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Turmeric Ginger Benefits: एक चुटकी हल्दी और अदरक का टुकड़ा, सेहत को देंगे ये 6 जबरदस्त फायदे
Turmeric Ginger Benefits: हल्दी और अदरक भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले दो ऐसे मसाले हैं, जिन्हें स्वाद के साथ-साथ पारंपरिक तौर पर सेहत के लिए भी उपयोगी माना जाता है। दोनों में प्राकृतिक बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं। हल्दी में मुख्य रूप से करक्यूमिन और अदरक में जिंजरोल जैसे यौगिक होते हैं। यही वजह है कि कई लोग इन्हें दूध, चाय, काढ़े या भोजन में साथ शामिल करते हैं। हालांकि, इनके सेवन को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
हल्दी-अदरक का कॉम्बिनेशन रोजमर्रा की डाइट में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। दोनों मसालों में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर प्रभाव डालने वाले गुणों का अध्ययन किया गया है। ऐसे में इन्हें संतुलित खानपान का हिस्सा बनाना शरीर के लिए कुछ फायदे दे सकता है।
हल्दी और अदरक को साथ लेने के 6 संभावित लाभ
सूजन कम करने में मददगार
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और अदरक के जिंजरोल जैसे यौगिक शरीर में सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में इन दोनों मसालों के एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रभावों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसलिए भोजन में सीमित मात्रा में हल्दी और अदरक का इस्तेमाल शरीर की सामान्य सूजन संबंधी प्रक्रियाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट मिल सकता है
शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हल्दी और अदरक दोनों में ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि से जुड़े हैं। इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को इन यौगिकों का स्रोत मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए केवल इन मसालों पर निर्भर रहने के बजाय फल, सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी जरूरी हैं।
पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है
अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन संबंधी असहजता और मतली जैसी समस्याओं में पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। शोध में भी अदरक के कुछ संभावित डायजेस्टिव बेनेफिट्स सामने आए हैं। हल्दी के साथ इसका सेवन भोजन का हिस्सा बनाकर किया जा सकता है। हालांकि, लगातार पेट दर्द, उल्टी या गंभीर पाचन समस्या होने पर घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
मतली में राहत देने में मदद
अदरक को खास तौर पर मतली के लिए सबसे ज्यादा अध्ययन किए गए मसालों में माना जाता है। कुछ परिस्थितियों में अदरक मतली की तीव्रता कम करने में मदद कर सकता है। हल्दी इसमें अतिरिक्त स्वाद और कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड्स जोड़ती है। फिर भी गर्भावस्था, किसी बीमारी या दवा के कारण होने वाली लगातार मतली में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
ज्वाइंट हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और अदरक के सक्रिय यौगिकों पर जोड़ों की असहजता और सूजन के संदर्भ में शोध हुआ है। कुछ लोगों में इनके सेवन से हल्की राहत मिल सकती है। लेकिन इन्हें दर्द की दवा या चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं समझना चाहिए। लंबे समय से जोड़ों में दर्द या सूजन रहने पर उचित जांच जरूरी है।
इम्यून सिस्टम को सपोर्ट
अदरक और हल्दी में मौजूद विभिन्न पौध-आधारित यौगिकों में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन से संबंधित गतिविधियों का अध्ययन किया गया है। इस कारण इन्हें संतुलित डाइट में शामिल करना सामान्य स्वास्थ्य और शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करने वाली आदत का हिस्सा हो सकता है। लेकिन केवल हल्दी-अदरक खाने से रोगों से बचाव की गारंटी नहीं मिलती।
कैसे करें सेवन?
हल्दी और अदरक को सब्जी, दाल, सूप या गर्म पेय में थोड़ी मात्रा में शामिल किया जा सकता है। हल्दी-अदरक वाला गर्म पेय बनाने के लिए पानी या दूध में थोड़ी हल्दी और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर उबाल सकते हैं। जरूरत से ज्यादा सेवन करने से फायदा बढ़ेगा, ऐसा जरूरी नहीं है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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