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लाल से जीता 24, नीले से जीतेंगे 27! अखिलेश की इस रणनीति के पीछे आखिर दांव क्या है?

उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने ऐसा क्या बदल दिया कि समाजवादी पार्टी की पहचान में अब लाल के साथ नीला रंग भी दिखाई देने लगा है। क्या यह सिर्फ एक टीशर्ट का रंग बदलना है या फिर इसके पीछे 2027 के चुनाव की बड़ी रणनीति छिपी है क्योंकि समाजवादी पार्टी की छात्रसभा के कार्यकर्ता अब लाल टीशर्ट की जगह नीली टीशर्ट में नजर आएंगे और इसी नीली टीशर्ट पर सिर्फ साइकिल नहीं है बल्कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की तस्वीर भी है। यानी संदेश बिल्कुल साफ है। सपा अब अपने पुराने लाल रंग के साथ नीले रंग की राजनीति को भी जोड़ने की कोशिश कर रही है। उत्तर प्रदेश में दलित वोट बैंक करीब 21 प्रतिशत माना जाता है। और यही वो वोट बैंक है जिस पर कभी मायावती की बहुजन समाज पार्टी का मजबूत प्रभाव हुआ करता था। लेकिन पिछले कुछ चुनाव में बसपा का राजनीतिक प्रभाव लगातार कमजोर हुआ है। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने यूपी में 37 सीटें जीती और अखिलेश यादव की पार्टी राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी ताकत बनकर उभरी और अब अखिलेश की नजर उस वोट बैंक पर है जो लंबे समय से यूपी की राजनीति का सबसे अहम फैक्टर रहा है। यानी दलित वोट और शायद इसीलिए अखिलेश खुद भी हाल ही में नीला गमछा डाले नजर आए थे। नीला रंग बाबासाहेब आंबेडकर और दलित राजनीति। यूपी की राजनीति में इन तीनों का कनेक्शन किसी से छिपा नहीं है।

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31 अगस्त को एसपी चीफ का नया पॉलिटिकल लुक देखने को मिला था। पार्टी की बैठक में अखिलेश यादव सिर पर लाल टोपी तो पहने जरूर नजर आए लेकिन गले में नीला गमछा भी पहने हुए थे। मीटिंग में उनके चाचा और पार्टी के बड़े नेता शिवपाल यादव भी गले में ब्लू गमछा लटकाए हुए थे। अब अखिलेश यादव ने दलित वोटरों को साधने के लिए बड़ा सियासी कदम उठाया है। इसके लिए पार्टी की यूथ विंग की ड्रेस में बदलाव किए गए हैं। समाजवादी पार्टी की यूथ विंग के कार्यकर्ता नीली जींस और नीली टीशर्ट में दिखने वाले हैं। जिस पर सपा छात्र सभा का लोगो और पार्टी का चुनाव निशान साइकिल बनी हुई है। जिसकी आज लॉन्चिंग भी होने वाली है। जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। अलग-अलग विश्वविद्यालय और छात्र संघ के पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों, छात्र संघ के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। अब सपा ने अपनी स्टूडेंट विंग यानी छात्रसभा का ड्रेस कोड बदला है तो इस यूनिफार्म पॉलिटिक्स पर सियासी कयासबाजियां चल पड़ी हैं। दरअसल नीले रंग को यूपी की सियासत में अब तक दलित आंदोलन और बीएसपी से जोड़कर देखा जाता रहा है। मायावती की पार्टी के झंडे का रंग भी नीला है। तो इस नीले रंग की राजनीति में एसपी अध्यक्ष ने पॉलिटिकल एंट्री कर ली है।

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अखिलेश यादव के ब्लू ड्रेस वाले कदम को दलित वोटरों को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक अखिलेश को पीडीए फार्मूले और नीले रंग में भविष्य की राह दिखने लगी है। यूपी की राजनीति में दलित वोटरों का बड़ा हिस्सा बीएसपी के साथ रहा है। वहीं गैर जाटव, दलित और गैर यादव, पिछड़ा वर्ग बीजेपी के साथ मजबूती के साथ खड़ा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए फार्मूले के चलते इस समीकरण में काफी चेंज देखने को मिला था। एसपी ने दलितों और पिछड़ों के एक वर्ग को अपनी ओर खींचा था। ऐसे में एसपी अध्यक्ष उसी आधार को विधानसभा चुनाव में अपने सबसे बड़े पॉलिटिकल टूल को सियासी हथियार बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

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Andhra Pradesh में Mega DSC शिक्षक भर्ती के खेल कोटे में धांधली के आरोप खारिज

अमरावती, आठ सितंबर आंध्र प्रदेश की स्कूल शिक्षा आयुक्त तमीम अंसारिया और आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण (एसएएपी) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भरानी ने सोमवार को आधिकारिक रिकॉर्ड, भर्ती नियमों और सत्यापन रिपोर्ट का हवाला देते हुए ‘मेगा डीएससी-2025’ शिक्षक भर्ती में खेल कोटे के तहत उम्मीदवारों के चयन में अनियमितताओं के आरोपों का खंडन किया। अधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की योग्यता, जाति प्रमाणपत्र और खेल उपलब्धियों से जुड़े आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कई चयनित शिक्षकों की पात्रता साबित करने के लिए अभ्यर्थी-वार स्पष्टीकरण और दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए।

अंसारिया और भरानी का यह स्पष्टीकरण मेगा जिला चयन समिति (डीएससी)-2025 शिक्षक भर्ती में कथित धोखाधड़ी को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी समेत विभिन्न पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद आया है। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में अंसारिया और भरानी के हवाले से कहा गया है, ‘‘मेगा डीएससी-2025 में खेल कोटे के तहत उम्मीदवारों के चयन से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड, लागू नियमों और सत्यापन रिपोर्ट की जांच की गई है।’’ अधिकारियों ने बताया कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, टीईटी में प्राप्त अंक, सामाजिक श्रेणी और खेल उपलब्धियों की लागू भर्ती नियमों के अनुसार जांच की गई थी। उन्होंने कहा कि केवल अपुष्ट दावों के आधार पर किसी पात्र उम्मीदवार को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

हालांकि, जांच में यदि फर्जी प्रमाणपत्र या पात्रता संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने इस स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज महिला अधिकारियों ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी और फर्जी खबरों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी। दो महिला अधिकारियों ने सच्चाई सामने रखी, हमारे उम्मीदवारों और डीएससी प्रक्रिया की पारदर्शिता का बचाव किया।

तथ्यों की हर बार जीत होती है।’’ अंसारिया ने कहा कि केंद्र सरकार की एक अधिसूचना में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी को अनिवार्य योग्यता बताया गया है। इसके अनुपालन के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिला चयन समिति (डीएससी) शिक्षक भर्ती परीक्षा में खेल श्रेणी के तहत हुए चयन को लेकर भरानी ने कहा कि आठ से 14 अगस्त, 2025 के बीच खेल कोटे की एक अस्थायी सूची सार्वजनिक की गई थी।

इसका उद्देश्य उम्मीदवारों और अन्य लोगों को आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर देना था। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्राप्त शिकायतों की भी जांच की गई। भरानी ने बताया कि खेल श्रेणी से संबंधित आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर 69 रिट याचिकाओं में यह सवाल नहीं उठाया गया था कि आंध्र प्रदेश राज्य जूडो संघ द्वारा जारी जूडो प्रमाणपत्र असली हैं या फर्जी।

उन्होंने कहा कि इन प्रमाणपत्रों की वैधता का मामला फिलहाल उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। अदालत ने सतर्कता विभाग को मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके बाद आगे का कोई भी फैसला जांच के निष्कर्षों के आधार पर लिया जाएगा।

एक ही मंडल के 21 जूडो उम्मीदवारों से जुड़े आरोपों पर भरानी ने कहा कि प्रमाणपत्रों की सतर्कता विभाग द्वारा जांच की जा रही है। इन उम्मीदवारों में सात के एक ही परिवार से होने का आरोप भी शामिल है। अधिकारियों ने दोहराया कि सरकार पारदर्शिता, साक्ष्य के आधार पर जांच और भर्ती नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करेगी।

साथ ही, पात्र उम्मीदवारों के हितों की रक्षा की जाएगी और जहां भी किसी अनियमितता की निर्णायक रूप से पुष्टि होगी, वहां उचित कार्रवाई की जाएगी।

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  Sports

14 छक्के, 20 चौके… CPL 2026 में हुआ कमाल, T20 में टूटा पाकिस्तानी खिलाड़ी का ये रिकॉर्ड

CPL 2026 के दौरान T20 में पाकिस्तानी खिलाड़ी इमाद वसीम का बनाया एक रिकॉर्ड टूट गया है. ये रिकॉर्ड टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने से जुड़ा था. Wed, 09 Sep 2026 07:03:42 +0530

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