Responsive Scrollable Menu

TN Assembly में DMK MLAs के खिलाफ Marshal का एक्शन, EV Velu ने कहा- यह अलोकतांत्रिक सरकार की हद

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के विधायक और पार्टी व्हिप EV वेलु ने तमिलनाडु सरकार और स्पीकर JCD प्रभाकर की कड़ी आलोचना की। यह घटना तब हुई जब मुख्यमंत्री C जोसेफ विजय की 'मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट' (MISA) पर की गई टिप्पणी के विरोध में मार्शल ने DMK विधायकों को विधानसभा से बाहर निकाल दिया। वेलु ने स्पीकर के इस कदम को लोकतंत्र-विरोधी सरकार की हद" बताया और कहा कि DMK राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक जायज़ मांग उठा रही थी। वेलु ने पत्रकारों से कहा, "हमने तमिलनाडु में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर जवाब मांगा था, लेकिन CM ने मुद्दे से ध्यान भटकाते हुए MISA एक्ट के बारे में बात की। सरकारिया आयोग ने किसी को दोषी नहीं ठहराया था; इसलिए, हमने स्पीकर से उन हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने के लिए कहा, लेकिन स्पीकर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

इसे भी पढ़ें: KN Nehru और 12 अन्य पर DVAC ने 1020 करोड़ के टेंडर घोटाले में दर्ज की FIR

उन्होंने कहा, "एक जायज़ मांग उठाने पर स्पीकर ने हमें ज़बरदस्ती सदन से बाहर निकाल दिया। यह एक अलोकतांत्रिक सरकार और अलोकतांत्रिक काम की हद है। DMK सरकार ने असल सरकार चलाई, लेकिन TVK 'रील' (नकली) सरकार चला रही है।" मंगलवार को DMK ने स्पीकर के चैंबर के बाहर धरना दिया और सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विजय की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। इस विरोध के कारण सदन में हंगामा हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने मार्शल को DMK विधायकों को बाहर निकालने का निर्देश दिया। वेलु ने पहले विधानसभा में आपत्ति जताते हुए तर्क दिया था कि जांच के दायरे में आने वाले विजिलेंस मामलों का ज़िक्र करना विधायी परंपरा का उल्लंघन है। 

इसे भी पढ़ें: CM Vijay का DMK पर निशाना, कहा – ED Report में है Karur Gang के भ्रष्टाचार का सबूत

उन्होंने कहा, "मामलों को पढ़कर सुनाना परंपरा का उल्लंघन है। कल मुख्यमंत्री ने MISA और सरकारिया आयोग के बारे में बात की थी। मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान विजिलेंस मामलों को पढ़कर सुनाना परंपरा का उल्लंघन है। जो मामले जांच के दायरे में हैं, उन पर टिप्पणी नहीं की जा सकती।" स्पीकर JCD प्रभाकर ने MISA पर विजय की टिप्पणियों को हटाने की DMK की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन मामलों का ज़िक्र किया था जिन पर सदन में पहले ही चर्चा हो चुकी है। यह टकराव सोमवार को हुई तीखी बहस के बाद हुआ, जब विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को पिछली DMK सरकार के खिलाफ विजय द्वारा लगाए गए आरोपों का तुरंत जवाब देने की अनुमति नहीं मिलने पर DMK ने सदन से वॉकआउट किया था। अपने भाषण के दौरान, विजय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सामग्री, सरकारिया आयोग और पिछली DMK सरकारों के दौरान कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का ज़िक्र किया।

Continue reading on the app

Thane Court ने 2011 के नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को सुनाई 10 साल की सजा

ठाणे, आठ सितंबर महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कल्याण की एक विशेष त्वरित अदालत ने 2011 में 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म करने के मामले में एक व्यक्ति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी. पी. मुले ने सोमवार को सुनाए फैसले में कहा कि पीड़िता ने आरोपी के साथ अपनी मर्जी से जाने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया था लेकिन उस समय वह नाबालिग थी इसलिए धर्म परिवर्तन को उसकी स्वेच्छा से लिया गया फैसला नहीं माना जा सकता। ठाणे जिले के डोंबिवली की रहने वाली पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी अजहर उर्फ बदू मुस्ताक कुरैशी (39) के साथ लखनऊ गई थी।

अदालत ने आरोपी को इसी आधार पर अपहरण के आरोप से बरी कर दिया। हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि अलग नाम से टिकट खरीदना यह दर्शाता है कि आरोपी ने ‘‘गलत मंशा के साथ पहले से ही साजिश रच ली थी।’’ अदालत ने कहा कि साक्ष्यों से पता चलता है कि आरोपी ने केवल पीड़िता के साथ ‘‘शारीरिक संबंध बनाने’’ के उद्देश्य से पहले ही यह साजिश रची थी। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़िता ने जब इस्लाम धर्म अपनाया और आरोपी के साथ गई, उस समय वह नाबालिग थी।

अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए धर्म परिवर्तन की रस्मों में पीड़िता की भागीदारी को स्वैच्छिक कृत्य नहीं कहा जा सकता।’’ अदालत ने उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाने वाले व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत दुष्कर्म के अपराध के लिए दंडित किया जा सकता है, भले ही 15 से 18 वर्ष आयुवर्ग की पीड़िता उसकी पत्नी हो। अदालत ने कहा कि इसलिए आरोपी आईपीसी की धारा 375 के अपवाद-2 का सहारा लेकर अभियोजन से नहीं बच सकता। इस अपवाद के अनुसार किसी व्यक्ति का अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं माना जाएगा, जबकि पत्नी की उम्र 15 वर्ष से कम न हो।

अदालत ने आरोपी को पांच फरवरी से 12 सितंबर 2012 तक मुकदमे से पहले हिरासत में बिताई गई अवधि का लाभ देने का भी आदेश दिया। अदालत ने पीड़िता को मुआवजा देने के लिए मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास भेजने की भी सिफारिश की। अतिरिक्त लोक अभियोजक सचिन कुलकर्णी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने पीड़िता समेत सात गवाहों से पूछताछ की।

Continue reading on the app

  Sports

'तीन साल से बात नहीं हुई, उनकी बहुत याद आती है', जेल में बंद इमरान खान को लेकर भावुक हुए वसीम अकरम

wasim akram got emotional over Imran khan health: पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने अपने पूर्व कप्तान और दोस्त इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से अलग इमरान को उचित और जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए. Wed, 9 Sep 2026 00:23:13 +0530

  Videos
See all

How your 9/11 memories could be wrong | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T23:01:20+00:00

West Bengal में Baba Bageshwar के खिलाफ FIR दर्ज.. Congress ने की माफी की मांग ! | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T23:11:53+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers