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Lalbaugcha Raja 2026: सामने आई लालबागचा राजा पंडाल की पहली झलक, मंदिरनुमा गेट, विशाल त्रिशूल... देखें वीडियो

Lalbaugcha Raja 2026 Pandals First Glimpse: लालबागचा राजा 2026 की तैयारियां तेज हैं। पंडाल में मंदिरनुमा भव्य संरचना और विशाल त्रिशूल की झलक सामने आई है। जानें इस बार की थीम को लेकर क्या चर्चा है। देखें वीडियो।

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ISRO Privatization की खबरों पर विराम: V Narayanan ने कर्मचारियों को दिया भरोसा, बताया क्या है भविष्य का Space Plan

इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का निजीकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार के निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के कदम को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा। बेंगलुरु स्पेस एक्सपो के दौरान नारायणन ने ISRO के कर्मचारियों और कर्मचारी संघों की चिंताओं का जवाब दिया। इन संघों ने संगठन की भविष्य की भूमिका को लेकर सरकार की नीति पर आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग की थी। नारायणन ने कहा स्पेस सेक्टर में सुधार छह साल पहले शुरू किए गए थे। इसके तहत, हमें प्राइवेट सेक्टर की मदद करनी है और स्पेस इकोसिस्टम को बढ़ाना है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के स्पेस प्रोग्राम में प्राइवेट इंडस्ट्री ने लंबे समय से अहम भूमिका निभाई है और लॉन्च व्हीकल बनाने का काम पहले से ही सैकड़ों भारतीय कंपनियाँ कर रही हैं।

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उन्होंने कहा जब भी कोई PSLV या GSLV लॉन्च होता है, तो यह न सोचें कि सारा काम ISRO ही करता है। बजट का लगभग 80% हिस्सा भारतीय उद्योगों द्वारा लगाया जाता है। हमारे लिए करीब 450 उद्योग काम कर रहे हैं। यह साफ़-सफ़ाई ऐसे समय में आई है जब भारत के स्पेस इकोसिस्टम में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाने की सरकारी कोशिशों पर बहस चल रही है। खबरों के मुताबिक, ISRO के मुख्य सेंटरों की कर्मचारी यूनियनों ने इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा है कि पॉलिसी में बदलाव का ISRO की भूमिका, उसके कर्मचारियों, भर्ती और उसकी मुख्य क्षमताओं को बनाए रखने की क्षमता पर क्या असर पड़ेगा।

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नारायणन ने कहा कि भारत अपनी लॉन्च क्षमता को काफ़ी बढ़ाने का लक्ष्य रख रहा है, और देश की ज़रूरत सालाना लगभग 50 लॉन्च व्हीकल की है। उन्होंने संकेत दिया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ISRO और भारतीय इंडस्ट्री, दोनों को शामिल करते हुए एक बहुत बड़े इकोसिस्टम की ज़रूरत होगी।

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  Sports

South Africa दौरे के लिए Australia की 16-सदस्यीय Team घोषित, Cummins और Starc संभालेंगे गेंदबाजी की कमान

ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में अनुभवी तेज गेंदबाजों को जगह दी गई है, वहीं खराब दौर से गुजर रहे मार्नस लाबुशेन पर भी चयनकर्ताओं ने भरोसा कायम रखा है। दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट 9 अक्टूबर से डरबन में खेला जाएगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया ने इस दौरे के लिए अपनी गेंदबाजी को खास तौर पर मजबूत रखा है। कप्तान पैट कमिंस के साथ जोश हेजलवुड, मिशेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज टीम का हिस्सा हैं। दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में तेज और उछाल वाली पिचों को देखते हुए इन गेंदबाजों की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।

वहीं बल्लेबाजी में ट्रैविस हेड, स्टीव स्मिथ, मैथ्यू रेनशॉ और मार्नस लाबुशेन को शामिल किया गया है। लाबुशेन लंबे समय से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आए हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने जुलाई 2023 के बाद से कोई शतक नहीं लगाया है। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर करने के बजाय एक और मौका दिया है। उनके प्रदर्शन पर इस श्रृंखला के दौरान खास नजर रहने वाली है।

ऑस्ट्रेलिया ने टीम में कूपर कोनॉली को भी जगह दी है। इसके अलावा ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन और ब्यू वेबस्टर टीम को अतिरिक्त संतुलन देते हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी एलेक्स कैरी और जोश इंग्लिस में से किसी एक को मिल सकती है, जबकि अनुभवी स्पिन गेंदबाज नाथन लियोन टीम के प्रमुख स्पिन विकल्प होंगे।

इस टीम में तीन ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जो बांग्लादेश के खिलाफ हालिया घरेलू सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई दल का हिस्सा नहीं थे। कूपर कोनॉली, मैथ्यू कुहनेमन और माइकल नेसर को दक्षिण अफ्रीका की अलग परिस्थितियों के लिए अतिरिक्त विकल्प के तौर पर टीम में जोड़ा गया है। कुहनेमन बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज हैं, जबकि नेसर तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं।

चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने कहा कि यह तीन मुकाबलों की अपेक्षाकृत छोटी श्रृंखला है और इससे पहले टीम छह एकदिवसीय मुकाबले भी खेलेगी। दोनों श्रृंखलाओं के बीच ज्यादा आराम का समय नहीं होगा। ऐसे में टीम में अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार विकल्प रखना जरूरी है।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया लंबे समय बाद दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट श्रृंखला खेलने जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछली टेस्ट श्रृंखला 2018 में हुई थी, जो गेंद से छेड़छाड़ विवाद के कारण क्रिकेट इतिहास की सबसे विवादित श्रृंखलाओं में शामिल रही। उस दौरे के दल में शामिल रहे केवल पांच खिलाड़ी इस बार भी ऑस्ट्रेलिया की टीम में हैं। इनमें पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिशेल स्टार्क, स्टीव स्मिथ और मैथ्यू रेनशॉ शामिल हैं।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा तालिका में ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर है, जबकि मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। इसलिए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। ऑस्ट्रेलिया की कोशिश अपनी शीर्ष स्थिति मजबूत करने की होगी, जबकि दक्षिण अफ्रीका अपने खिताब की दावेदारी को बरकरार रखना चाहेगा।

पहला टेस्ट 9 से 13 अक्टूबर तक डरबन में, दूसरा टेस्ट 18 से 22 अक्टूबर तक गेकेबरहा में और तीसरा मुकाबला 27 से 31 अक्टूबर तक जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा। इस दौरे में ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजी, लाबुशेन की वापसी और दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Mon, 07 Sep 2026 22:01:00 +0530

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