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सऊदी अरब की अल्फानार भारत के विंड टरबाइन निर्माता सेनवियन में 10 करोड़ डॉलर का करेगी निवेश, वैश्विक विस्तार को मिलेगी गति

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सऊदी अरब की प्रमुख ऊर्जा और अवसंरचना कंपनी अल्फानार ग्रुप भारत स्थित अपनी पवन टरबाइन विनिर्माण कंपनी सेनवियन में 10 करोड़ डॉलर (लगभग 830 करोड़ रुपए) का निवेश करने जा रही है। इस निवेश का उद्देश्य कंपनी के उत्पाद विकास को मजबूत करना, नई तकनीकों पर काम तेज करना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार को गति देना है।

अरेबियन गल्फ बिजनेस इनसाइट के अनुसार, निवेश की पहली किस्त के रूप में 34 मिलियन डॉलर इस महीने जारी की जा चुकी है, जबकि शेष राशि अगले कुछ सप्ताह में स्थानांतरित किए जाने की उम्मीद है। यह पूंजी सेनवियन की दीर्घकालिक उत्पाद रणनीति, नई पवन ऊर्जा तकनीकों के विकास और वैश्विक परियोजना पाइपलाइन को मजबूत करने में इस्तेमाल की जाएगी।

अल्फानार ने वर्ष 2021 में जर्मनी की सेनवियन जीएमबीएच से सेनवियन का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से सऊदी समूह ने भारतीय कंपनी को अपनी नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।

सेनवियन के चेयरमैन और अल्फानार प्रोजेक्ट्स के अध्यक्ष जमाल वादी ने कहा कि भारत अल्फानार समूह की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति के केंद्र में है और सेनवियन पवन ऊर्जा क्षेत्र के लिए कंपनी की दीर्घकालिक दृष्टि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

वर्तमान में सेनवियन की वार्षिक विनिर्माण क्षमता 1.5 गीगावाट है, जबकि इसकी परिचालन क्षमता 1.6 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। ताजा निवेश से कंपनी की नई टरबाइन प्रौद्योगिकियों के विकास की क्षमता बढ़ेगी और भारतीय तथा वैश्विक दोनों बाजारों में नए अवसरों का लाभ उठाने में सहायता मिलेगी।

यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत का पवन ऊर्जा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 2014 के लगभग 21 गीगावाट से बढ़कर अब 58 गीगावाट से अधिक हो चुकी है।

भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिससे पवन टरबाइन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।

दूसरी ओर, सऊदी अरब भी अपनी विजन 2030 रणनीति के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहा है। वर्ष 2020 के बाद से देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग हर साल दोगुनी हो रही है और पिछले वर्ष यह 12.3 गीगावाट तक पहुंच गई। हालांकि यह अभी भी सऊदी अरब के 2030 तक 130 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के दसवें हिस्से से भी कम है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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12 साल बाद Kevin Pietersen की England Team में वापसी, World Cup मिशन के लिए मिली बड़ी Responsibility

इंग्लैंड क्रिकेट में एक ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने उम्मीद की होगी। टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन करीब 12 साल बाद इंग्लैंड की टीम के साथ आधिकारिक भूमिका में नजर आएंगे। अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप की तैयारी के लिए उन्हें सीमित ओवरों की टीम का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी ब्रेंडन मैकुलम के सहयोगी दल में इसी महीने से शुरू होगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, पीटरसन श्रीलंका के खिलाफ होने वाली छह मुकाबलों की श्रृंखला से टीम के साथ जुड़ेंगे। इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ तीन टी20 और तीन एकदिवसीय मुकाबले खेलने हैं। इसके बाद वह सर्दियों में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के दौरों पर भी टीम के साथ काम करेंगे। विश्व कप से पहले पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं में भी उनकी भूमिका जारी रहेगी।

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पीटरसन को जिम्मेदारी देने के पीछे दक्षिण अफ्रीका में उनके अनुभव को भी अहम कारण बताया है। पीटरसन का जन्म और पालन-पोषण दक्षिण अफ्रीका में हुआ है और अगला 50 ओवर का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। ऐसे में वहां की परिस्थितियों और क्रिकेट माहौल की उनकी समझ इंग्लैंड के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

पीटरसन इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के साथ सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं। 2023 की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान वह कुछ समय के लिए इंग्लैंड के बल्लेबाजों के साथ भी काम कर चुके हैं। हालांकि, 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद उनका ज्यादातर समय प्रसारण और क्रिकेट विश्लेषण में बीता है।

दिलचस्प बात यह है कि पीटरसन पिछले कुछ समय में इंग्लैंड की टीम व्यवस्था के आलोचक भी रहे हैं। 2025 की शुरुआत में भारत दौरे के दौरान उन्होंने टीम के अभ्यास और ट्रेनिंग के तरीके पर सवाल उठाए थे। मैकुलम ने उस आलोचना को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था। अब वही पीटरसन मैकुलम के सहयोगी दल का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

पीटरसन ने इंग्लैंड के सीमित ओवरों के कप्तान हैरी ब्रुक को लेकर भी पहले निराशा जताई थी। ब्रुक ने 2025 में इंडियन प्रीमियर लीग का अपना एग्रीमेंट छोड़ दिया था, जिसके कारण दोनों को साथ काम करने का मौका नहीं मिल पाया। पीटरसन का मानना था कि भारत में स्पिन गेंदबाजी खेलने में ब्रुक की कमजोरी है और लंबे समय तक साथ रहने पर वह इसमें सुधार कर सकते थे।

गौरतलब है कि पीटरसन और मैकुलम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2007 से 2013 के बीच 24 बार एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे। इसके अलावा दोनों पाकिस्तान सुपर लीग में क्वेटा ग्लैडिएटर्स के लिए दो सीजन तक साथ भी खेले। अब दोनों इंग्लैंड की टीम को विश्व कप जिताने की योजना पर एक साथ काम करेंगे।

पीटरसन ने इस नई जिम्मेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में विश्व कप जीतने की कोशिश कर रही इंग्लैंड टीम की मदद करने का मौका उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड की पोशाक पहनना उनके लिए खास अनुभव होगा और वह खिलाड़ियों की क्षमता को अधिकतम स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी मेहनत करना चाहते हैं।

मैकुलम ने भी पीटरसन की नियुक्ति का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पीटरसन के अनुभव, ज्ञान और खेल में उनकी पहचान का टीम को काफी फायदा मिलेगा। खासकर बल्लेबाजों के लिए उनके साथ काम करने का अवसर महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि वह जानते हैं कि उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए किस तरह की तैयारी चाहिए।

पीटरसन के अलावा इंग्लैंड के सहयोगी दल में उनके पूर्व साथी मार्कस ट्रेस्कोथिक, टिम साउदी, जीतन पटेल और सारा टेलर भी शामिल हैं। हालांकि पीटरसन अक्टूबर में पाकिस्तान में होने वाली एकदिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला का हिस्सा नहीं होंगे। इसके बाद विश्व कप तक उनका टीम के साथ जुड़ाव लगातार बढ़ता जाएगा। इस तरह कभी विवादों के बीच इंग्लैंड से अलग हुए पीटरसन अब उसी टीम को विश्व कप जिताने की कोशिश का हिस्सा हैं।
Tue, 08 Sep 2026 20:37:00 +0530

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