Bihar Flood: Ganga का जलस्तर घटने से राहत, स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद
पटना, सात सितंबर बिहार के उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि गंगा का जलस्तर अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से नीचे आने लगा है और यदि कोई नयी प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न नहीं होती है तो अगले कुछ दिनों में राज्य में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग के सभाकक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने कहा कि फिलहाल राज्य की अधिकांश नदियों में जलस्तर घटने का रुझान है, जिससे लोगों को धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिहार में बाढ़ का स्वरूप पिछले वर्षों से अलग रहा।
सामान्य तौर पर नेपाल से आने वाली बागमती, कमला, कोसी और गंडक नदियों में पहले बाढ़ आती है और इसके बाद गंगा का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार सबसे पहले गंगा में ही बाढ़ की स्थिति बनी। चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन समेत कई संभावित कारणों से गंगा ने कई स्थानों पर अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले का सर्वाधिक स्तर 50.52 मीटर था।
उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की सतर्कता के कारण पटना शहर सुरक्षित रहा। हालांकि, गंगा के दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी फैल गया, जहां राहत और सहायता कार्य लगातार जारी हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार पुनपुन और दरधा नदियों ने भी गंभीर चुनौती पेश की।
पुनपुन नदी में अब तक का सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया, जबकि दरधा नदी भी अपने उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण इन नदियों में जलप्रवाह बढ़ा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पुराने लघु बांध और जमींदारी बांधों के ऊपर से पानी बहा, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिसाव और छोटे कटाव को तत्काल नियंत्रित कर लिया।
चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी वैज्ञानिक तरीके से निर्मित विभागीय तटबंध सुरक्षित हैं और किसी भी प्रमुख आधुनिक तटबंध में बड़ा कटाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा की धारा बदलने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन अधिकारियों की दिन-रात निगरानी और लगातार प्रयासों से तटबंध को सुरक्षित रखा गया। इससे नवगछिया क्षेत्र के रिहायशी इलाकों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर के उच्चतम स्तर से घटकर करीब 50.40 मीटर पर आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और वाराणसी की ओर भी गंगा के जलस्तर में गिरावट का रुझान है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी और घटने पर पुनपुन तथा दरधा जैसी नदियों की जल निकासी बेहतर होगी और उनके जलस्तर में भी तेजी से कमी आने की उम्मीद है।
चौधरी ने कहा कि इस बार कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर नियंत्रित रहने से स्थिति संभालने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि यदि इन नदियों में भी सामान्य वर्षों की तरह भारी उफान आता तो हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते थे।
Tripura Joint Operation: बिहार के 2 युवक गिरफ्तार, भारी मात्रा में Factory-made Pistols और Ammunition बरामद
एक जॉइंट ऑपरेशन में, NCC पुलिस और असम राइफल्स ने पश्चिम त्रिपुरा के सालबागन इलाके से बिहार के दो लोगों को हिरासत में लिया और उनके पास से फैक्ट्री में बनी 9mm की पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया। यह ऑपरेशन 6 सितंबर को NCC पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलाया गया था। तलाशी के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्धों के पास से फैक्ट्री में बनी 9mm की दो पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और कई ज़िंदा कारतूस बरामद किए। NCC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है और ज़ब्त किए गए हथियार आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
इसे भी पढ़ें: Assam में प्रणब डोले पर NSA लगाने के खिलाफ Gaurav Gogoi ने खोला मोर्चा
ANI से बात करते हुए SDPO सुब्रत बर्मन ने कहा, "6 सितंबर 2026 को, वेस्ट त्रिपुरा के NCC पुलिस स्टेशन के तहत सलबागन इलाके में NCC पुलिस स्टेशन और असम राइफल्स ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। दो लोगों को पकड़ने के बाद तलाशी ली गई, जिसमें उनके पास से फैक्ट्री में बनी दो 9 mm पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और ज़िंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के बाद, पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद ज़ब्त कर लिए और NCC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की।" अधिकारी ने आगे बताया कि आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है, जहाँ पुलिस उनसे विस्तार से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी की मांग करेगी।
इसे भी पढ़ें: Assam Police का बड़ा एक्शन, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले 330 आरोपी गिरफ्तार
SDPO ने कहा, "दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी। रिमांड मिलने के बाद आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वे बिहार से आए थे और कथित तौर पर किसी काम के सिलसिले में अगरतला, त्रिपुरा आए थे। हथियार रखने का असली कारण, उन्हें कहाँ से मिला, वे कहाँ रुके थे, कैसे आए और कहाँ जाने वाले थे, इसका पता आगे की जांच और पूछताछ के बाद चलेगा।" उन्होंने आगे कहा, "पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियार किस मकसद से ले जाए जा रहे थे और क्या आरोपियों का हथियारों की गैर-कानूनी खरीद-फरोख्त या आवाजाही में शामिल अन्य लोगों से कोई संबंध है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi




