सिख लड़कियों को फंसा रहा PAK ग्रूमिंग गैंग:युवक का दावा-ब्रिटेन में गिफ्ट, कैश और दोस्ती से भरोसा जीतते, परिवार से दूर करते, फिर धर्म बदलवाते
ब्रिटेन में सिख लड़कियों को कथित तौर पर फंसाकर उनका ब्रेनवॉश, फिर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसका दावा एक सिख युवक ने किया है। यूके के एक चैनल के पॉडकास्ट में युवक ने पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग पर गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। युवक के मुताबिक, इसके लिए एक तय तरीके से लड़कियों को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की जाती है। शुरुआत में सिख युवकों को लड़कियों के सामने मजाक, तानों से अपमानित किया जाता है, ताकि मुस्लिम युवकों की अधिक प्रभावशाली छवि बनाई जा सके। इसके बाद महंगे उपहार, कैश और बाहर घुमाने के जरिए भरोसा बढ़ाने हैं, उनके धर्म को लेकर सवाल खड़े करने और परिवार-दोस्तों से दूर करने का दावा किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हालांकि, दैनिक भास्कर युवक के इन दावों की पुष्टि नहीं करता है। कैसे जाल बिछाता है ग्रूमिंग गैंग, जानिए… सिख युवकों को अपमानित करना: पॉडकास्ट में युवक के दावे के अनुसार, पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग से पहले सिख युवकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करता है। युवक ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल जैसी जगहों पर मजाक, ताने, नस्लीय या जातीय टिप्पणियों और कथित शारीरिक दुर्व्यवहार के जरिए सिख युवकों की सामाजिक स्थिति कमजोर करने की कोशिश की जाती है। उसके मुताबिक, इसका उद्देश्य सिख महिलाओं के सामने मुस्लिम युवकों की अधिक ‘दबंग’ या प्रभावशाली छवि बनाना होता है। दोस्ती और प्रभाव बनाने का दावा: युवक के अनुसार, इसके बाद सिख लड़कियों के साथ दोस्ती बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। इसमें कथित तौर पर कुछ मुस्लिम सहेलियों की भूमिका होती है, जो सिख लड़की को उस मुस्लिम युवक के बारे में सकारात्मक बातें बताती हैं और उसके प्रति भरोसा पैदा करने में मदद करती हैं। युवक ने दावा किया गया कि इस कथित प्रक्रिया में महंगे उपहार,कैश, रेस्तरां, क्लब और बार जैसी जगहों पर ले जाने के जरिए लड़की का भरोसा और भावनात्मक झुकाव हासिल करने की कोशिश की जाती है। यह महज दोस्ती नहीं बल्कि धीरे-धीरे प्रभाव और निर्भरता बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। धर्म को लेकर सवाल खड़े करना: युवक के दावा किया कि तीसरे चरण में धर्म से जुड़े सवाल किए जाते हैं। लड़की के अपने धर्म यानी सिख धर्म को लेकर सवाल और संदेह पैदा किए जाते हैं और साथ ही मुस्लिम धर्म को बेहतर या अधिक महान बताने की कोशिश की जाती है। युवक ने कहा कि एक तरफ लड़की को उसके अपने धर्म के प्रति विश्वास को कमजोर किया जाता है और दूसरी तरफ मुस्लिम धर्म की श्रेष्ठता की धारणा पैदा की जाती है। परिवार और दोस्तों से अलगाव: युवक ने कहा कि जब लड़की का विश्वास हासिल कर लिया जाता है और उसका धार्मिक विश्वास कमजोर हो जाता है, तो कथित तौर पर उसे परिवार और पुराने दोस्तों से दूर करने की कोशिश की जाती है। युवक ने दावा किया कि गैंग के लोग लड़की की परिवार से बातचीत कम करवाना, दोस्तों से संपर्क तोड़ना, मानसिक रूप से अलग-थलग करना या घर छोड़ने के लिए मजबूर करना जैसी स्थितियों पैदा करते हैं। जिससे लड़की अपने सामाज से दूर हो जाती है और फिर अंत में उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता है। 6 महीने पहले युवती ने भी किया था खुलासा इससे पहले भी एक युवती ने ब्रिटेन में सिख लड़कियों को लेकर ऐसे ही दावे किए थे। करीब 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया था। युवती ने दावा किया था कि ब्रिटेन में ‘कौर-टू-खान’ मूवमेंट चल रहा है, जिसके तहत सिख लड़कियों को फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उसने इसके पीछे यूके में सक्रिय पाकिस्तानी मूल के कथित ग्रूमिंग गैंग को जिम्मेदार बताया था। युवती ने दावा किया था कि सिख लड़की को ‘कौर’ से ‘खान’ बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जाते हैं। उसके मुताबिक, ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं। इसके बाद उन्हें महंगी गाड़ियों और रेस्टोरेंट्स में घुमाया जाता है और जब लड़की उनके प्रभाव में आ जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन कराया जाता है। युवती का यह भी दावा था कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों के धर्म परिवर्तन के लिए रकम अलग है। उसके मुताबिक, सिख लड़की को मुस्लिम बनाने पर 10,000 पाउंड यानी करीब 11 लाख रुपए, जबकि हिंदू या ईसाई लड़की का धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड यानी करीब साढ़े 5 लाख रुपए दिए जाते हैं। इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ************* ये खबर भी पढ़ें: सिख से मुस्लिम बनी पंजाबी युवती पहले से शादीशुदा निकली: पति ने इंग्लैंड में 7 दिन झाड़ियों में छिपकर रखी नजर, युवक संग घूमते पकड़ा अमृतसर की रहने वाली कोमलप्रीत कौर के धर्म परिवर्तन के मामले में नया खुलासा हुआ है। वह पहले से शादीशुदा थी। अब ससुराल वालों ने अपनी बहू पर बेटे को धोखा देने के आरोप लगाए हैं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने करीब 2 साल पहले कोमलप्रीत को पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेजने में करीब 35 लाख रुपए खर्च किए थे। (पढ़ें पूरी खबर)
फिजिकल हेल्थ- गौरव कपूर के पेट में कीड़े:ये 10 संकेत दिखें तो पेट में कीड़े हो सकते हैं, डॉक्टर से जानें इलाज और 13 सावधानियां
पिछले दिनों कॉमेडियन गौरव कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। इसमें उनकी पत्नी ने बताया कि पेट दर्द और एसिडिटी की शिकायत के बाद जांच में गौरव के पेट में कीड़े मिले। दरअसल, आंतों में पैरासाइटिक कीड़ों का संक्रमण एक कॉमन प्रॉब्लम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 1.5 अरब लोग मिट्टी से फैलने वाले पैरासाइटिक कीड़ों से संक्रमित हैं। वहीं, दक्षिण भारत में हुए ‘डीवॉर्म 3’ ट्रायल में 20% लोगों के पेट में कीड़े निकले। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में पेट में कीड़े की समस्या पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. सुकृत सिंह सेठी, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेप्टोलॉजी एंड लिवर ट्रांसप्लांटेशन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- पेट में कीड़े होने का क्या मतलब है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पेट में कीड़े क्यों होते हैं? जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह दूषित भोजन, गंदा पानी और हाइजीन की कमी है। पैरासाइट के अंडे या लार्वा भोजन, पानी, मिट्टी या दूषित हाथों के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं। इसके बाद वे आंतों में पनपने लगते हैं और इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। सवाल- पेट में कितनी तरह के कीड़े हो सकते हैं? जवाब- पेट में कई तरह के कीड़े हो सकते हैं। ये सभी पैरासाइट होते हैं, लेकिन इनके शरीर में प्रवेश करने का तरीका और शरीर पर असर अलग-अलग होता है। पेट में होेने वाले कीड़ों की लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या इन कीड़ों के लक्षण भी अलग होते हैं? जवाब- हां, अलग-अलग कीड़ों के लक्षण अलग हो सकते हैं, क्योंकि हर पैरासाइट शरीर को अलग तरीके से प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए- सवाल- क्या ऐसा हो सकता है कि पेट में कीड़े हों और बाहर से कोई लक्षण न दिखे? जवाब- ऐसा तब हो सकता है, जब शरीर में कीड़ों की संख्या कम हो। संक्रमण की शुरुआत में भी कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- लाइफस्टाइल से जुड़ी कौन-सी आदतें पेट में कीड़ों का रिस्क बढ़ाती हैं? जवाब- हाइजीन की अनदेखी जैसी रोजमर्रा की कई आदतें पेट में कीड़ों का रिस्क बढ़ाती हैं। ग्राफिक में सभी आदतें देखिए- सवाल- क्या हाइजीन का पूरा ख्याल रखने और RO का पानी पीने वाले लोगों के पेट में भी कीड़े हो सकते हैं? जवाब- हां, हो सकते हैं, क्योंकि पैरासाइट हमारे शरीर में भोजन, मिट्टी, जानवर या किसी भी दूसरे सोर्स से पहुंच सकते हैं। लेकिन हाइजीन का ख्याल रखने पर रिस्क कम हो जाता है। सवाल- किन लोगों को पेट में कीड़े होने का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- पेट में कीड़े किसी भी व्यक्ति को हो सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- पेट में कीड़े होने के संकेत क्या हैं? जवाब- हर व्यक्ति में इसके संकेत अलग हो सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि पेट में किस तरह का पैरासाइट है, उसकी संख्या कितनी है और इन्फेक्शन कितना गंभीर है। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- एक बार शरीर में पहुंचने के बाद कीड़े कितने समय तक जिंदा रह सकते हैं? जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर में किस तरह का पैरासाइट मौजूद है। सभी कीड़ों का लाइफ स्पैन एक जैसा नहीं होता। उदाहरण के लिए- सवाल- क्या ये कीड़े पेट से शरीर के अन्य हिस्सों और ब्रेन तक भी पहुंच सकते हैं? जवाब- हां, कुछ पैरासाइट ब्लड के जरिए लिवर, लंग्स, मसल्स, आंखों और ब्रेन तक पहुंच सकते हैं। इनके ब्रेन में पहुंचने से ये समस्याएं हो सकती हैं- हालांकि ये बहुत रेयर होता है। ज्यादातर लोगों में इन्फेक्शन आंतों तक ही सीमित रहता है। सवाल- अगर प्रेग्नेंसी के समय पेट में कीड़े हों तो क्या उसका असर बच्चे पर भी पड़ सकता है? जवाब- हां, प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे दोनों को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। ऐसे में गंभीर संक्रमण होने पर मां में कमजोरी बढ़ सकती है और बच्चे के विकास पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए अगर प्रेग्नेंसी के दौरान पेट में कीड़ों का शक हो या संक्रमण की पुष्टि हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। सवाल- डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं कि पेट में कीड़े हैं? जवाब- डॉक्टर आमतौर पर कुछ टेस्ट की मदद से इसकी पुष्टि करते हैं, जैसेकि- सवाल- पेट के कीड़ों का इलाज क्या है? जवाब- इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि इन्फेक्शन किस तरह के पैरासाइट की वजह से हुआ है। ज्यादातर मामलों में डॉक्टर एंटीपैरासिटिक दवाएं देते हैं, जो कीड़ों को मारने या शरीर से बाहर निकालने का काम करती हैं। सवाल- क्या इंसानों को भी डीवार्मिंग की जरूरत होती है? जवाब- हां, कुछ परिस्थितियों में इंसानों को भी डीवॉर्मिंग की जरूरत पड़ सकती है। वैसे साल में एक बार डॉक्टर की सलाह से T Zentel जैसी डिवार्मिंग दवा ले लेनी चाहिए। लेकिन याद रखें, फैमिली डॉक्टर से पूछे बिना न खाएं। सवाल- अगर पेट में कीड़े हों तो क्या डॉक्टर कुछ खास डाइट रेकमंड करते हैं? जवाब- हां, पेट में कीड़े होने पर डॉक्टर आमतौर पर पौष्टिक और सुपाच्य डाइट लेने की सलाह देते हैं। इसका मकसद शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना और रिकवरी में मदद करना होता है। क्या खाएं? क्या न खाएं? सवाल- पेट के कीड़ों से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इससे काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- पेट के कीड़ों से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या ज्यादा मिठाई खाने से पेट में कीड़े हो जाते हैं? जवाब- नहीं, पेट के कीड़े दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलते हैं। सवाल- क्या हर पेट दर्द की वजह पेट के कीड़े होते हैं? जवाब- नहीं, पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसेकि गैस, अपच, इन्फेक्शन या पाचन संबंधी दूसरी समस्याएं। सवाल- क्या घरेलू नुस्खों से पूरी तरह इलाज संभव है? जवाब- नहीं, कीड़ों को खत्म करने के लिए आमतौर पर दवा की जरूरत होती है। सवाल- क्या डी-वॉर्मिंग सिर्फ बच्चों के लिए जरूरी है? जवाब- नहीं, जरूरत पड़ने पर वयस्कों को भी डॉक्टर की सलाह से डी-वॉर्मिंग करानी पड़ सकती है। …………………… ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………….. ये खबर भी पढ़ें…. फिजिकल हेल्थ- पैरों में दर्द, जलन इग्नोर न करें:हो सकता है एरिथ्रोमेलैल्जिया, डॉक्टर से जानें इस दुर्लभ बीमारी के बारे में सबकुछ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक 16 साल का लड़का इकबाल शेख घंटों तालाब के पानी में खड़ा रहता है। वजह है, उसके शरीर में होने वाली तेज जलन और गर्माहट। पानी से बाहर आते ही जलन बढ़ जाती है। ठंडे पानी में रहने से राहत मिलती है। डॉक्टरों का कहना है कि उसे एरिथ्रोमेलैल्जिया है। पूरी खबर पढ़ें…
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