केविन पीटरसन इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम के मेंटर बने:इसी महीने श्रीलंका सीरीज से जुड़ेंगे; वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक साथ रहेंगे
इंग्लैंड ने पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को पुरुष व्हाइट-बॉल टीम का स्पेशलिस्ट मेंटर नियुक्त किया है। वे साउथ अफ्रीका में अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम के साथ काम करेंगे। पीटरसन इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी-20 इंटरनेशनल और वनडे सीरीज से ब्रेंडन मैकुलम की टीम के साथ जुड़ेंगे। कोचिंग टीम में मार्कस ट्रेस्कोथिक, टिम साउदी, जीतन पटेल और सारा टेलर भी शामिल हैं। पीटरसन ने कहा- इंग्लैंड की जर्सी पहनना खास सम्मान पीटरसन ने टीम से जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा- ‘मुझे बेहद गर्व है कि इस टीम के वर्ल्ड कप जीतने के सफर में मदद करने के लिए मुझे कहा गया है। 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड की जर्सी पहनना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और बेहद खास पल है।’ मैकुलम बोले- बल्लेबाजों को पीटरसन के अनुभव का फायदा मिलेगा इंग्लैंड व्हाइट बॉल के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम ने कहा- ‘मेरे मन में KP और क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के लिए बहुत सम्मान है। इंग्लिश क्रिकेट पर उनका बहुत बड़ा असर रहा है। उनके अनुभव, ज्ञान और कद का व्यक्ति टीम के साथ काम करना चाहता है, यह शानदार बात है।’ पीटरसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 13797 रन बनाए पीटरसन ने लगभग 10 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। उन्होंने 104 टेस्ट मैचों में 8181 रन बनाए। वहीं 136 वनडे में 4440 और 37 टी-20 में वे एशेज और T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा रह चुके हैं। पीटरसन ने 2025 इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के मेंटर के तौर पर भी काम किया था।
भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की के बाद बिगड़े हालात, चलाया वाटर कैनन, पढ़ें खबर
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न्स डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर यह इंटर्न्स डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री निवास घेरने निकल गए। इनको रोकने के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि तैनात भारी पुलिस बल के साथ इन डॉक्टरों की तीखी झड़प और धक्कामुक्की हो गई।
बता दें कि प्रदर्शन कर रहे कुछ इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट और बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद वे अस्पताल से बाहर निकलकर फतेहगढ़ की मुख्य सड़क पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान कुछ छात्र गेट तोड़कर बाहर निकलते हुए भी नजर आए। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने डॉक्टरों को रोकने की कोशिश की जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टरों के बीच तीखी झड़प हो गई।
30 हजार रुपये स्टाइपेंड करने की मांग
बता दें कि एमबीबीएस इंटर्न्स सरकार से अपनी स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इन छात्रों को हर महीने 14337 रुपये मिलते हैं जिसे बढ़ाकर 30000 रुपये करने की मांग की जा रही है। हालांकि शासन की ओर से एक महीने में निर्णय लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था।
वहीं अब प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर स्टाइपेंड वृद्धि का लिखित आदेश नहीं सौंपते तब तक सभी इंटर्न डॉक्टर हमीदिया परिसर में ही धरने पर बैठे रहेंगे।
अब तक नहीं मिला स्टाइपेंड वृद्धि का कोई लिखित आदेश
जानकारी अनुसार, प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर्स का कहना है कि अब करीब डेढ़ माह बीत चुका है और स्टाइपेंड वृद्धि का कोई लिखित आदेश या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद मामला आश्वासन से आगे नहीं बढ़ा। इसलिए अब मुख्यमंत्री के सामने सीधे अपनी मांग रखने का फैसला लिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि हमने पहले संवैधानिक तरीके से अपनी मांग रखी और सभी नियमों का पालन किया। जब हमारी बात नहीं सुनी गई, तभी मार्च का कदम उठाया। हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
एक इंटर्न का कहना है कि आज पूरे मध्यप्रदेश से इंटर्न डॉक्टर यहां एकत्रित हुए हैं और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि हमें प्रदर्शन करते हुए करीब दो महीने हो चुके हैं। इस दौरान हमने शांतिपूर्ण तरीके से रैलियां निकालीं, ज्ञापन सौंपे और अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं लेकिन इसके बावजूद हमारी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि देश में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड में मध्यप्रदेश की राशि सबसे कम है। इसलिए हमारी मांग है कि वर्तमान में मिल रहे 14,337 रुपये के मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए।
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