Gujarat Govt: गुजरात में MSP खरीद प्रक्रिया में AI की एंट्री, 10 केंद्रों पर अनाज की जांच
गुजरात में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज खरीद की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया गया है. गुजरात स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत चार जिलों के 10 खरीद केंद्रों पर AI आधारित ग्रेन एनालाइजर लगाए हैं. इन मशीनों के जरिए खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2025-26 में धान के नमूनों की जांच की गई.
10 खरीद केंद्रों पर कुल 13,334 किसानों का रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, 10 खरीद केंद्रों पर कुल 13,334 किसानों के रजिस्ट्रेशन हुए. इनमें महिसागर के लूनावाड़ा में 2,278 और संतरामपुर में 1,246, आनंद के खंभात में 2,663 और बोरसद में 884 रजिस्ट्रेशन शामिल हैं. अहमदाबाद जिले के धोलका में 1,000, बावला में 909, वीरमगाम में 1,078 और साणंद में 1,288 रजिस्ट्रेशन हुए. वहीं पंचमहल के गोधरा में 986 और शेहरा में 1,002 रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए.
इन केंद्रों पर कुल 6,191 धान के नमूनों की AI तकनीक से जांच की गई. इनमें 3,379 नमूने यानी 54.6 प्रतिशत ग्रेड-ए और 2,812 यानी 45.4 प्रतिशत सामान्य श्रेणी के पाए गए. कुल 341 नमूने रिजेक्ट किए गए. धोलका में सबसे ज्यादा 24 प्रतिशत रिजेक्शन दर्ज हुआ, जबकि वीरमगाम में कोई नमूना रिजेक्ट नहीं हुआ.
कई गुणवत्ता मानकों की जांच
AI ग्रेन एनालाइजर धान में बाहरी पदार्थ, खराब या बदरंग दाने, अधपके या सिकुड़े हुए दाने, मिलावट और नमी की जांच कर सकता है. इसके संचालन के लिए लगातार बिजली और प्रत्येक केंद्र पर एक कर्मचारी की जरूरत होती है. कॉरपोरेशन के मौजूदा थर्ड-पार्टी सिस्टम की तुलना में AI सिस्टम में कम मानव संसाधन की जरूरत पड़ती है. मौजूदा व्यवस्था में नमूने लेने और वैज्ञानिक उपकरणों से ग्रेडिंग करने के लिए दो कर्मचारियों की आवश्यकता होती है.
कॉरपोरेशन ने अपने गुणवत्ता मानक तय किए
गुजरात स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन गेहूं, चावल, धान, बाजरा, ज्वार, रागी, तुअर दाल, चना, मूंगफली तेल, डबल-फोर्टिफाइड नमक और सफेद चीनी जैसी खाद्य वस्तुओं की खरीद और वितरण करता है. गेहूं और चावल की खरीद FCI के मानकों के अनुसार, जबकि MSP के तहत अनाज की खरीद केंद्र सरकार द्वारा तय यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन के आधार पर की जाती है. इसके अलावा तुअर दाल, चना, खाद्य तेल, चीनी और डबल-फोर्टिफाइड नमक के लिए कॉरपोरेशन ने अपने गुणवत्ता मानक तय किए हैं, जो FSSAI के मानकों से भी अधिक सख्त हैं.
कॉरपोरेशन के अनुसार, गोदामों में पहुंचने वाली खाद्य सामग्री के नमूनों की Food Research Laboratory (FRL) में Quality Control शाखा के जरिए 100 प्रतिशत क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाता है. इस प्रक्रिया से योजनाओं के लाभार्थियों तक साफ, मिलावट रहित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिलती है. AI तकनीक के इस्तेमाल से MSP खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पर लोगों का भरोसा भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी कल मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का करेंगे उद्घाटन; एआई, क्वांटम तकनीक और डिजिटल भुगतान जैसे विषयों पर होगा व्यापक मंथन
मुंबई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक फिनटेक सम्मेलनों में से एक माना जाता है, जिसमें नीति-निर्माता, नियामक संस्थाएं, बैंक, वित्तीय कंपनियां, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, निवेशक और शिक्षाविद हिस्सा लेंगे।
8 से 11 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उभरती प्रौद्योगिकियों और वित्तीय समावेशन में उनकी भूमिका पर केंद्रित रहेगा। वर्ष 2020 में शुरू होने के बाद से ग्लोबल फिनटेक फेस्ट वैश्विक वित्तीय नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य पर चर्चा के प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुआ है।
इस वर्ष जीएफएफ 2026 का विषय पोटेंशियल टू इम्पैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम-ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इन्क्लूसिव फाइनेंस रखा गया है।
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), प्रोग्रामेबल फाइनेंस, क्वांटम तकनीक, डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के भविष्य जैसे विषयों पर व्यापक मंथन होगा।
सोमवार को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि जीएफएफ 2026 को नीति, नियमन, प्रौद्योगिकी, निवेश और उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सम्मेलन का फोकस इस बात पर रहेगा कि एजेंटिक एआई और अन्य उन्नत तकनीकों का उपयोग कर नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक विश्वसनीय, समावेशी और प्रभावशाली वित्तीय समाधान कैसे तैयार किए जा सकते हैं।
बयान के अनुसार, भारत पहले ही डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है। यूपीआई, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और फिनटेक नवाचारों की सफलता ने भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल कर दिया है। जीएफएफ 2026 में इन उपलब्धियों को अगले स्तर तक ले जाने की रणनीतियों पर भी चर्चा होगी।
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में मुंबई को केवल भारत की वित्तीय राजधानी ही नहीं, बल्कि देश की फिनटेक राजधानी के रूप में स्थापित करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पारंपरिक बैंकिंग और पूंजी बाजार को आधुनिक डिजिटल अवसंरचना के साथ जोड़कर मुंबई एक मजबूत और एकीकृत फिनटेक इकोसिस्टम के रूप में उभर रही है।
फडणवीस के अनुसार, महाराष्ट्र स्टार्टअप, वेंचर फंडिंग और यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या के मामले में देश में अग्रणी है, जिसमें फिनटेक कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य वर्तमान में भारत की 60 प्रतिशत से अधिक डेटा सेंटर क्षमता का घर है, जो डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है।
राज्य सरकार ने फिनटेक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू की हैं, जिनमें प्लग-एंड-प्ले पार्क, सिंगल विंडो मंजूरी व्यवस्था और तेज भूमि आवंटन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, प्रशासन एआई इनोवेशन पार्क, साइबर सुरक्षा केंद्र और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी पहलों के जरिए वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 न केवल भारत के डिजिटल वित्तीय नेतृत्व को और मजबूत करेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और टोकनाइजेशन जैसे क्षेत्रों में नए वैश्विक सहयोग और निवेश अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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