अदाणी पावर ने ईएसजी प्रदर्शन में सुधार कर प्राप्त किए 66 अंक, 'एस्पायरिंग' रेटिंग बरकरार
अहमदाबाद, 7 सितंबर (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी निजी ताप विद्युत उत्पादक कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने सोमवार को कहा कि उसके पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन (ईएसजी) प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया गया है। कंपनी का ईएसजी स्कोर बढ़कर 66 हो गया है, जो पिछले मूल्यांकन में 65 था। इसके साथ ही कंपनी ने भारतीय ताप विद्युत, मिश्रित ईंधन और एकीकृत ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के मुकाबले अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी है।
कंपनी को एनएसई सस्टेनेबिलिटी के नवीनतम आकलन में एक बार फिर एस्पायरिंग श्रेणी में रखा गया है।
एनएसई सस्टेनेबिलिटी, सेबी-पंजीकृत ईएसजी रेटिंग प्रदाता और एनएसई इंडिसीज की सहायक कंपनी है, जो सूचीबद्ध कंपनियों के पर्यावरणीय, सामाजिक और प्रशासनिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है।
अदाणी पावर के अनुसार, यह सुधार स्थिरता आधारित पहलों और परिचालन दक्षता बढ़ाने के प्रयासों का परिणाम है। कंपनी ने बताया कि उसने अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक वाले कम उत्सर्जन संयंत्रों का उपयोग बढ़ाया है। इसके साथ ही निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली, ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम, जल संरक्षण उपाय और अपशिष्ट प्रबंधन पहलों को भी मजबूत किया गया है।
सामाजिक क्षेत्र में कंपनी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर केंद्रित कई कार्यक्रम चलाए हैं। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियां, स्वास्थ्य शिविर और स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका संवर्धन परियोजनाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य उसके परिचालन क्षेत्रों के आसपास के समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
एनएसई सस्टेनेबिलिटी हर वर्ष भारत की 500 सूचीबद्ध कंपनियों का मूल्यांकन करता है और निवेशकों तथा अन्य हितधारकों को कंपनियों की दीर्घकालिक मूल्य सृजन क्षमता और ईएसजी प्रदर्शन का स्वतंत्र आकलन उपलब्ध कराता है।
सुशासन के मोर्चे पर अदाणी पावर ने दावा किया कि उसकी विभिन्न बोर्ड समितियों में स्वतंत्र निदेशकों का प्रतिनिधित्व नियामकीय आवश्यकताओं से अधिक है।
कंपनी ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला में शामिल आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों के लिए भी ईएसजी मानकों को अपनाने की बात कही है, ताकि पूरे कारोबार तंत्र में जिम्मेदार कारोबारी प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके।
कंपनी को हाल के वर्षों में कई अन्य वैश्विक और घरेलू स्थिरता रेटिंग्स भी मिली हैं। अदाणी पावर को एसएंडपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में 100 में से 71 अंक प्राप्त हुए, जबकि एफटीएसई रसेल ने उसे 5 में से 4.3 अंक की रेटिंग दी है।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केयरएज ईएसजी रेटिंग्स ने कंपनी को 100 में से 80 अंक दिए हैं। इस स्कोर के आधार पर कंपनी को एजेंसी की लीडरशिप श्रेणी में रखा गया है, जो उद्योग के औसत स्तर से ऊपर माना जाता है।
अदाणी पावर का कहना है कि ये रेटिंग्स उसके कारोबार और दीर्घकालिक विकास रणनीति में स्थिरता संबंधी सिद्धांतों को शामिल करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
शेयर बाजार में सोमवार को एनएसई पर अदाणी पावर का शेयर 204.40 रुपए पर बंद हुआ।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Uttarakhand Elections 2027: उत्तराखंड के देहरादून की सभी सीटों का सियासी गणित...
देहरादून केवल उत्तराखंड की प्रशासनिक राजधानी और 'द्रोणनगरी' की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला पूरे राज्य के राजनीतिक पटल का सबसे बड़ा शक्ति केंद्र माना जाता है. जहाँ एक ओर पहाड़ी जिले अपनी कठिन भौगोलिक स्थिति और पलायन जैसी बुनियादी चुनौतियों के लिए जाने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर गढ़वाल हिमालय की तलहटी और शिवालिक पहाड़ियों के बीच बसा देहरादून जिला अपने तेजी से बढ़ते शहरीकरण, प्रमुख प्रशासनिक संस्थानों (जैसे राजभवन, विधानसभा, सचिवालय), शीर्ष सैन्य व शैक्षणिक केंद्रों (जैसे IMA, FRI, LBSNAA) और अनूठे सामाजिक समीकरणों के कारण देवभूमि की सियासत का सबसे निर्णायक गढ़ सिद्ध होता है. 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की इस पावर सीट और सर्वाधिक प्रभाव वाले जिले में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं.
देहरादून की राजनीति का मिज़ाज राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से बिल्कुल अलग और आधुनिक है. 10 विधानसभा सीटों वाला यह जिला (देहरादून कैंट, राजपुर रोड, डोईवाला, ऋषिकेश, मसूरी, रायपुर, धर्मपुर, सहसपुर, विकासनगर और चक्रता) भौगोलिक, सामाजिक और जनसांख्यिकीय दृष्टिकोण से बेहद विविधताओं से भरा है. यहाँ चुनावी वैतरणी पार करने के लिए राजधानी का इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, मैदानी व पहाड़ी मूल के मतदाताओं का संतुलन, सरकारी व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की राय, और जौनसार-बावर के जनजातीय व ग्रामीण ताने-बाने का अनूठा मेल बेहद निर्णायक सिद्ध होता है.
‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात देहरादून जिले की...
देहरादून जिला न केवल उत्तराखंड का प्रशासनिक व आर्थिक इंजन है, बल्कि ऋषिकेश जैसी विश्व प्रसिद्ध योग नगरी और मसूरी जैसी 'पहाड़ों की रानी' इसकी वैश्विक पहचान को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करती हैं. आईटी पार्क, प्रतिष्ठित स्कूल-कॉलेज और सैन्य संस्थानों से सुसज्जित इस जिले का हर राजनीतिक रुझान पूरे प्रदेश की भावी सरकार की तस्वीर तय करता है. यहाँ के सियासी मैदान में मुख्य मुद्दे बेलगाम ट्रैफिक व परिवहन प्रणाली, स्मार्ट सिटी के अधूरे काम, शहरी जलभराव, जमीनों के बढ़ते दाम व भू-कानून, और युवाओं के रोजगार के इर्द-गिर्द घूमते हैं.
ऐतिहासिक रूप से देहरादून जिले की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का खासा दबदबा रहा है, हालांकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) भी शहरी व ग्रामीण बेल्टों में कड़ी चुनौती पेश करती रही है. राज्य गठन के बाद से ही शहरी सीटों पर जहाँ भाजपा की पकड़ मजबूत मानी जाती है, वहीं जौनसार-बावर (चक्रता) और पछवादून (विकासनगर व सहसपुर) जैसे क्षेत्रों में मुकाबला बेहद दिलचस्प और सीधा देखने को मिलता है. इसके अलावा, निर्दलीय व क्षेत्रीय विकल्प भी समय-समय पर यहाँ के चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. आखिर देहरादून जिले की 10 विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किस सीट पर किस पार्टी का गढ़ बरकरार रहा है? और 2027 के इस राजनीतिक संग्राम में कौन सा दल बाजी मारेगा? आइये सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं…
देहरादून की कुल आबादी और साक्षरता दर
| श्रेणी | कुल | पुरुष | महिला |
| जनसंख्या | 16,96,694 | 8,92,199 (52.58%) | 8,04,495 (47.42%) |
| साक्षरता दर | 84.25% | 89.40% | 78.54% |
देहरादून जिले की धार्मिक आबादी
| धर्म | जनसंख्या प्रतिशत |
| हिंदू | 83.98% |
| मुसलमान | 11.91% |
| सिख | 2.15% |
| ईसाई | 0.79% |
| बौद्ध | 0.69% |
| जैन | 0.30% |
अब नजर 2022, विधानसभा सीट के परिणाम पर
| विधानसभा सीट | उम्मीदवार का नाम | राजनीतिक पार्टी | मिले कुल वोट |
| 1. देहरादून कैंट |
सविता कपूर
सूर्यकांत धस्माना
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
45,492
24,554
|
| 2. धर्मपुर |
विनोद चमोली
दिनेश अग्रवाल
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
58,538
48,448
|
| 3. रायपुर |
उमेश शर्मा काऊ
हीरा सिंह बिष्ट
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
65,756
35,704
|
| 4. राजपुर रोड |
खजान दास
राजकुमार
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
37,027
25,864
|
| 5. मसूरी |
गणेश जोशी
गोदावरी थापली
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
44,847
19,726
|
| 6. डोइवाला |
बृज भूषण गैरोला
गौरव चौधरी (गिन्नती)
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
64,946
35,925
|
| 7. ऋषिकेश |
प्रेम चंद अग्रवाल
जयेंद्र चंद रमोला
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
52,460
33,403
|
| 8. सहसपुर |
सहदेव सिंह पुंडीर
आर्येंद्र शर्मा
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
64,008
55,653
|
| 9. विकासनगर |
मुन्ना सिंह चौहान
नवप्रभात
|
भाजपा (BJP)
कांग्रेस (INC)
|
40,819
35,626
|
| 10. चकराता |
प्रीतम सिंह
रामशरण नौटियाल
|
कांग्रेस (INC)
भाजपा (BJP)
|
36,853
27,417
|
अब सभी सीटों के बारे में जानें
1.चकराता (ST): इस अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने 36,853 वोट पाकर अपनी साख बचाए रखी. उन्होंने भाजपा के रामशरण नौटियाल को 9,436 वोटों से हराकर पूरे जिले में कांग्रेस को एकमात्र जीत दिलाई.
2. विकासनगर: पछवादून की इस हॉट सीट पर भाजपा के मुन्ना सिंह चौहान और कांग्रेस के नव प्रभात के बीच बेहद कड़ा मुकाबला हुआ. अंततः मुन्ना सिंह चौहान ने 40,819 वोट हासिल कर कांग्रेस प्रत्याशी को 5,193 वोटों से शिकस्त दी.
3. सहसपुर: इस मैदानी क्षेत्र की सीट पर मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा के सहदेव सिंह पुंडीर के विकास कार्यों पर भरोसा जताया. उन्होंने कुल 64,008 वोट हासिल करते हुए कांग्रेस के आर्येंद्र शर्मा को 8,355 वोटों के अंतर से हराया.
4. धर्मपुर: देहरादून शहर की इस महत्वपूर्ण सीट पर भाजपा के विनोद चमोली का राजनीतिक दबदबा पूरी तरह कायम रहा. उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार दिनेश अग्रवाल को 10,090 वोटों से मात दी.
5. रायपुर: इस सीट पर भाजपा के उमेश शर्मा 'काउ' ने 65,756 वोट पाकर पूरे देहरादून जिले में सबसे बड़ी जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता हीरा सिंह बिष्ट को 30,052 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया.
6. राजपुर रोड (SC): अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित इस सीट पर भाजपा के खजान दास अपनी पकड़ मजबूत रखने में कामयाब रहे. उन्होंने कुल 37,027 वोट प्राप्त कर कांग्रेस के उम्मीदवार राजकुमार को 11,163 वोटों से पीछे छोड़ दिया.
7. देहरादून कैंट: पूर्व विधायक दिवंगत हरबंस कपूर के इस पारंपरिक गढ़ में भाजपा ने उनकी पत्नी सविता कपूर को मैदान में उतारा था. उन्होंने सहानुभूति और पार्टी लहर के दम पर कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना को 20,938 वोटों के बड़े अंतर से हराया.
8. मसूरी: पर्यटन नगरी की इस बेहद चर्चित विधानसभा सीट पर भाजपा के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपनी मजबूत साख का प्रदर्शन किया. उन्होंने कुल 44,847 वोट हासिल कर कांग्रेस की महिला प्रत्याशी गोदावरी थापली को 15,325 वोटों से हराया.
9. डोईवाला: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के चुनाव न लड़ने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी ब्रिज भूषण गैरोला ने यहाँ एकतरफा जीत हासिल की. उन्होंने 64,946 वोट पाकर कांग्रेस के गौरव चौधरी 'गिन्नी' को 29,021 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी.
10. ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश की इस सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद अग्रवाल ने सत्ता विरोधी लहर को दरकिनार करते हुए जीत की हैट्रिक लगाई. उन्होंने कुल 52,460 वोट हासिल कर कांग्रेस के युवा चेहरे जयेंद्र चंद रमोला को 19,057 वोटों से पराजित किया.
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