दुबई दौरे का तीसरा दिन: आज निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री, यूएई के प्रमुख उद्यमियों से निवेश पर होगी वन-टू-वन मीटिंग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई दौरे के दूसरे दिन सोमवार, 7 सितंबर को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित ‘एआईएम कांग्रेस-2026’ में सहभागिता की और रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख (रईस) रुस्तम मिन्निखानोव के साथ मुलाकात की। इस दौरान एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी में संयुक्त निवेश पर सहमति बनी।
तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों और राज्य के व्यापारिक प्रतिनिधियों को “टाइम रूस–भारत” फोरम तथा संबंधित प्रदर्शनी में सहभागिता के लिये आमंत्रित किया गया। वहीं मुख्यमंत्री ने भी आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में हुए पर्यटन विकास का अध्ययन करने शीघ्र ही यूएई का दल प्रदेश के दौरे पर आएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई यात्रा के तीसरे दिन मंंगलवार, 8 सितंबर को मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद सत्रों में सहभागिता करेंगे। साथ ही वे दुबई में यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश अनुकूल नीतियों पर चर्चा करेंगे। इनमें राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉरपोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल और वीएफएस ग्लोबल के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम के प्रमुख बिन्दु
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष महामहिम अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक करेंगे।
- चेंबर और आईबीपीसी शारजाह के प्रतिनिधियों के साथ राउण्ड टेबल मीटिंग के संवाद में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाएं साझा करते हुए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रित करेंगे।
- बीआह समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा इमार के समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में पर्यावरण प्रबंधन, शहरी विकास, रियल एस्टेट और अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रण दिया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मीडिया से संवाद भी करेंगे।
- इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश संवाद सत्र में यूएई के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को सामने रखेंगे।
₹13 हजार की फीस ₹25 हजार होने पर भड़के छात्र, मंदसौर लॉ कॉलेज में रातभर विरोध
मंदसौर के जवाहरलाल नेहरू लॉ कॉलेज में फीस को लेकर छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ गया है। 13 हजार रुपए से बढ़कर 25 हजार रुपए फीस होने से नाराज छात्र सोमवार सुबह कॉलेज गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
दिनभर प्रदर्शन के बाद भी जब कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो कई छात्र रातभर वहीं डटे रहे। देर रात करीब 2 बजे तक कॉलेज के बाहर नारेबाजी चलती रही। कुछ छात्र गेट के बाहर ही सो गए। मंगलवार सुबह तक भी छात्रों का प्रदर्शन जारी था।
मंदसौर लॉ कॉलेज में फीस को लेकर रातभर चला प्रदर्शन
फीस के विरोध में छात्रों ने सोमवार सुबह जवाहरलाल नेहरू लॉ कॉलेज के गेट पर धरना शुरू किया था। छात्रों की मांग थी कि मौजूदा विद्यार्थियों से पहले वाली फीस ही ली जाए और 25 हजार रुपए की फीस का फैसला वापस लिया जाए।
दोपहर तक जब छात्रों से बातचीत करने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो नाराज विद्यार्थी सड़क पर बैठ गए। इससे कुछ समय के लिए चक्काजाम जैसी स्थिति बन गई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन और शासन के खिलाफ नारे लगाए।
13 हजार से 25 हजार हुई फीस
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का सबसे बड़ा सवाल फीस में हुए बदलाव को लेकर है। छात्रों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रवेश के समय करीब 13 हजार रुपए फीस निर्धारित थी। अब 2026-27 के सत्र में यही फीस 25 हजार रुपए बताई जा रही है।
छात्रों का कहना है कि करीब 12 हजार रुपए का अंतर उनके लिए मामूली नहीं है। खासकर ऐसे विद्यार्थी जो मध्यमवर्गीय या किसान परिवारों से आते हैं, उनके लिए एक साथ फीस का बोझ बढ़ना परेशानी का कारण बन सकता है।
छात्रों ने 17 अगस्त को कलेक्टर को भी दिया था आवेदन
फीस का मामला सोमवार के प्रदर्शन से पहले भी प्रशासन के सामने उठाया जा चुका है। छात्रों ने 17 अगस्त को कलेक्टर के समक्ष आवेदन देकर फीस कम करने की मांग की थी।
आवेदन में छात्रों की मांग थी कि बढ़ी हुई फीस नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू की जाए। जो विद्यार्थी पहले से कॉलेज में पढ़ रहे हैं, उनकी फीस पुरानी दर पर ही रखी जाए।
प्राचार्य बोले- फीस बढ़ाई नहीं, पुरानी फीस रिस्टोर की गई
फीस विवाद पर जवाहरलाल नेहरू लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनोद पाटीदार ने छात्रों के आरोपों से अलग तस्वीर सामने रखी है। प्राचार्य के अनुसार, कॉलेज ने अचानक फीस नहीं बढ़ाई है। उनका कहना है कि वर्ष 2019-20 में फीस 25 हजार रुपए निर्धारित की गई थी। बाद में फीस रेगुलेटरी कमेटी यानी FRC के स्तर पर फीस कम कर दी गई थी।
अब उसी पुरानी निर्धारित फीस को दोबारा लागू किया गया है। इसलिए कॉलेज प्रबंधन इसे फीस बढ़ाना नहीं, बल्कि पहले से निर्धारित फीस को रिस्टोर करना बता रहा है। यहीं से छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के बीच विवाद की मुख्य वजह सामने आती है। छात्र वर्तमान में करीब 13 हजार रुपए फीस दे रहे थे और अब उनसे 25 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं।
FRC ने फीस दो किस्तों में जमा करने का फैसला लिया
प्राचार्य डॉ. विनोद पाटीदार के मुताबिक छात्रों के पहले प्रदर्शन के बाद फीस के मुद्दे पर FRC की बैठक हुई थी। प्रदेश के कॉलेजों की फीस तय करने में फीस रेगुलेटरी कमेटी की भूमिका होती है। बैठक में छात्रों को राहत देने के लिए फीस दो किस्तों में जमा कराने का फैसला लिया गया। इससे विद्यार्थियों को पूरी राशि एक साथ जमा करने की परेशानी नहीं होगी।
हालांकि, छात्रों की मुख्य मांग फीस को किस्तों में जमा करने की नहीं है। विद्यार्थी फीस की कुल राशि कम करने की मांग कर रहे हैं। यही कारण है कि दो किस्तों में फीस जमा करने के फैसले के बावजूद उनका विरोध खत्म नहीं हुआ।
छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के दावों में क्या अंतर है?
मंदसौर लॉ कॉलेज फीस विवाद में दोनों पक्षों की अपनी-अपनी दलील है। छात्र इसे फीस बढ़ोतरी मान रहे हैं, क्योंकि उनके लिए फीस 13 हजार रुपए से बढ़कर 25 हजार रुपए हो गई है।
दूसरी तरफ कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि 25 हजार रुपए नई फीस नहीं है। कॉलेज के अनुसार यह वही राशि है जो वर्ष 2019-20 में निर्धारित की गई थी और बाद में FRC के फैसले के कारण फीस कम हुई थी।
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