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रूस से भारत का ऊर्जा आयात रिकॉर्ड स्तर पर, हर महीने बन रहा नया कीर्तिमान: क्रेमलिन प्रवक्ता

मॉस्को, 8 सितंबर (आईएएनएस)। रूस ने मंगलवार को कहा कि भारत द्वारा रूसी ऊर्जा आयात में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में यह जानकारी दी। यह संवाद इस सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुआ।

पेस्कोव ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह सटीक आंकड़े साझा नहीं करना चाहते, लेकिन भारत को होने वाले रूसी ऊर्जा निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, मैं समझने योग्य कारणों से कोई संख्या नहीं बताना चाहता, लेकिन लगभग हर महीने हम एक नया रिकॉर्ड देख रहे हैं।

भारत और रूस के बीच व्यापार में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे रुपया भुगतान संतुलन के मुद्दे पर भी पेस्कोव ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार में जमा हुई रुपए की राशि से जुड़ी समस्याओं का समाधान धीरे-धीरे किया जा रहा है और दोनों देश इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

क्रेमलिन प्रवक्ता ने बताया कि भारत और रूस दुर्लभ मृदा खनिजों (रेयर अर्थ्स) की खोज और विकास के क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

इसके अलावा, रूस के अत्याधुनिक सुखोई एसयू-57 स्टेल्थ लड़ाकू विमान की संभावित बिक्री का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच चर्चा के एजेंडे में शामिल है।

पेस्कोव ने ब्रिक्स देशों द्वारा राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के प्रयासों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी डी-डॉलराइजेशन अभियान का हिस्सा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया व्यावहारिक कदम है।

उन्होंने कहा, हम किसी डी-डॉलराइजेशन नीति का दावा नहीं कर रहे हैं। हम केवल वही कर रहे हैं जो हमारे राष्ट्रीय हितों के अधिक अनुकूल है।

पेस्कोव के अनुसार, कुछ देश अपनी मुद्राओं का उपयोग राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में करते हैं। उन्होंने कहा, यदि वे हमें अपनी मुद्रा का उपयोग नहीं करने देते, तो हम अपनी मुद्रा का उपयोग करते हैं।

उन्होंने बताया कि रूस को डॉलर और यूरो के उपयोग पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसने राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए। हालांकि रूस अभी भी सभी स्वीकार्य भुगतान प्रणालियों और मुद्राओं के उपयोग के लिए खुला है।

क्रेमलिन ने पुष्टि की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, वित्त और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

पेस्कोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इस बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग प्रमुख विषयों में शामिल रहेंगे।

वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर केंद्रित है। विस्तारित ब्रिक्स समूह में अब ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं।

इसके अलावा बेलारूस, बोलिविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम जैसे साझेदार देशों की भागीदारी से समूह का आर्थिक और भौगोलिक प्रभाव और बढ़ गया है।

भारत के लिए यह विस्तार निर्यात बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने, आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने, प्रौद्योगिकी सहयोग मजबूत करने और बहुध्रुवीय वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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गंदा है पर धंधा है! सत्य निकेतन में हॉस्टल की कमी और मजबूरी का फायदा उठा रहे ब्रोकर्स-पीजी मालिक

दिल्ली के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में एक 50 साल पुरानी इमारत के गिरने से राजधानी में पेइंग गेस्ट और हॉस्टल में रह रहे छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है. देश के अलग-अलग कोनों से अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर यहां आने वाले छात्र किस कदर बदहाली में रहने को मजबूर हैं, इसका दर्द ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान खुद छात्रों ने बयां किया. यह इलाका अब छात्रों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना रहने के बजाय सिर्फ मुनाफा कमाने का एक बड़ा बिजनेस हब बन चुका है, जहां इंसानी जिंदगी से ज्यादा चंद रुपयों के किराये को अहमियत दी जा रही है. इस इलाके की इमारतों का ढांचा किसी पिंजरे से कम नहीं है. छात्रों का कहना है कि चार-पांच मंजिला इन पतली इमारतों में वेंटिलेशन के नाम पर एक खिड़की तक नहीं होती है. एक छोटे से कमरे में दो-तीन बेड लगाकर छात्रों को ठूंस दिया जाता है, जिससे उनकी प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाती है. सबसे डराने वाली बात यह है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इन इमारतों में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं है. एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ एक ही छोटा गेट होता है, जिससे किसी हादसे के वक्त बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो जाता है. दमघोंटू माहौल के कारण छात्रों का पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता.

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  Sports

12 साल बाद Kevin Pietersen की England Team में वापसी, World Cup मिशन के लिए मिली बड़ी Responsibility

इंग्लैंड क्रिकेट में एक ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने उम्मीद की होगी। टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन करीब 12 साल बाद इंग्लैंड की टीम के साथ आधिकारिक भूमिका में नजर आएंगे। अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप की तैयारी के लिए उन्हें सीमित ओवरों की टीम का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी ब्रेंडन मैकुलम के सहयोगी दल में इसी महीने से शुरू होगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, पीटरसन श्रीलंका के खिलाफ होने वाली छह मुकाबलों की श्रृंखला से टीम के साथ जुड़ेंगे। इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ तीन टी20 और तीन एकदिवसीय मुकाबले खेलने हैं। इसके बाद वह सर्दियों में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के दौरों पर भी टीम के साथ काम करेंगे। विश्व कप से पहले पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं में भी उनकी भूमिका जारी रहेगी।

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पीटरसन को जिम्मेदारी देने के पीछे दक्षिण अफ्रीका में उनके अनुभव को भी अहम कारण बताया है। पीटरसन का जन्म और पालन-पोषण दक्षिण अफ्रीका में हुआ है और अगला 50 ओवर का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। ऐसे में वहां की परिस्थितियों और क्रिकेट माहौल की उनकी समझ इंग्लैंड के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

पीटरसन इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के साथ सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं। 2023 की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान वह कुछ समय के लिए इंग्लैंड के बल्लेबाजों के साथ भी काम कर चुके हैं। हालांकि, 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद उनका ज्यादातर समय प्रसारण और क्रिकेट विश्लेषण में बीता है।

दिलचस्प बात यह है कि पीटरसन पिछले कुछ समय में इंग्लैंड की टीम व्यवस्था के आलोचक भी रहे हैं। 2025 की शुरुआत में भारत दौरे के दौरान उन्होंने टीम के अभ्यास और ट्रेनिंग के तरीके पर सवाल उठाए थे। मैकुलम ने उस आलोचना को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था। अब वही पीटरसन मैकुलम के सहयोगी दल का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

पीटरसन ने इंग्लैंड के सीमित ओवरों के कप्तान हैरी ब्रुक को लेकर भी पहले निराशा जताई थी। ब्रुक ने 2025 में इंडियन प्रीमियर लीग का अपना एग्रीमेंट छोड़ दिया था, जिसके कारण दोनों को साथ काम करने का मौका नहीं मिल पाया। पीटरसन का मानना था कि भारत में स्पिन गेंदबाजी खेलने में ब्रुक की कमजोरी है और लंबे समय तक साथ रहने पर वह इसमें सुधार कर सकते थे।

गौरतलब है कि पीटरसन और मैकुलम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2007 से 2013 के बीच 24 बार एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे। इसके अलावा दोनों पाकिस्तान सुपर लीग में क्वेटा ग्लैडिएटर्स के लिए दो सीजन तक साथ भी खेले। अब दोनों इंग्लैंड की टीम को विश्व कप जिताने की योजना पर एक साथ काम करेंगे।

पीटरसन ने इस नई जिम्मेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में विश्व कप जीतने की कोशिश कर रही इंग्लैंड टीम की मदद करने का मौका उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड की पोशाक पहनना उनके लिए खास अनुभव होगा और वह खिलाड़ियों की क्षमता को अधिकतम स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी मेहनत करना चाहते हैं।

मैकुलम ने भी पीटरसन की नियुक्ति का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पीटरसन के अनुभव, ज्ञान और खेल में उनकी पहचान का टीम को काफी फायदा मिलेगा। खासकर बल्लेबाजों के लिए उनके साथ काम करने का अवसर महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि वह जानते हैं कि उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए किस तरह की तैयारी चाहिए।

पीटरसन के अलावा इंग्लैंड के सहयोगी दल में उनके पूर्व साथी मार्कस ट्रेस्कोथिक, टिम साउदी, जीतन पटेल और सारा टेलर भी शामिल हैं। हालांकि पीटरसन अक्टूबर में पाकिस्तान में होने वाली एकदिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला का हिस्सा नहीं होंगे। इसके बाद विश्व कप तक उनका टीम के साथ जुड़ाव लगातार बढ़ता जाएगा। इस तरह कभी विवादों के बीच इंग्लैंड से अलग हुए पीटरसन अब उसी टीम को विश्व कप जिताने की कोशिश का हिस्सा हैं।
Tue, 08 Sep 2026 20:37:00 +0530

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