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Lucknow में UP Congress Chief Ajay Rai हिरासत में, Saharanpur Mosque Demolition को बताया भाजपा सरकार का दमन और अन्याय

उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हिरासत में ले लिया। उन्होंने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक ऐतिहासिक मस्जिद को सरकार द्वारा गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। पत्रकारों से बात करते हुए राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और सरकार के कदमों को ज़बरदस्ती वाला और अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "सरकार ज़बरदस्ती कर रही है; अन्याय और दमन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर हमें ज़बरदस्ती गिरफ़्तार किया जा रहा है। हम इस ज़ुल्म के ख़िलाफ़ ज़रूर लड़ेंगे। आज मुसलमानों को निशाना बनाने वाली इस सरकार को हम उखाड़ फेंकेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ता मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ होने वाले किसी भी और अत्याचार के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़े रहेंगे।

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सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को शनिवार सुबह गिरा दिया गया, क्योंकि कोर्ट ने इसे हटाने के आदेश को सही ठहराया था। इससे पहले रविवार को राय ने कहा कि हालात को समझने के लिए 7 सितंबर को एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम सहारनपुर पहुंचेगी। राय ने कहा, "यह बहुत दुखद है। हमारी फैक्ट-फाइंडिंग टीम 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगी और हालात को समझने के लिए अधिकारियों से मिलेगी। कहा जाता है कि यह मस्जिद लगभग सौ साल पुरानी थी और कलेक्ट्रेट बनने से पहले से ही वहां मौजूद थी।"

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लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को गिराए जाने की निंदा की। शुक्रवार, 4 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 17 जुलाई को सरकारी ज़मीन पर कथित कब्ज़े और उसके गलत इस्तेमाल के मामले में इस ढांचे को गिराने और लगभग 6.41 करोड़ रुपये का मुआवज़ा लगाने का आदेश दिया था। सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई।

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West Bengal में 6 महीने में नाबालिगों के 60,000 प्रसव, Suvendu Adhikari ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

कोलकाता, सात सितंबर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि बाल विवाह और नाबालिग लड़कियों के संस्थागत प्रसव के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में सबसे आगे है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा तथा उनके सरकारी लाभ रोक दिए जाएंगे। राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस साल के पहले छह महीनों में, 30 जून तक नाबालिग लड़कियों के संस्थागत प्रसव के 60,000 मामले सामने आए हैं और इनमें मुर्शिदाबाद जिला करीब 13,000 मामलों के साथ सबसे ऊपर है।

अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इन मामलों का आंकड़ा केंद्र सरकार के साथ साझा नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बाल विवाह और नाबालिग लड़कियों के संस्थागत प्रसव के मामलों में पश्चिम बंगाल देश में सबसे आगे है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक जनवरी से 30 जून के बीच नाबालिग लड़कियों के करीब 60,000 संस्थागत प्रसव के मामले सामने आये हैं।’’ उन्होंने विवरण देते हुए कहा कि अकेले मुर्शिदाबाद जिले में नाबालिग लड़कियों के 12,847 संस्थागत प्रसव के मामले सामने आये, जबकि दक्षिण 24 परगना 4,178 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

उन्होंने कहा कि इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 और बच्चों का यौन अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों को दोषियों के खिलाफ सख्ती से लागू किया जाएगा। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में प्रावधान है कि 21 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले विवाह करने वाले पुरुष और इस अपराध में मदद करने के दोषी पाए जाने वाले लोगों को दो साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस कार्रवाई शुरू की जाएगी और गिरफ्तारियां की जाएंगी।’’ उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर पॉक्सो के प्रावधान लागू होते हैं, जिनके तहत 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य का स्वास्थ्य विभाग दोषियों, खासकर पति, को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। उसे एक महीने के भीतर दस्तावेजी सबूत देना होगा कि कानून के अनुसार वह और उसकी पत्नी दोनों बालिग हैं। यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, पुलिस महानिदेशक भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ देना बंद कर देंगे।

जिस पुरोहित या काजी ने इस विवाह को औपचारिक रूप दिया है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की संख्या इतनी अधिक है कि राज्य की सभी जेलें भी दोषियों को रखने में सक्षम नहीं होंगी।

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  Sports

Women’s T20 Asia Cup 2026: बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में स्मृति मंधाना बन सकती हैं वर्ल्ड नंबर 1

भारत और बांग्लादेश के बीच सेमीफाइनल का मुकाबला रात 8 बजे से खेला जाएगा. महिला T20 एशिया कप 2026 के इस मुकाबले में स्मृति मंधाना वर्ल्ड नंबर 1 कैसे बन सकती हैं, आइए जानते हैं. Thu, 10 Sep 2026 12:25:59 +0530

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