CMRL रिश्वत मामले में ED के पत्र पर कार्रवाई को सरकार बाध्य, बोले Kerala के गृहमंत्री
तिरुवनंतपुरम, आठ सितंबर केरलम के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को कहा कि कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी वीणा और दामाद पी ए मोहम्मद रियास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पत्र पर सरकार कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य है। चेन्निथला ने कहा कि राज्य के पुलिस प्रमुख रवाडा ए चंद्रशेखर को मिले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पत्र को पड़ताल के लिए गृह सचिव के पास भेज दिया गया है और उनकी सिफारिश मिलने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि गृह सचिव की सिफारिश के आधार पर और मुख्यमंत्री वी डी सतीशन से विचार-विमर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चेन्निथला ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘‘सरकार कानूनी रूप से अपेक्षित कार्रवाई करने के लिए बाध्य है। यह पत्र प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जाने के बाद दिया गया है। इसलिए हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।
यदि कानूनी सलाह लेने की जरूरत होगी तो वह ली जाएगी।’’ इससे पहले दिन में चेन्निथला ने कहा था कि उन्होंने डीजीपी से बात की है और पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें यह पत्र करीब 10 मिनट पहले ही मिला है। चेन्निथला ने कहा, ‘‘डीजीपी पत्र पर गौर करेंगे, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि कानून के अनुसार क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर डीजीपी को कोई पत्र मिलता है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
कृपया इसके लिए इंतजार करें।’’ सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत यह पत्र भेजा है और इसमें उक्त मामले में की गई उसकी जांच के दौरान सामने आए निष्कर्षों का हवाला दिया गया है। धन शोधन रोधी कानून की यह धारा ईडी को अपनी आपराधिक जांच के निष्कर्ष किसी कानून प्रवर्तन एजेंसी के साथ साझा करने का अधिकार देती है, ताकि उसके आधार पर नयी प्राथमिकी या शिकायत दर्ज की जा सके। ऐसी पुलिस प्राथमिकी के आधार पर ईडी पीएमएलए का एक मामला दर्ज कर सकती है।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने पीएमएलए के तहत इस मामले में जांच और छापेमारी के दौरान मिले ‘‘साक्ष्यों’’ के आधार पर विजयन, उनकी बेटी वीणा, रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केरलम के डीजीपी से पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है। ईडी का आरोप है कि केरलम की खनन कंपनी ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) ने वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को ‘आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं’ के नाम पर कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया था। केंद्रीय एजेंसी ने जून में वीणा के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
उस समय वह राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में किराये के मकान में विजयन के साथ रह रही थीं। इसके बाद ईडी ने उनसे पूछताछ भी की थी। चंद्रशेखर ने कहा कि संघीय एजेंसी से एक विस्तृत पत्र मिला है, जिसमें कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में विजयन, वीणा और रियास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि यहां पुलिस मुख्यालय में प्राप्त 25 पन्नों के पत्र का विश्लेषण किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पत्र के कानूनी पहलुओं की भी पड़ताल की जानी है। राज्य के पुलिस प्रमुख ने संवाददाताओं से कहा, “पत्र का विश्लेषण करने और मामले के कानूनी पहलुओं की जांच करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केपीसीसी अध्यक्ष और बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि उनकी समझ के अनुसार, ईडी के पत्र में कथित तौर पर अवैध लेनदेन में शामिल करोड़ों रुपये के बारे में विवरण दिया गया है और पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।
जोसेफ ने कहा कि जब वीणा के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, तब उन्होंने न तो उन्हें खारिज किया था और न ही कानूनी रूप से उनका सामना करने की तैयारी दिखाई थी। उन्होंने कहा, “यह साबित मामला है और इसमें स्वीकार किए गए तथ्य मौजूद हैं। स्वीकार किए गए तथ्यों को साबित करने की जरूरत नहीं होती।” उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेतृत्व से घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देने और आरोपों का सामना कर रहे लोगों के कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश करने के बजाय तथ्यों को स्वीकार करते हुए जांच में सहयोग करने का आग्रह किया।
Bihar में World Bank की मदद से ₹4415 करोड़ की Irrigation Project लागू
पटना, आठ सितंबर बिहार में सिंचाई सेवाओं के आधुनिकीकरण, जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और बाढ़ एवं कटाव से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए 4,415 करोड़ रुपये की बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना लागू की जा रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सिन्हा ने बताया कि विश्व बैंक और बिहार सरकार की संयुक्त भागीदारी वाली इस परियोजना में 70 प्रतिशत राशि विश्व बैंक तथा 30 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में कृषि को अधिक सक्षम, टिकाऊ और जोखिम-प्रतिरोधी बनाना समय की आवश्यकता है, जिसके लिए जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तथा किसानों को जलवायु के अनुकूल कृषि प्रौद्योगियों से जोड़ने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सिन्हा के मुताबिक, परियोजना का क्रियान्वयन जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले घटक के तहत सिंचाई प्रणालियों के पुनर्वास एवं आधुनिकीकरण, संचालन एवं रखरखाव, जलवायु अनुकूल कृषि, प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सिन्हा के अनुसार, दूसरे घटक में तटबंधों और नदी के किनारों को मजबूत करने के साथ बाढ़ एवं कटाव प्रबंधन के लिए ‘ब्लू-ग्रीन’ अवसंरचना समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीसरे घटक के तहत संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाएगा। सिन्हा ने बताया कि जल विज्ञान एवं कृषि सूचना सहायता केंद्र (एफएमआईएससी) को मजबूत करने, बिहार राज्य जल नीति तैयार करने तथा बिहार राज्य जल नियामक प्राधिकरण के गठन की दिशा में भी काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चौथे घटक में परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी, मूल्यांकन और वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। सिन्हा ने बताया कि जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों के लिए कमान क्षेत्र के आधार पर 11 प्रखंडों की पहचान की गई है, जिनमें सोन पश्चिमी कमान क्षेत्र के रोहतास, बक्सर और कैमूर, कोसी कमान क्षेत्र के मधुबनी तथा सारण कमान क्षेत्र के सिवान जिले के प्रखंड शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में स्थानीय जलवायु, जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुरूप जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादन को जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रखने, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल तथा किसानों की आय और कृषि की स्थिरता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







