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कुदरत का कहर: नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 55 की मौत; 400 से ज्यादा लोग लापता, बिहार में हाई अलर्ट

चीन के तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी समेत कई इलाकों में घर, बाजार और अन्य संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं। बाढ़ के तेज बहाव में वाहन और सामान बह गए, जबकि एक पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी तबाह हो गया।

अब तक कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में कई भारतीय भी हैं। नेपाली मीडिया के अनुसार, नुवाकोट और धाडिंग जिलों से अब तक 8 शव बरामद किए गए हैं।

रसुवा में नेपाल पुलिस के 26 जवान और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 7 जवान भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों में हेलिकॉप्टर और आपदा राहत कर्मियों को तैनात किया है। सेना के मुताबिक, नुकसान का आकलन और जानकारी जुटाने का काम जारी है।

बाढ़ के असर को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर हाई अलर्ट पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है। पढ़िए पूरी खबर...

रसुवा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित, 1000 लोगों के बहने की आशंका
प्राप्त शुरुआती जानकारियों के अनुसार, इस जलप्रलय में करीब 1,000 लोगों के बह जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस आंकड़े की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है और जैसे-जैसे राहत व बचाव कार्य आगे बढ़ रहे हैं, नुकसान की असल स्थिति का आकलन किया जा रहा है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि रसुवा जिले के पहाड़ी इलाके जैसे स्याप्रु बेसी (Syapru Besi) और टिमुरे (Timure) सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। तिब्बत से सटे इस क्षेत्र में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है।

कैसे आई बाढ़?
नेपाल पुलिस के मुताबिक, तिब्बत की तरफ से बहने वाली भोटे कोशी नदी (Bhote Koshi River) में अचानक पानी का जलस्तर बेहद खतरनाक स्तर तक बढ़ने के कारण यह फ्लैश फ्लड आया। इसे देखते हुए प्रशासन ने भोटे कोशी नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सख्त चेतावनी दी है। इसके अलावा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा समेत त्रिशूल नदी बेसिन के आसपास के सभी जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, और लोगों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बुलाई आपातकालीन बैठक
इस भीषण आपदा को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने स्थिति की समीक्षा करने और राहत कार्यों को तेज करने के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट काउंसिल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के सलाहकार असीम शाह ने जानकारी दी है कि पीएम खुद प्रभावित क्षेत्रों के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर्स के सीधे संपर्क में हैं और हालात पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

बचाव अभियान में आ रही हैं मुश्किलें
प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें बर्बादी के दायरे को आंकने और तेज बहाव में लापता हुए लोगों की तलाश में जुटी हैं। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दुर्गम पहाड़ी इलाके और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण बचाव अभियानों में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। जैसे-जैसे रेस्क्यू टीमें अंदरूनी इलाकों तक पहुंच रही हैं, हताहतों और नुकसान को लेकर और अधिक आधिकारिक जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

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Pakistan hospital fire: इस्लामाबाद के सरकारी अस्पताल में बड़ा हादसा, एसी कंप्रेसर फटने से 15 नवजात जिंदा जले

Pakistan hospital fire: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। एक सरकारी अस्पताल में बुधवार, 26 अगस्त को अचानक भीषण आग भड़क उठी। स्थानीय मीडिया चैनल 'जियो टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, इस वीभत्स अग्निकांड में कम से कम 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। यह दुखद घटना इस्लामाबाद स्थित प्रतिष्ठित 'पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (PIMS) अस्पताल में घटी है।

सिर्फ एक बच्चा सुरक्षित बचा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त अस्पताल के गाइनोलॉजी वार्ड की नर्सरी में कुल 16 नवजात शिशु मौजूद थे। आग की इस चपेट में आने से 15 मासूमों की जान चली गई, जबकि गनीमत यह रही कि एक शिशु को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों ने स्थानीय चैनल को जानकारी दी कि अस्पताल की नर्सरी के अंदर एयर कंडीशनर (AC) का कंप्रेसर फटने की वजह से यह आग फैली थी। फिलहाल, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन जारी है।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल से वापस जेल भेजा गया
एक अन्य बड़ी खबर में, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते शुक्रवार तड़के इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से कुछ घंटे बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब पाकिस्तानी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी, जिसमें अदालत से उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में शिफ्ट करने के आदेश पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया गया था।

शिफा इंटरनेशनल अस्पताल से अड़याला जेल लौटे पीटीआई संस्थापक
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और 73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को अड़याला जेल से निकालकर 'शिफा इंटरनेशनल अस्पताल' ले जाया गया था। पीटीआई के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी (जुल्फ़ी बुखारी) ने समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से पालन किया गया है।

बता दें कि इमरान खान ने साल 2018 से 2022 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था, लेकिन सैन्य तनाव के बीच अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद उन्हें सत्ता गंवानी पड़ी थी। इसके बाद, भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने पर उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17 साल की सजा सुनाई गई थी। साल 2023 से ही खान अड़याला जेल में बंद हैं और उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनकी पार्टी शुरू से ही इन सभी आरोपों को झूठा और राजनीतिक बदला बताते हुए उनकी सेहत बेहद खराब होने का दावा करती रही है।

समर्थकों ने ली राहत की सांस
इससे पहले, कई ऐसी अप्रमाणित खबरें भी सामने आई थीं जिनमें दावा किया गया था कि जेल के भीतर इमरान खान की मौत हो चुकी है। हालांकि, शुक्रवार के घटनाक्रम से उनके समर्थकों ने बड़ी राहत की सांस ली है, जो इसके बाद शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए थे और उनके समर्थन में नारेबाजी की। पीटीआई के 52 वर्षीय समर्थक बिलाल ने कहा कि उनका प्यार और जुड़ाव हमेशा इमरान खान के साथ बना रहेगा।

दूसरी ओर, पाकिस्तानी सरकार ने देश की सर्वोच्च अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए कहा है कि मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने का जो आदेश पारित किया गया था, कोर्ट उसमें संशोधन करे। प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राना सनाउल्लाह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए बयान में कहा कि खान को दी गई यह राहत कानून के बिल्कुल अनुकूल नहीं है और सरकार ने इसके खिलाफ दोबारा पुनर्विचार याचिका दायर की है।

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करुण नायर ने अचानक छोड़ी साउथ जोन की टीम, दलीप ट्रॉफी फाइनल में भारी विवाद

Karun Nair Duleep Trophy Controversy: दलीप ट्रॉफी फाइनल के लिए साउथ जोन की प्लेइंग इलेवन में शामिल न किए जाने के बाद करुण नायर अचानक घर 'लौट' आए. जहां सोमवार को उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ KSCA सेक्रेटरी XI के लिए शतक लगाया. अब सोशल मीडिया पर साउथ जोन की कमजोर टीम और नायर को इग्नोर करने पर जमकर विवाद जारी है. Tue, 8 Sep 2026 10:22:50 +0530

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