School Holiday : जन्माष्टमी से गणेश चतुर्थी तक.. सितंबर में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
सितंबर का महीना शुरू हो गया है और इस महीने में जन्माष्टमी से लेकर गणेश चतुर्थी जैसे त्यौहार पड़ रहे हैं। अलग-अलग राज्यों में इन अवसरों पर स्कूलों में छुट्टियां रहने वाली है। हालांकि, छुट्टियां राज्य और स्कूल के अनुसार बदल सकती हैं, क्योंकि सभी राज्यों में छुट्टियां एक समान नहीं होती है।
इसके अलावा राज्य बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और प्राइवेट स्कूल अपने-अपने एकेडमी कैलेंडर के अनुसार छुट्टियों की तारीख तय करते हैं। कहीं जन्माष्टमी पर स्कूल बंद रहेंगे तो महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों में गणेश चतुर्थी पर स्कूलों में छुट्टी रहेगी। रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार की साप्ताहिक छुट्टियां भी रहेंगी। आइए जानते हैं सितम्बर 2026 में कौन-कौन से राष्ट्रीय अवकाश पड़ेंगे और किन-किन त्योहारों के चलते स्कूल बंद रहेंगे।
सितंबर में कब-कब और किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल
- 4 सितम्बर, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: देश के अधिकांश राज्यों (राजस्थान, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब और ओडिशा) में स्कूलों में छुट्टी रहने की संभावना है।
- 5 सितंबर, शिक्षक दिवस: स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, पढ़ाई नहीं होती। पंजाब, (बाबा जीवन सिंह जी का जन्मदिन)
- 14 सितम्बर गणेश चतुर्थी: महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टी रह सकती है।
- 17 सितंबर, विश्वकर्मा पूजा: बिहार, असम और गुजरात के कुछ हिस्सों में इस मौके पर स्कूलों में छुट्टियां होती है। यह छुट्टी संबंधित राज्य और स्कूल की ओर से जारी कैलेंडर के आधार पर रहती है।
- 18 सितम्बर, गौरी पूजन: महाराष्ट्र और कुछ पड़ोसी राज्यों के शैक्षणिक संस्थानों अवकाश हो सकता है। गुजरात, संवत्सरी के चलते भी कुछ स्कूल बंद रह सकते हैं। यह जैन धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में शामिल है और पर्युषण पर्व के समापन से जुड़ा है। यह छुट्टी मुख्य रूप से क्षेत्रीय कैलेंडर पर निर्भर है।
- 25 सितम्बर अनंत चतुर्दशी: गणेश विसर्जन के अवसर पर महाराष्ट्र तथा मध्य भारत के कई राज्यों में स्कूल बंद रह सकते हैं।
चार रविवार और शनिवार
- 6 सितम्बर, 13 सितम्बर, 20 सितम्बर और 27 सितम्बर को साप्ताहिक अवकाश के चलते स्कूल बंद रहेंगे।
- जिन स्कूलों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, वहां 12 सितम्बर और 26 सितम्बर को स्कूल बंद रहेंगे। 12 सितंबर को पंजाब में प्रथम प्रकाश श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और सरागढ़ी दिवस के चलते स्कूल बंद रह सकते हैं।
राज्य-स्तरीय और क्षेत्रीय अवकाश
- 21 सितम्बर: राजस्थान में रामदेव जयंती और तेजा दशमी, खेजड़ी शहीद दिवस तथा केरल में श्री नारायण गुरु समाधि के अवसर पर स्थानीय स्कूल बंद रहेंगे।
- 23 सितम्बर: हर साल शहीदी दिवस (हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रहते हैं
- 26 सितम्बर: सिक्किम में इंद्र जात्रा और केरल में श्री नारायण गुरु जयंती की छुट्टी रहेगी।
- 28 सितंबर: शहीद भगत सिंह जयंती के चलते पंजाब व हरियाणा में स्कूल बंद रह सकते हैं। इस दिन शहीदों को सम्मान देने के लिए शहीदी दिवस मनाया जाता है और राज्य में स्कूलों के लिए अवकाश हो सकता है।
नोट: अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि स्कूल अवकाश से संबंधित किसी भी जानकारी या सटीक पुष्टि के लिए स्कूल प्रशासन, आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या स्कूल डायरी के माध्यम से सीधे संपर्क में रहें। किसी एक राज्य में सरकारी अवकाश घोषित होने का अर्थ यह नहीं कि उस दिन दूसरे राज्य में भी अवकाश हो।
GDP विवाद पर पीयूष गोयल का पलटवार, कहा – ‘सवाल उठाने वाले लोग अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए’, रघुराम राजन के सवालों का दिया जवाब
दिल्ली में ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) की बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने GDP विवाद पर अपनी बात रखी है। दरअसल उन्होंने कहा है कि देश में जो लोग GDP की आलोचना कर रहे हैं वही बेरोजगार हैं और वे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन का भी जिक्र किया।
दरअसल यह विवाद तब शुरू हुआ जब सरकार ने सोमवार को अप्रैल-जून तिमाही की GDP ग्रोथ 7.8% होने के आंकड़े जारी किए थे। बता दें कि यह RBI के 7% के अनुमान से ज्यादा रही है और पिछले साल की इसी तिमाही की 6.9% ग्रोथ से भी ऊपर रही है। हालांकि इसके बाद मंगलवार को रघुराम राजन ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाए थे।
GDP विवाद में पीयूष गोयल ने क्या कहा?
इस मामले पर पीयूष गोयल ने कहा है कि कुछ लोग आंकड़ों की सही तुलना करना भी नहीं जानते है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि इसमें ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं जो भारत में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास अब सिर्फ टीवी पैनल पर जाकर तर्क गढ़ने का काम बचा है। उन्होंने कहा कि सत्य को छिपाया नहीं जा सकता और नकारात्मक सोच रखने वाले लोग खुद को छोटा करते हैं। वहीं पियूष गोयल ने यह भी कहा है कि कुछ लोग भारतीय अर्थव्यवस्था को नकारात्मक रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि भारत एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार बनकर उभरा है।
जानिए रघुराम राजन ने किन बातों पर उठाए थे सवाल?
जानकारी दे दें कि पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को कहा था कि अगर अर्थव्यवस्था इतनी तेजी से बढ़ रही है तो ज्यादा नौकरियां क्यों नहीं हैं और निवेश क्यों नहीं बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उद्योगपति निवेश करने से पीछे क्यों हट रहे हैं और भारत में बड़े पैमाने पर FDI क्यों नहीं आ रहा। हालांकि GDP आंकड़ों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी थी। दरअसल पीएम मोदी ने X पर लिखा कि दुनिया भर के संकटों और तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत ने साल की पहली तिमाही में 7.8% की GDP ग्रोथ हासिल की है।
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