Janmashtami Playlist: सोसाइटी में बच्चों की डांस परफॉर्मेंस की तैयारी? इन गानों से बनाएं जन्माष्टमी की शानदार प्लेलिस्ट
Janmashtami Playlist: जन्माष्टमी के मौके पर सोसाइटी में मटकी फोड़ कार्यक्रम, झांकी और डांस परफॉर्मेंस का आयोजन खूब पसंद किया जाता है। खासकर बच्चों की प्रस्तुति देखने के लिए परिवारों में काफी उत्साह रहता है। ऐसे में गानों का चुनाव ऐसा होना चाहिए, जो कृष्ण भक्ति से जुड़े होने के साथ बच्चों के डांस के लिए आसान और मजेदार भी हों।
1.‘माखन चोर’ पर दिखाएं नटखट अंदाज
कान्हा की नटखट अदाओं पर आधारित गाने बच्चों की परफॉर्मेंस के लिए काफी अच्छे रहेंगे। छोटे बच्चे कृष्ण बनकर माखन चुराने और दोस्तों के साथ मस्ती करने वाली थीम पर प्यारी प्रस्तुति दे सकते हैं।
2.‘गोविंदा आला रे’ से बढ़ाएं जोश
अगर बच्चों का ग्रुप डांस करने वाला है तो तेज बीट वाला कृष्ण भक्ति गीत माहौल में खूब उत्साह भर सकता है। इस तरह के गाने पर बच्चे ग्रुप फॉर्मेशन और सिंपल डांस स्टेप्स के साथ शानदार परफॉर्मेंस दे सकते हैं।
3.‘राधा-कृष्ण’ थीम पर करें कपल या ग्रुप डांस
जन्माष्टमी के लिए राधा-कृष्ण थीम हमेशा खास रहती है। बच्चों को राधा और कृष्ण के किरदार में तैयार करके इस थीम के किसी मधुर भक्ति गीत पर डांस कराया जा सकता है।
4.‘यशोदा मैया’ थीम से दिखाएं मां-बेटे का प्यार
अगर सोसाइटी में छोटे बच्चों की परफॉर्मेंस है, तो यशोदा और बाल कृष्ण की कहानी पर डांस तैयार किया जा सकता है। इसमें बच्चों के साथ माता-पिता को भी शामिल किया जाए तो परफॉर्मेंस और यादगार बन सकती है।
5.‘कृष्ण कन्हैया’ वाले भक्ति गीतों पर ग्रुप डांस
बच्चों के बड़े ग्रुप के लिए कृष्ण भक्ति वाले एनर्जेटिक गाने अच्छे रहेंगे। बच्चे एक साथ स्टेज पर डांस करते हुए अलग-अलग फॉर्मेशन बना सकते हैं। इससे परफॉर्मेंस देखने में भी काफी आकर्षक लगेगी।
आखिर में रखें धमाकेदार गाना
प्लेलिस्ट के अंत में ऐसा गाना रखें जिसकी बीट थोड़ी तेज हो। इस पर सभी बच्चे एक साथ स्टेज पर आकर फाइनल स्टेप्स कर सकते हैं। इससे डांस परफॉर्मेंस का अंत शानदार अंदाज में होगा।
बच्चों की परफॉर्मेंस के लिए बहुत लंबी प्लेलिस्ट बनाने के बजाय 4-6 गानों का मेडली तैयार करना बेहतर रहेगा। हर गाने के छोटे हिस्से को जोड़कर 5-8 मिनट की परफॉर्मेंस बनाई जा सकती है। इससे बच्चों को स्टेप्स याद करने में आसानी होगी और दर्शकों की दिलचस्पी भी बनी रहेगी।
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घर में कपूर जलाने की क्यों है परंपरा? जानें पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं में इसका महत्व
Kapoor jalane ka mahatva: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और आरती के दौरान कपूर का विशेष उपयोग किया जाता है। मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में भी सुबह या शाम की पूजा के दौरान कपूर जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कपूर की आरती करना शुभ माना जाता है और इसे पूजा की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
कपूर जलने के बाद पूरी तरह समाप्त हो जाता है और राख नहीं छोड़ता। इसी कारण धार्मिक परंपराओं में इसे त्याग और समर्पण के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
पूजा और आरती में क्यों जलाया जाता है कपूर?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के अंत में कपूर से आरती करने की परंपरा है। माना जाता है कि भगवान के सामने कपूर जलाकर आरती करने से पूजा पूर्ण होती है।
कई घरों में देवी-देवताओं की आरती के बाद परिवार के सदस्य कपूर की आरती लेते हैं। यह परंपरा लंबे समय से हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा रही है।
कपूर को सकारात्मकता से क्यों जोड़कर देखा जाता है?
लोकमान्यताओं में कपूर की सुगंध को सकारात्मक वातावरण से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से पूजा के अलावा कई लोग घर में शाम के समय भी कपूर जलाते हैं।
धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि पूजा स्थल पर कपूर जलाने से वातावरण पवित्र होता है। हालांकि, ये बातें मुख्य रूप से धार्मिक विश्वासों और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।
वास्तु परंपराओं में भी मिलता है कपूर का उल्लेख
वास्तु और लोक-परंपराओं में भी कपूर का उपयोग शुभता से जोड़कर देखा जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि घर में कपूर जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
हालांकि, वास्तु से जुड़े नियम और मान्यताएं अलग-अलग परंपराओं और विशेषज्ञों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
कपूर जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
पूजा के दौरान कपूर जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। कपूर को हमेशा सुरक्षित दीपक या आरती पात्र में ही जलाना चाहिए और जलते हुए कपूर को बच्चों या ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखना चाहिए।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, कपूर की आरती श्रद्धा और साफ-सफाई के साथ की जाती है।
आज भी घरों में निभाई जाती है यह परंपरा
बदलती जीवनशैली के बावजूद पूजा-पाठ के दौरान कपूर जलाने की परंपरा आज भी देश के अनेक परिवारों में प्रचलित है। सुबह-शाम की आरती हो या कोई विशेष धार्मिक आयोजन, कपूर का उपयोग कई हिंदू घरों में श्रद्धा के साथ किया जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक विश्वासों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।
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