NLSIU ने रद्द किया 34वां दीक्षांत समारोह: 12 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम पर विवाद के बीच फैसला
NLSIU 34th annual convocation cancelled: नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले अपने 34वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को "अनिवार्य कारणों" (Unavoidable Circumstances) का हवाला देते हुए रद्द कर दिया है। इस संबंध में 27 अगस्त को graduating स्टूडेंट्स के लिए एक नोटिस जारी किया गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, अब समारोह आयोजित करने के बजाय गवर्निंग बॉडीज की मंजूरी मिलने के बाद स्टूडेंट्स को 'इन एब्सेंशिया' (in absentia) यानी समारोह के बिना डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
छात्रों को घर पर मिलेंगी डिग्रियां या कैंपस से ले सकेंगे
विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, इस साल दीक्षांत समारोह तय योजना के तहत नहीं हो पाएगा। स्टूडेंट्स के पास यह विकल्प होगा कि वे अपनी डिग्रियां या तो कूरियर के जरिए अपने पते पर मंगवा सकते हैं या फिर सीधे NLSIU कैंपस से आकर खुद कलेक्ट कर सकते हैं। इसके लिए यूनिवर्सिटी जल्द ही छात्रों के साथ एक नया फॉर्म साझा करेगी, जिसमें उन्हें अपना पसंदीदा विकल्प दर्ज करना होगा।
हालांकि, यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक नोटिस में इस दीक्षांत समारोह को रद्द करने के पीछे की असली वजहों का खुलकर जिक्र नहीं किया है और केवल अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला दिया है।
National Law School of India University (NLSIU) Bengaluru Cancels 34th Annual Convocation, 'Degrees to be Conferred In Absentia'
— Live Law (@LiveLawIndia) August 27, 2026
The University cites 'unavoidable circumstances ' as reason for cancellation.@NLSIUofficial @SBAnlsiu pic.twitter.com/2xqGZk2alD
CJI और BCI चेयरमैन की मौजूदगी को लेकर उठा था विवाद
यह पूरा घटनाक्रम मुख्य रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के दीक्षांत समारोह में प्रस्तावित आमंत्रण को लेकर मचे विवाद के बाद सामने आया है। इस विवाद की पृष्ठभूमि हैदराबाद की नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (NALSAR) से जुड़ी है, जहां छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत के शामिल होने का विरोध किया था। इसके बाद BCI ने कुछ समय के लिए नालसार के 2026 के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के रूप में नामांकित न करने का निर्देश जारी कर दिया था, हालांकि तीखी आलोचना के बाद इस आदेश को कुछ ही घंटों के भीतर वापस ले लिया गया था।
स्टूडेंट्स और एलुमनी ने किया था विरोध
नालसार की इस घटना के बाद NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच भी चर्चाएं तेज हो गईं। छात्रों ने BCI द्वारा नालसार के स्नातकों के खिलाफ उठाए गए कदम पर सवाल उठाए और NLSIU के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत तथा BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा दोनों की संभावित उपस्थिति का विरोध किया। इस विरोध के समर्थन में एक खुला पत्र भी सामने आया था, जिस पर 165 ग्रेजुएटिंग स्टूडेंट्स, 409 मौजूदा छात्रों और 128 एलुमनी (पूर्व छात्रों) के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। इन सभी ने BCI के उस एक्शन पर जवाबदेही की मांग की थी।
2025 में मुख्य अतिथि रहे थे दोनों दिग्गज
खास बात यह है कि CJI सूर्यकांत और मनन कुमार मिश्रा दोनों ही साल 2025 के NLSIU दीक्षांत समारोह में प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे। पिछले साल CJI सूर्यकांत ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए छात्रों को डिग्रियां बांटी थीं, जबकि मनन कुमार मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया था। हालांकि, इस बार के घटनाक्रम और विरोध-प्रदर्शनों के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किसी भी विवाद का सीधा जिक्र न करते हुए केवल प्रशासनिक और अपरिहार्य कारणों से दीक्षांत समारोह को रद्द करने का फैसला लिया है।
ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’:दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया
ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” वीडियो में होर्मुज स्ट्रेट का 3D नक्शा दिखता है। इस पर ‘माइन्सवीपर’ गेम खेला जा रहा है। इस गेम में खिलाड़ी को छिपी हुई समुद्री माइन्स (बारुदी सुरंगो) से बचना होता है। ईरान ने यह वीडियो ऐसे समय पोस्ट किया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन्स बिछाने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने होर्मुज में रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया अमेरिका ने रविवार को होर्मुज के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना था कि ईरान इनका इस्तेमाल समुद्र में माइन्स डालने के लिए कर सकता है। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्गों से मुद्री माइन्स हटाई थीं। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने दोबारा समुद्री माइन्स बिछाईं तो उन्हें बिछाने वाले जहाज और बोट को नष्ट कर दिया जाएगा। शादी समारोह पर अमेरिकी हमले में 5 की मौत मंगलवार रात ईरान के सिरिक में अमेरिकी हवाई हमले के दौरान एक शादी समारोह पर मिसाइल गिरने से 5 लोग मारे गए। मृतकों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। अमेरिकी सेना ने सिरिक, खुजस्तान, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। इन हमलों में ईरान में कुल 19 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना ने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार किया है। अमेरिका ईरान में शादी समारोह पर हुए हमले की जांच कर रहा अमेरिका ईरान में शादी समारोह पर हुए हवाई हमले की जांच कर रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका यह पता लगाना चाहता है कि हमले में क्या हुआ था। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 5 लोगों की मौत और करीब 70 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में 22 साल की एक महिला भी शामिल है। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। वेंस ने कहा कि अगर अमेरिकी सेना से कोई गलती हुई है तो उसकी जांच कर उससे सीख ली जाएगी, ताकि आगे ऐसी गलती न हो। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प-सरकार ने अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले गेम लॉन्च किए:पीछा करके पकड़ेंगे खिलाड़ी; मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस ने ऑनलाइन वीडियो गेम्स की एक वेबसाइट लॉन्च की है। इसमें खिलाड़ी अवैध प्रवासियों का पीछा कर उन्हें पकड़ सकते हैं, डिपोर्ट कर सकते हैं और अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बना सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें….
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi






