर आप हैरी पॉटर के बड़े फैन हैं, तो ये ट्रेन यात्राएं सिर्फ एक ट्रिप नहीं बल्कि यादगार अनुभव साबित हो सकती हैं। फिल्मों में दिखने वाली जादुई दुनिया को करीब से महसूस करने का मौका हर किसी को नहीं मिलता। यही वजह है कि हर साल हजारों लोग सिर्फ इस अनुभव के लिए स्कॉटलैंड और दूसरी जगहों का रुख करते हैं। जादू भले ही असली न हो, लेकिन इन ट्रेनों का सफर आपको कुछ घंटों के लिए जरूर ऐसा महसूस कराता है जैसे आप सचमुच हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस में बैठे हों।
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