Mohan Yadav in Dubai: MP के किसानों को मिलेगा ग्लोबल बाजार? लूलू ग्रुप के साथ CM मोहन यादव की बड़ी बैठक
दुबई में CM मोहन यादव और लूलू ग्रुप चेयरमैन युसूफ अली की बैठक हुई। MP में रिटेल, कृषि खरीद, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग पर चर्चा हुई।
'हमने उसे खुश देखा था, अब उसकी लाश देख रहे हैं', सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों में छाया मातम
Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार एक इमारत गिर गई. इस इमारत में पीजी की संचालन हो रहा था. इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो गई. हादसे में मारे गए छात्रों को परिवारों को मातम छा गया है. इस हादसे में जान गंवाने वाले एक छात्र के पिता ने कहा, "अर्पित के बड़े सपने थे और वह उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था. वह किसी बड़े शहर में पढ़ना चाहता था, इसलिए हमने उसे दिल्ली भेजा. वह अपनी मां का लाडला था."
दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास हुई इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है. इसने राजधानी के कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर, सही नियमों की कमी और मौजूदा नियमों को लागू करने में बरती जा रही लापरवाही की पोल खोल दी.
हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों में छाया मातम
इमारत गिरने से कुछ ही घंटे पहले अर्पित मध्य प्रदेश के देवास में अपने घर से दिल्ली लौटा था. उसके पिता भूपेंद्र जहाज कैब ड्राइवर हैं. भूपेंद्र कहते हैं, "हमने अभी-अभी साथ में रक्षाबंधन की छुट्टी मनाई थी, उसे खुश और चंचल देखा था, और अब हम उसे एक लाश के रूप में देख रहे हैं." 18 साल अर्पित चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और आत्माराम सनातन धर्म (ARSD) कॉलेज में दूसरे साल का छात्र था.
एम्स ट्रॉमा सेंटर की मॉर्चरी के बाहर अपने बेटे का शव लेने का इंतजार करते हुए उसके पिता ने बताया, "रविवार रात हमें अर्पित के दोस्त का फोन आया कि बिल्डिंग गिर गई है. जब तक हम यहां पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था और वह जा चुका था."
उन्होंने कहा कि उसके दोस्तों ने पूरी रात इमारत के मलबे में उसे ढूंढा और बाद में उन्हें पता चला कि उसकी मौत हो गई है. अस्पताल ने बताया कि उन्हें उस पहचान वाला एक शव मिला था. उसके दोस्त युवराज ने बताया, "लेकिन जब हम उसकी पहचान करने गए, तो हम पहचान नहीं पाए क्योंकि शव बुरी हालत में था. सोमवार सुबह करीब 6.30 बजे परिवार अस्पताल पहुंचा और उसकी मां ने शरीर पर मौजूद जन्म के निशानों से उसकी पहचान की."
परिवार का कहना है कि अर्पित लगभग डेढ़ साल से PG में रह रहा था. उसके पिता ने कहा, "हर कोई हमें बता रहा है कि PG की हालत कितनी खराब थी. काश मेरे बेटे ने मुझे पहले ही बता दिया होता."
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