राहुल रॉय ने शादियों में डांस करने की बताई वजह, ट्रोल करने वालों के लिए कही ये बात
Rahul Roy Struggle: 90 के दशक के सुपरस्टार राहुल रॉय (Rahul Roy) ने 'आशिकी' और 'जुनून' जैसी फिल्मों से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई थी. उनकी इन फिल्मों को आज भी पसंद किया जाता है. हालांकि, बाद में उन्हें काम मिलना बंद हो गया था, जिसके बाद वह फिल्मों से लंबे समय से दूर हो गए. इसी साल अप्रैल में उन्हें मुंबई के वर्सोवा इलाके में एक भारी सूटकेस के साथ पैदल चलते देखा गया था, जिसके बाद लोगों ने उनको ट्रोल करना शुरू कर दिया था. इसके साथ ही उन पर शादियों में डांस करने को लेकर भी तंज कसा गया. अब उन्होंने एक ताजे इंटरव्यू में इन्हीं मुद्दों पर खुलकर बात की है. उन्होंने अपनी फाइनेशियल परेशानियों, करियर, शादियों में डांस और अपने ब्रेन स्ट्रोक के बारे में खुलकर बात की. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या कुछ बताया.
करियर को बनाने की फिर से कोशिश कर रहे
मीडियो को दिए इंटरव्यू में राहुल रॉय ने बताया कि वह और उनके भाई पिछले कई सालों से लगभग 30 लाख रुपये से जुड़े एक कानूनी मामले का सामना कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने तलाक के समय अपनी पत्नी को प्रोपर्टी ट्रांसफर करने के बाद फाइनेशिलयी तौर पर नई शुरुआत करने के बारे में भी बात की. राहुल ने कहा कि अब वह अपनी लाइफ और करियर को बिल्कुल शुरू से फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
स्ट्रोक के बाद करियर रुक गया
राहुल रॉय ने कहा, 'अब मैं 60 साल का हो गया हूं और अपना साम्राज्य खड़ा करने की कोशिश कर रहा हूं.' उन्होंने अपने स्ट्रोक के बाद के सालों को भी याद किया. राहुल ने माना कि स्ट्रोक से ठीक होने के दौरान उनका करियर लगभग रुक गया था. उन्होंने कहा, 'पिछले पांच साल लगभग एक ब्रेक की तरह रहे क्योंकि मैं ठीक हो रहा था. कोई काम नहीं था. अगर ऐसा नहीं हुआ होता, तो मैंने और भी बहुत कुछ कर लिया होता. लेकिन अब, मुझे कुछ काम मिल रहा है और मैं और भी बहुत कुछ करना चाहता हूं. सेट पर वापस आकर और कैमरे का सामना करके मुझे खुशी हुई. मैं उन लोगों का बहुत आभारी हूं जो मुझ पर भरोसा कर रहे हैं.फिल्मों में अपने 37 साल के सफर में, मुझे लगता है कि मैंने कुछ अच्छा काम किया है और अब मैं और काम करने के लिए एक्साइटेड हूं'
शादियों में डांस करने की वजह बताई
इसके आगे एक्टर ने शादियों में डांस करने की वजह भी बताई. राहुल का कहना है कि उनके पास काम करने के बहुत कम ऑप्शन हैं, शादियों में डांस करने से खुद को बनाए रखने की उनकी कोशिश है. उन्होंने कहा, 'मेरे खर्चे हैं और मुझे पैसों की ज़रूरत है. 2020 में ब्रेन स्ट्रोक के बाद काम मिलना मुश्किल था. तब से पांच साल हो गए हैं और मैं चीज़ों को चलाने के लिए जो कुछ भी कर सकता था, कर रहा था. कभी-कभी, मैं शादियों में डांस करके 2 लाख या 4 लाख रुपये कमाता हूं. जो लोग मुझे ट्रोल करते हैं, उन्हें नहीं पता कि यह कड़ी मेहनत है. मुझे अपनी रोज़ी-रोटी भी चलानी है.'
राहुल को बॉलीवुड के इन सेलेब्स ने किया था सपोर्ट
राहुल ने इस इंटरव्यू के दौरान बॉलीवुड के उन सेलेब्स का भी शुक्रिया किया जिन्होंने उनकी मुश्किल समय में मदद की. उन्होंने सलमान खान, करिश्मा कपूर, रवीना टंडन, फराह खान, अर्चना पूरन सिंह और पूजा भट्ट का नाम लिया, जिन्होंने उन्हें सपोर्ट किया. बता दें कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद सलमान ने उनके इलाज के खर्च में भी मदद की थी.
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गुजरात : खेड़ा जिले में देश के दूसरे एटी मार्ट का उद्घाटन, दिव्यांगों के लिए सुपरमार्केट की तरह करेगा काम
गांधीनगर, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सोमवार को गुजरात के नडियाद में आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलिम्को) के गुजरात के पहले असिस्टिव टेक्नोलॉजी मार्ट (एट मार्ट) का उद्घाटन किया गया। इससे दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को एक ही जगह पर कई तरह के सहायक उपकरण मिल सकेंगे।
खेड़ा जिले में बना यह सेंटर देश का दूसरा एलिम्को एटी मार्ट है। पहला मार्ट कानपुर में खोला गया था।
एलिम्को, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अधीन केंद्र सरकार का एक उपक्रम है।
यह कॉर्पोरेशन देशभर में उचित कीमत पर कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का काम करता है।
नडियाद मार्ट में चलने-फिरने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के कई तरह के उपकरण जैसे व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक, इलेक्ट्रिक स्कूटर, साइकिल, स्मार्ट ग्लास, कृत्रिम अंग, बैसाखी और नेत्रहीनों के लिए छड़ी मिलेगी।
यहां एआई इनेबल्ड स्टिक भी मिलेगी जो 12 भाषाओं में काम करती है। साथ ही सुनने और बोलने से जुड़ी मदद के लिए उपकरण भी उपलब्ध होंगे। बुजुर्गों को सुरक्षित और आजादी से घूमने-फिरने में मदद करने वाली सहायक तकनीकें भी यहां मिलेंगी।
जिला कलेक्टर एन.वी. उपाध्याय ने कहा कि यह उद्घाटन खेड़ा जिले के लिए गर्व की बात है और उन्होंने इस सेंटर को सहायक तकनीकों को ज्यादा सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
उन्होंने कहा, गुजरात का पहला और भारत का दूसरा एटी मार्ट दिव्यांगजनों और बुज़ुर्गों को उनकी जरूरतों के हिसाब से एक ही जगह पर उपकरण पाने की सुविधा देगा।
एलिम्को के चेयरमैन प्रवीण कुमार ने नडियाद सेंटर की स्थापना को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने राष्ट्रीय वयोश्री योजना और दिव्यांग साधन सहायता योजना के बारे में जानकारी दी और कहा, एलिम्को यूजर्स की उम्मीदों और जरूरतों के आधार पर उपकरण बनाएगा।
उन्होंने भरोसा जताया कि यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बन सकती है और सहयोग के लिए खेड़ा जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। एडिशनल कलेक्टर विमल बारोट ने इस पहल के लिए नडियाद को चुनने पर एलिम्को का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में दिव्यांगजनों के लिए एटी मार्ट सुपरमार्केट की तरह काम कर सकते हैं, जहां कई तरह के सहायक उत्पाद एक ही छत के नीचे मिल सकेंगे।
उन्होंने एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगता के प्रति ज्यादा संवेदनशील और समावेशी नजरिया अपनाने की दिशा में काम कर रही है।
उद्घाटन के दौरान मां गायत्री ऑर्थो केयर और एलिम्को के बीच एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
गायत्री ऑर्थो केयर के चेयरमैन चंद्र गोपालजी ने कहा, सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं से ज्यादा से ज्यादा दिव्यांगजनों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एलिम्को के जनरल मैनेजर अजय चौधरी ने कॉर्पोरेशन की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में एडिशनल कलेक्टर विमल बारोट, एलिम्को के हेड प्रवीण कुमार, वेस्टर्न जोन के हेड रमेश चंद, नॉर्थ जोन के हेड शशिर् त्रिपाठी, जनरल मैनेजर अजय चौधरी और चंद्र गोपालजी शामिल हुए।
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब एलिम्को अपने एटी मार्ट के नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। ये मार्ट सहायक उत्पादों को प्रदर्शित करने, बेचने और उनके लिए बेसिक सर्विस सपोर्ट देने के लिए खास आउटलेट के तौर पर काम करेंगे।
इसके 2026 के फ्रेमवर्क में इन मार्ट्स को सहायक तकनीक तक पहुंच बेहतर बनाने और लास्ट-माइल डिलीवरी (अंतिम छोर तक डिलीवरी) को मजबूत करने के जरिया के तौर पर देखा गया है।
--आईएएनएस
एससीएच/वीसी
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