भारत के स्पेस सेक्टर में सबसे बड़ी फंडिंग:स्पेस-टेक स्टार्टअप पिक्सल ने जुटाए ₹944 करोड़; सैटेलाइट नेटवर्क और AI प्लेटफॉर्म का विस्तार करेगी कंपनी
भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप पिक्सेल ने 100 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹835 करोड़ जुटाए हैं। यह भारत के स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर में किसी भी कंपनी की जुटाई गई अब तक की सबसे बड़ी सिंगल फंडिंग है। 2019 में इस स्टार्टअप की नींव रखी गई थी। इस नए निवेश के साथ ही कंपनी की कुल फंडिंग बढ़कर 195 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹1840 करोड़ डॉलर पहुंच गई है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने सैटेलाइट नेटवर्क को मजबूत करने और अर्थ इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को डेवलप करने में करेगी। सिंगापुर की टेमासेक और सेराफिम ने राउंड को लीड किया पिक्सेल के इस फंडिंग राउंड को सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक और यूके की स्पेस-टेक वेंचर फर्म सेराफिम ने मिलकर लीड किया है। इसके अलावा कंपनी के पुराने इन्वेस्टर्स रेडिकल वेंचर्स और ग्रोएक्स वेंचर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया। वहीं, 360 वन एसेट और IMM इन्वेस्टमेंट जैसे नए निवेशक भी इस राउंड में शामिल हुए हैं। नए पैसों का क्या करेगी कंपनी? कंपनी के मुताबिक, जुटाए गए नए फंड का इस्तेमाल सेंसिंग कैपेबिलिटीज बढ़ाने और सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। 1. हनीबी नेटवर्क: अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स का जाल फैलाना जैसे शहर के हर कोने पर नजर रखने के लिए जगह-जगह CCTV कैमरे लगाए जाते हैं, वैसे ही पिक्सेल अंतरिक्ष में छोटे सैटेलाइट्स का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रही है। ज्यादा सैटेलाइट से पृथ्वी के हर हिस्से की जल्दी और बार-बार ताजा तस्वीरें ली जा सकेंगी। 2. हाई-रेजोल्यूशन सैटेलाइट्स: अंतरिक्ष से साफ और बारीक तस्वीरें लेना ये सैटेसाइट अंतरिक्ष से पृथ्वी की साफ और डिटेल फोटो खींचेंगे। इससे फसलों की बीमारी, जंगलों में पेड़ों की स्थिति या पानी की कमी को ऊपर से ही साफ-साफ देखा जा सकेगा। 3. ऑरोरा प्लेटफॉर्म: स्पेस की तस्वीरों को काम की जानकारी में बदलना सैटेलाइट तो सिर्फ तस्वीरें और तकनीकी डेटा भेजते हैं, जिसे सीधे देखकर समझ नहीं सकते। 'ऑरोरा' कंपनी का एक ऐसा स्मार्ट कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है, जो उस जटिल डेटा को प्रोसेस करता है और सीधे-साफ शब्दों में रिपोर्ट बनाकर देता है। जैसे किस इलाके में सूखा पड़ने वाला है, कहां गैस पाइपलाइन से रिसाव हो रहा है, या किस खेत में खाद की जरूरत है। भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए बड़ा माइलस्टोन यह फंडिंग राउंड भारत के तेजी से बढ़ते प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार के अंतरिक्ष क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने के बाद से ही स्पेस स्टार्टअप्स में ग्लोबल इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। पिक्सल उन चुनिंदा भारतीय स्टार्टअप्स में शामिल है, जो ग्लोबल लेवल पर कॉमर्शियल स्पेस और अर्थ-ऑब्जर्वेशन मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना रहे हैं।
न एक्शन, न कॉमेडी और न लव स्टोरी | 'शोले' से 1 महीने पहले हुई रिलीज | 1975 में बनी सबसे ज्यादा प्रॉफिटेबल मूवी
15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई 'शोले' को इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर माना जाता है. लेकिन, 'शोले' से एक महीने पहले यानी 30 मई 1975 को एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई जिसने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया. बिना किसी बड़े एक्शन, थ्रिलर, कॉमेडी या कमर्शियल लव स्टोरी के 'जय संतोषी मां' नाम की एक भक्ति फिल्म ने रिलीज होते ही थिएटर को मंदिरों में बदल दिया. विजय शर्मा के डायरेक्शन में बनी सिर्फ 25 लाख के लिमिटेड बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ से ज्यादा की हिस्टोरिक कमाई की. यह 1975 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई और परसेंटेज रिटर्न के हिसाब से 1975 की सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली फिल्म बन गई.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News18







